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सांपों का सेक्स समझ हैरान रह जाएंगे आप!
सेक्स दुनिया का सबसे पेचीदा मसला है. क़ुदरत ने इसमें इतने पेंच डाल दिए हैं कि इस बारे में जितना रिसर्च करो, उतना ही नयापन दिखता है. उतनी ही चौंकाने वाली बातें सामने आती हैं. हर जीव के साथ सेक्स का तरीक़ा, नज़रिया, मिथक बदलता जाता है. फिर वो चाहे इंसानों की बात हो, या सांपों की.
जीज़स रिवास अमरीका की मेक्सिको हाईलैंड्स यूनिवर्सिटी में सांपों के विशेषज्ञ हैं. अंग्रेज़ी में ऐसे जानकारों को हर्पीटोलॉजिस्ट कहते हैं.
हाल ही में जीज़स को दक्षिण अमरीका में पाए जाने वाले विशालकाय सांपों यानी अनाकोंडा की सेक्स लाइफ़ के बारे में अजीबोग़रीब बात पता चली.
अनाकोंडा में मादा, सेक्स के बाद नर को खा जाती है. पहले वैज्ञानिक ये समझते थे कि सांपों में सेक्स के दौरान मर्द हावी रहते हैं.
मादा सिर्फ़ नर सांप के इशारों पर नाचती है. मगर अनाकोंडा के बारे में इस जानकारी ने उन्हें चौंका दिया है. जीज़स बताती हैं कि सांपों के मेटिंग के बारे में ये सबसे ताज़ा चौंकाने वाली जानकारी है.
सेक्स में हावी रहती है मादा
दूसरी नस्ल के जानवरों में नर बड़े आकार के होते हैं. वो ताक़तवर होते हैं. लेकिन सांपों के मामले में इसका उल्टा होता है. इसीलिए कई बार सेक्स के बाद मादा सांप, नर को निगल जाती है. अनाकोंडा में मादा, कई बार तो नर से पांच गुना तक बड़ी होती है. ये उसके नर को आसानी से निगल जाने में मददगार होता है.
छिपकलियों, परिंदों और स्तनधारी जानवरों में नर आम तौर पर मादा से बड़े आकार के होते हैं. इसकी क़ुदरती वजह ये है कि शरीर के मादा के मुक़ाबले बड़ा होने पर उन्हें यौन संबंध बनाने के लिए साथी तलाशने में सहूलियत होती है.
लेकिन सांपों में नर के मादा से बड़े होने का फ़ायदा नहीं. सेक्स के लिए दूसरे नर सांपों से मुक़ाबले में अक्सर नर सांप अपनी पूंछ से दूसरे को धकेलकर मादा सांप के जननांग तक पहुंच हासिल कर लेते हैं. इसके लिए उन्हें मादा से बहुत बड़ा होने की ज़रूरत नहीं.
सेक्स की ख़्वाहिश मादा ही ज़ाहिर करती है
मादा सांप का विशाल होना ज़्यादा से ज़्यादा अंडे देने और बच्चे पैदा करने में मददगार होता है. इसीलिए छोटे नर सांप, सेक्स के साथी के तौर पर विशाल मादा सांप तलाशते हैं. मगर, सवाल ये उठता है कि सांपों को तो ठीक से दिखाई नहीं देता, ऐसे में वो यौन संबंध के लिए बड़ी मादा को कैसे तलाशते हैं?
रिसर्च से पता चला है कि सांपों में सेक्स की ख़्वाहिश जताने की पहल मादा करती है. जब मादा सांप सुप्तावस्था यानी सर्दियों या गर्मियों में हाइबरनेशन से बाहर आती है, तो वो केंचुल छोड़ती है.
इसके बाद वो फेरोमॉन नाम के हॉर्मोन छोड़ती है. इसी की मदद से नर सांप उसकी तरफ़ खिंचे चले आते हैं. इन हॉर्मोन की मदद से नर सांप, मादा के आकार के बारे में भी पता लगा लेते हैं.
सांपों के ब्रीडिंग सीज़न में मादा जितनी ही बड़ी होगी, उसके शरीर से उतने ही ज़्यादा केमिकल रिलीज़ होंगे. इनका पीछा करते हुए नर सांप उन तक सेक्स करने पहुंचते हैं. ऐसा नहीं है कि नर सांप, छोटे आकार की मादा को लुभाने की कोशिश नहीं करते.
मगर ऐसा होता बहुत कम है. और इस दौरान अगर कोई बड़े आकार की मादा आस-पास हुई, तो नर सांप झट से पाला बदल लेते हैं. सांपों के बारे में आम तौर पर माना जाता है कि नर सांप, एक साथ कई मादा से ताल्लुक़ बनाते हैं. मगर नए रिसर्च इसके उलट नतीजों के साथ सामने आए हैं.
किसी ख़ास मादा के पीछे पड़ जाते हैं अनाकोंडा
ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ वोल्वरहैंपटन के मार्क ओ'शिया ने पाया कि मलयेशिया में पाया जाने वाला पैराडाइज़ फ्लाइंग स्नेक इसके उलट बर्ताव करता है. यहां कई नर एक मादा का पीछा करते हैं.
इसी से संबंधित सांपो की एक और नस्ल कील-बेलीड-व्हिपस्नेक में भी देखा गया है कि कई नर मिलकर एक मादा को लुभाने का मुक़ाबला करते हैं.
ज़मीनी स्तर पर सांपों के बीच 'ओर्जी' यानी एक साथ, एक जगह कई जोड़ों का सेक्स करना) बहुत ज़्यादा होती देखी जाती है. जैसे अनाकोंडा में मादा कीचड़ में एक जगह ठहरकर बैठ जाती है.
वहीं नर अनाकोंडा उसके इर्द-गिर्द मंडराने लगते हैं. उससे लिपटकर उसे रिझाने की कोशिश करते हैं. वैज्ञानिक कहते हैं कि कई बार तो ये प्रक्रिया महीने भर तक चलती है.
जीज़स रिवास बताते हैं कि उन्होंने एक बार एक ग्रीन अनाकोंडा नर को एक मादा के पीछे हाथ धोकर पड़ते देखा था. जबकि आस-पास कई और मादा अनाकोंडा सेक्स थीं, जिनसे वो सेक्स कर सकता था.
लेकिन वो एक ही मादा के पीछे पड़ा रहा और उसके साथ सेक्स करके ही माना. जीज़स कहते हैं कि शायद ये उसकी सच्ची मुहब्बत थी.
एक मादा के पीछे सौ-सौ नर सांप
कनाडा में पाए जाने वाले गार्टर स्नेक के बीच तो और भी भयंकर मुक़ाबला होता है. यहां तो एक मादा के पीछे सौ-सौ नर सांप पड़ जाते हैं. वो उसके इर्द-गिर्द लिपटे रहते हैं, कनाडा के मैनिटोबा के जंगलों में सांपो के मेटिंग सीज़न में ये मंज़र बेहद आम होता है.
हालांकि सांपों की ये नस्ल अमरीका के दूसरे हिस्सों में ऐसा नहीं करती. यानी इलाक़े के हिसाब से सांपों के सेक्स करने का बर्ताव बदल जाता है. जैसे कि न्यू मेक्सिको में पाए जाने वाले गार्टर स्नेक ऐसा नहीं करते.
सांपों के इस 'स्वयंवर' में मादा ही अपना सेक्स साथी चुनती है. मादा ही अपने यौन अंग से सेक्स की पूरी प्रक्रिया को कंट्रोल करती है. वो यौन संबंध का साथी चुनने के साथ-साथ ये भी तय करती है कि सेक्स की प्रक्रिया कितनी देर चलेगी.
तसल्ली नहीं तो दूसरे साथी की तलाश
अगर उसे किसी नर के साथ यौन संबंध से तसल्ली नहीं है, तो वो फौरन उससे छुटकारा पा लेती है. और फिर दूसरे साथी की तलाश करती है. अब बड़ा सवाल ये है कि मादा ये कैसे तय करती है कि कौन सा नर सांप उसके साथ सेक्स के लिए मुफ़ीद रहेगा?
इस सवाल का सटीक जवाब अब तक वैज्ञानिक नहीं खोज पाए हैं. शायद ये नर की क़ाबिलियत और उसकी लगन पर निर्भर करता है. या फिर मादा अपने छूने की ताक़त से नर की ताक़त का अंदाज़ा लगाती होगी.
वैसे मादा सांप किसी एक नर से ही यौन संबंध बनाए ये ज़रूरी नहीं. अक्सर देखा गया है कि मादा सांप कई नर सांपों से सेक्स करती है. वहीं, नर सांप आम तौर पर किसी एक मादा के सेक्स के लिए रज़ामंद होने पर उसके प्रति वफ़ादार बने रहते हैं. जब मादा सो जाती है, तब भी वो उसके इर्द-गिर्द ही मंडराते रहते हैं.
मादा एक साथ कई सेक्स पार्टनर क्यों चुनती है?
आख़िर मादा सांप कई यौन साथी क्यों चुनती है? शायद उसके अंदर सेक्स की ज़्यादा चाहत होती होगी. या फिर कई सांपों से यौन संबंध बनाकर मादा सांप ये तय करती होगी कि किस नर के साथ उसके सबसे ताक़तवर बच्चे होंगे. क्योंकि सेक्स का मक़सद तो अगली पीढ़ी को जन्म देना ही है.
मादा सांप, नर के शुक्राणु को कुछ दिनों तक अपने अंदर सहेजकर रखने की ताक़त रखती है. शायद इसीलिए वो कई नर सांपों से सेक्स करके फिर उसमें से उस साथी के शुक्राणु के साथ बच्चे पैदा करने का तय करती होगी, जिससे सबसे सेहतमंद बच्चे पैदा होने का अंदाज़ा हो!
क़ुदरत के खेल देखिए कि मादा सांप कई बार सेक्स के बाद ख़ास तरह का फेरोमॉन हॉर्मोन छोड़ती है, जिससे नर सांप को संदेश जाता है कि अब वो सेक्स नहीं करेगी. वहीं अमरीका के लाल गार्टर स्नेक में नर, यौन संबंध बनाने के बाद जिलेटिन जैसा पदार्थ मादा के यौन अंग में छोड़ता है.
मादा के साथ कोई जबर्दस्ती नहीं कर सकता
इसे वैज्ञानिक 'मेटिंग प्लग' कहते हैं. इससे मादा के यौन अंग का रास्ता बंद हो जाता है. यानी इसके बाद अगर कोई नर सांप चाहे भी तो, उस मादा के साथ सेक्स करके बच्चे पैदा नहीं कर सकता. क्योंकि उसके शुक्राणु अंदर ही नहीं जाएंगे.
मगर ये 'मेटिंग प्लग' सौ फ़ीसदी कारगर नहीं होते. अक्सर गिर जाते हैं. वैसे कई सांपों में इन मेटिंग प्लग में शुक्राणु भरे होते हैं, जो थोड़ी-थोड़ी देर में मादा के अंडाणु तक पहुंचने का सफ़र शुरू करते हैं. यानी इन 'मेटिंग प्लग' के ज़रिए नर सांप अपनी नस्ल को आगे बढ़ाने का काम भी करते हैं.
वैसे अगर किसी मादा सांप से कई नर सेक्स करते हैं, तो, सबसे आख़िर में ऐसा करने वाला मुनाफ़े में रहता है. उसके शुक्राणु सबसे ऊपर रहते हैं और पहले अंडाणु तक पहुंच जाते हैं. मगर, सेक्स के बाद सवाल ख़ुद को बचाने का होता है. क्योंकि मादा अनाकोंडा तो सेक्स के बाद नर को खा जाती है. इसलिए नर अक्सर सेक्स के बाद भाग निकलने की जुगत में रहते हैं.
मादा अनाकोंडा सेक्स के बाद नर को खा जाती है
हालांकि, हर बार मादा अनाकोंडा, सेक्स करके नर को खा जाती हो, ऐसा भी नहीं है. मगर ये साफ़ नहीं है कि कब वो नर को सेक्स के साथ खाने के तौर पर चुन लेती हैं.
इसकी वजह भी पक्के तौर पर नहीं मालूम. शायद नर को खाने से मादा को ज़रूरी पौष्टिक आहार मिल जाता है. क्योंकि गर्भवती मादा अनाकोंडा सात महीने तक कुछ नहीं खाती-पीती.
सांपो के सेक्स का तरीक़ा उतना ही पेचीदा है, जितना ख़ुद यौन रिश्तों का मामला. लेकिन इनकी आदतें, मकड़ियों से काफ़ी मिलती हैं. दोनों ही मामलों में मादा, आकार में नर से बड़ी होती हैं. नर के बीच मादा को लुभाने के लिए काफ़ी कड़ा मुक़ाबला होता है.
पूरे सेक्स संबंध को मादा ही कंट्रोल करती है. और कई बार मादा, सेक्स के बाद नर को खा भी जाती है.
मकड़ियों और सांपों के बीच कोई क़ुदरती रिश्ता नहीं. धरती पर जीवन के विकास की प्रक्रिया में दोनों करोड़ों साल पहले अलग हो गए थे.
फिर उनकी सेक्स की आदतें कैसे इतनी मिलती हैं? इस सवाल के जवाब में अटकलों का दौर जारी है. आख़िर सेक्स दुनिया का सबसे पेचीदा विषय जो ठहरा!
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