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जब शूमाकर ने चलाई टैक्सी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फॉर्मूला वन रेस चैंपियन अगर टैक्सी चलाए तो क्या होगा. होगा क्या टैक्सी वाले की सांस अटक जाएगी और चैंपियन समय से पहले अपने गंतव्य पर पहुंचेगा... जी हां ऐसा ही कुछ हुआ जर्मनी के एक टैक्सी ड्राईवर के साथ जब एयरपोर्ट के लिए लेट हो रहे फॉर्मूला वन चैंपियन माइकल शूमाकर ने टैक्सी की स्टेयरिंग अपने हाथ में ले ली. सात बार के फॉर्मूला वन रेस चैंपियन शूमाकर ने फिर ऐसी टैक्सी दौड़ाई की वो समय से पहले ही एयरपोर्ट पहुंच गए. टैक्सी ड्राईवर टंकर यिलमाज़ बताते हैं, ' मेरी हालत ऐसी थी कि मैं अपनी टैक्सी में यात्री बन चुका था और मेरा ड्राईवर फॉर्मूला वन रेस का चैंपियन.' यिलमाज़ बताते हैं कि शूमाकर ने न केवल पूरी तेज़ी से टैक्सी दौड़ाई बल्कि कई स्थानों पर बेहतरीन नियंत्रण का परिचय देते हुए अन्य गाड़ियों से आगे भी निकल गए. असल में शूमाकर अपने परिवार के साथ कोबर्ग शहर गए थे जहां से वो एड नामक कुत्ते को लेकर आ रहे थे. अपनी पत्नी और बच्चे के साथ लौट रहे शूमाकर जब वापसी के लिए एयरपोर्ट चले तो उन्हें देर होने लगी.बस फिर क्या था टैक्सी ड्राईवर से उन्होंने आग्रह किया कि गाड़ी चलाने का मौका उन्हें दिया जाए. चैंपियन का आग्रह टैक्सी ड्राईवर कैसे डालता. ड्राईवर यिलमाज़ को न केवल शूमाकर की ड्राईविंग को नज़दीक से देखने का मौका मिला बल्कि जाते जाते शूमाकर ने उन्हें 100 यूरो की टिप भी दी. | इससे जुड़ी ख़बरें सचिन की कार विवाद में11 अगस्त, 2003 | खेल की दुनिया शूमाकर ने फॉर्मूला वन में इतिहास बनाया12 अक्तूबर, 2003 को | खेल की दुनिया शूमाकर ने जीत की हैट्रिक लगाई05 अप्रैल, 2004 | खेल की दुनिया 'हास्यास्पद' रेस में माइकल शूमाकर जीते20 जून, 2005 | खेल की दुनिया शूमाकर लेंगे खेल से संन्यास10 सितंबर, 2006 | खेल की दुनिया शूमाकर करियर की आख़िरी रेस में पिछड़े22 अक्तूबर, 2006 | खेल की दुनिया शूमाकर ने मोटर रेसिंग को अलविदा कहा23 अक्तूबर, 2006 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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