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हो सकता है आपको भी आया हो हार्ट अटैक!
- Author, क्लाडिया हेमंड
- पदनाम, बीबीसी फ़्यूचर
दिल के दौरे का सबसे बड़ा लक्षण माना जाता है- सीने में तेज़ दर्द. अक्सर किसी फ़िल्मी दृश्य में जब कभी किसी को दिल का दौरा पड़ता है तो वो अपना सीना ज़ोर से जकड़ लेता है, दर्द के मारे उनकी आँखों में घबराहट दिखने लगती है और वो ज़मीन पर गिर पड़ते हैं. हम सभी को लगता है कि दिल का दौरा पड़ने पर ऐसा ही एहसास होगा जैसे हमारे सीने को कुचला जा रहा है. ऐसी अनुभूति होती भी है, लेकिन हमेशा नहीं.
जब दिल तक खून की आपूर्ति नहीं हो पाती तो दिल का दौरा पड़ता है. आमतौर पर खून के किसी थक्के के बीच में आने की वजह से खून दिल तक नहीं पहुँच पाता, इसीलिए सीने में तेज़ दर्द होता है. लेकिन कभी-कभी दिल के दौरे में दर्द नहीं होता.
कई बार बहुत हल्का दर्द होता है और लोगों को लगता है कि अपच के कारण गैस की वजह से ये दर्द हो रहा है और फिर जब कभी अस्पताल में ईसीजी होता है तब पता चलता है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था. इसे साइलेंट हार्ट अटैक कहा जाता है.
सीने में दर्द नहीं होता
2016 में प्रकाशित एक शोध अध्ययन के मुताबिक दिल के दौरे के 45% मामले साइलेंट हार्ट अटैक के हो सकते हैं.
हालांकि, शोध के लिए ये आंकड़े 1990 से इकट्ठे किए जा रहे हैं और तब से अब तक दिल के दौरों के निदान में काफ़ी सुधार आया है. इसलिए हो सकता है कि सच्चाई इतनी भयावह न हो, लेकिन अब भी बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें पता ही नहीं चल पाता कि उन्हें दिल का दौरा पड़ रहा है.
कई बार मरीज़ को जबड़े, गर्दन, बाँह, पेट या पीठ में दर्द होता है, सांस लेने में तकलीफ़ होती है, कमज़ोरी महसूस होती है, चक्कर आते हैं, पसीना आता है, उल्टियाँ आती हैं- लेकिन सीने में भयंकर दर्द नहीं होता और वे समझ नहीं पाते कि दरअसल उन्हें दिल की बीमारी है.
महिलाओं में अधिक दर्द
आमतौर पर माना जाता है कि सीने में दर्द के बिना दिल का दौरा पड़ने के मामले महिलाओं में ज़्यादा होते हैं, जिससे उन्हें देर से डॉक्टरी मदद मिल पाती है और उनके बचने की संभावनाएं कम हो जाती हैं. इस मान्यता की सच्चाई जाँचने के लिए कनाडा के शोधकर्ताओं ने 2009 में दिल के दौरे के लक्षणों को मापने के लिए एंजियोप्लास्टी कराने वाले 305 मरीज़ों का अध्ययन किया.
एंजियोप्लास्टी में बंद रक्तवाहिनी में एक छोटा गुब्बारा डालकर उसे फुलाया जाता है ताकि उसे फिर से खोला जा सके. इस प्रक्रिया के लक्षण दिल के दौरे के लक्षण से कुछ मिलते-जुलते हैं. इसलिए शोध के दौरान जब रक्तवाहिनी के अंदर गुब्बारा फुलाया गया तो मरीज़ों से पूछा गया कि उन्हें क्या महसूस हो रहा है. सीने में बेचैनी, बांह में दर्द, सांस लेने में तकलीफ़, पसीना आने या मतली आने जैसे लक्षण पुरुषों और स्त्रियों में एक जैसे थे. लेकिन महिलाओं ने सीने में दर्द के साथ-साथ गर्दन और जबड़े में दर्द की शिकायत पुरुषों के मुक़ाबले ज़्यादा की.
कुछ और भी अध्ययन किए गए, लेकिन इस मान्यता को लेकर कोई ठोस नतीजे नहीं निकले. फिर 2011 में एक व्यापक समीक्षा की गई जिसका एकमात्र उद्देश्य यह समझना था कि क्या दिल के दौरे के संबंध में महिलाओं और पुरुषों के अनुभव में कोई अंतर है.
समीक्षा में अमरीका, जापान, स्वीडन, जर्मनी, ब्रिटेन, जापान और कनाडा के अध्ययनों को शामिल किया गया. इस सबसे बड़े अध्ययन में 9 लाख से भी अधिक दिल के रोगियों की समीक्षा की गयी. 26 सर्वोत्तम अध्ययनों के आंकड़े लिए गए, उन्हें आपस में मिलाया गया और फिर उनका दोबारा विश्लेषण किया गया.
इस समीक्षा का निष्कर्ष था कि दिल का दौरा पड़ने पर महिलाओं में सीने के दर्द की शिकायत पुरुषों के मुक़ाबले कम होती है, लेकिन थकान, मतली, चक्कर, गर्दन, जबड़े या बांह में दर्द की शिकायत पुरूषों के मुक़ाबले ज़्यादा होती है. लेकिन यह भी पाया गया कि अधिकांश मामलों में महिलाएं और पुरुष दोनों ही को सीने में दर्द की शिकायत होती है, लेकिन करीब 33% महिलाओं और लगभग 25% पुरुषों को दिल के दौरे के वक़्त सीने में किसी दर्द या जलन या बेचैनी का एहसास नहीं हुआ और इस वजह से उन्हें यह समझने में भी मुश्किल हुई कि आखिर उनके साथ हो क्या रहा है.
डॉक्टरी मदद लेने में कोताही
सीधी-सी बात है जब आप लक्षणों की गंभीरता को समझेंगे ही नहीं तो आप मदद भी नहीं मांगेंगे. औसतन लोग डॉक्टरी मदद लेने से पहले 2 से 5 घंटे इंतज़ार करते हैं.
एक नए अध्ययन में लोगों की विचार प्रक्रिया को समझने की कोशिश की गई कि लोग कैसे तय करते हैं कि हालत बहुत गंभीर है और डॉक्टर की मदद ली जानी चाहिए. दिल का दौरा झेल चुकी कुछ महिलाओं का साक्षात्कार लिया गया. उनमें से आधी महिलाओं को दिल के दौरे के समय महसूस हुआ कि उनके साथ कुछ गड़बड़ हो रही है और उन्होने तुरंत डॉक्टरी सहायता ली. जबकि आधी महिलाओं को पता ही नहीं चला कि उनके लक्षण दिल के दौरे के हैं. उन्होंने किसी को कुछ नहीं बताया और इंतज़ार करने का निर्णय लिया.
तो सबक यह है कि सीने में भयंकर दर्द तो खतरनाक है ही और इसकी वजह दिल का दौरा हो सकता है, लेकिन इतने ही ख़तरनाक बाकी लक्षण भी हैं जैसे जबड़े, बांह या गर्दन में दर्द, जी मितलाना या चक्कर आना . इसलिए इन लक्षणों को भी नज़रअंदाज़ न करें और तुरंत डॉक्टर की मदद लें.
(अंग्रेज़ी में मूल लेख पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी फ़्यूचर पर उपलब्ध है.)
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