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'भारत को नंबर वन कहना जल्दबाज़ी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली ने कहा है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम का वर्चस्व भले ही टूट रहा है, लेकिन भारत को नंबर एक टीम कहना जल्दबाज़ी होगी. उन्होंने गुरुवार को नई दिल्ली में कहा कि भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की टीम को पहले पायदान पर पहुँचने के लिए विदेशों में उम्दा प्रदर्शन करना पड़ेगा. उनका कहना था, "भारतीय टीम बहुत अच्छी है लेकिन उसकी असली परीक्षा विदेशों में होगी जहां परिस्थितियां अलग तरह की होती है." भारत को इस वर्ष न्यूज़ीलैंड का दौरा करना है और गांगुली के मुताबिक वहाँ भारतीय टीम की कड़ी परीक्षा होगी. वो कहते हैं, "यदि आप पिछले साल को देखो तो भारत ने अपनी ज़मीन पर अधिक क्रिकेट खेली." पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि जब सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे खिलाड़ी क्रिकेट को अलविदा कहेंगे तब उनकी भरपाई कर पाना आसान नहीं होगा. इसके बावजूद उन्होंने कहा कि'भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है और इन दिग्गजों की जगह लेने वाले युवा खिलाड़ियों को खुद को स्थापित करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए. ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में हराने वाली टीम दक्षिण अफ़्रीका से भारत की तुलना पर गांगुली का कहना था, "भारत को मैं उतना मज़बूत नहीं मानता. यदि आप पिछली नौ सीरीजों में दक्षिण अफ्रीका का प्रदर्शन देखो तो उसने कोई सिरीज़ नहीं गंवाई. उसने आस्ट्रेलिया को उसकी सरज़मीं पर हराया और इंग्लैंड को उसकी धरती पर आसानी से मात दी." | इससे जुड़ी ख़बरें क्रिकेट के क़रीब ही रहेंगे गांगुली28 दिसंबर, 2008 | खेल की दुनिया 'युवराज टेस्ट क्रिकेट में भी सफल रहेंगे'17 दिसंबर, 2008 | खेल की दुनिया कमज़ोर नहीं हुई है 'दीवार' : गांगुली14 दिसंबर, 2008 | खेल की दुनिया टकराव के रास्ते पर धोनी!23 नवंबर, 2008 | खेल की दुनिया गांगुली बीसीसीआई की समिति के सदस्य20 नवंबर, 2008 | खेल की दुनिया 'देश के लिए खेलना सपना सच होने जैसा'10 नवंबर, 2008 | खेल की दुनिया नागपुर में विश्व चैंपियन धराशायी10 नवंबर, 2008 | खेल की दुनिया क्रिकेट से सौरभ गांगुली की विदाई10 नवंबर, 2008 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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