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जर्मनी की नागरिकता चाहते हैं शेन वॉर्न | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलिया के जाने-माने स्पिनर शेन वॉर्न अब जर्मनी की नागरिकता लेना चाहते हैं ताकि वो काउंटी क्लब में ग़ैर-विदेशी खिलाड़ी की हैसियत से खेल सकें. इस ख़बर के पीछे काउंटी क्रिकेट का एक दिलचस्प पेंच है. दरअसल, शेन वॉर्न हैंपशायर काउंटी क्रिकेट टीम के कप्तान हैं. अगर उन्हें जर्मनी की नागरिकता मिल जाती है तो उनकी काउंटी यूरोप के बाहर के कोटे से एक दूसरे विदेशी खिलाड़ी को टीम में शामिल कर सकेगी. ख़ुद शेन वॉर्न ने इस ख़बर की पुष्टि की है. वॉर्न इस बाबत बीबीसी को बताते हैं, "देखिए, मैं इतना कह सकता हूँ कि मेरी माँ जर्मन थीं. जब वो चार-पाँच साल की थीं तभी वो ऑस्ट्रेलिया आ गई थीं." वॉर्न पिछले तीन बरसों से काउंटी क्लब से जुड़े हुए हैं और फिलहाल काउंटी क्लब के साथ उनका अगले क्रिकेट सीज़न के ख़त्म होने तक का अनुबंध है. वॉर्न अपनी माँ के जर्मन मूल के होने के तर्क को आधार बनाकर उन्हें जर्मनी की नागरिकता दिए जाने की बात कह रहे हैं पर सवाल यह उठता है कि वॉर्न को दोहरी नागरिकता लेने की ज़रूरत क्यों पड़ रही है. वजह यह है कि क्लब को फिलहाल दो विदेशी खिलाड़ियों को टीम में रखने की अनुमति हासिल है पर अगले वर्ष गर्मियों तक यह सीमा घटकर एक खिलाड़ी की हो जाएगी. ऐसे में वॉर्न चाहते हैं कि उन्हें यूरोप की नागरिकता मिल जाए ताकि टीम में एक विदेशी खिलाड़ी के तौर पर किसी और खिलाड़ी को लिया जा सके. वॉर्न ने इस बारे में कहा, "यूरोप में कमाल के बदलाव आ रहे हैं. यूरोप के खिलाड़ी इंग्लैंड में अब स्थानीय खिलाड़ियों की तरह माने जा सकते हैं. ऐसे में हम यह सोच रहे हैं कि अगले साल जब एक ही विदेशी खिलाड़ी खेल सकता है तो नागरिकता लेने से हमारे क्लब को फ़ायदा हो सकता है." | इससे जुड़ी ख़बरें वॉर्न-मैकग्रा भारतीय लीग से जुड़ सकते हैं25 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वॉर्न के हज़ार विकेट03 जनवरी, 2007 | खेल की दुनिया स्पिन सम्राट ने क्रिकेट को अलविदा कहा21 दिसंबर, 2006 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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