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भारत-श्रीलंका मैच की झलकियाँ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
क्या ये सचिन की विश्व कप में आख़िरी पारी थी? सभी क्रिकेट प्रेमियों के मन में यही सवाल मँडरा रहा है. श्रीलंका के ख़िलाफ़ मैच में सचिन शून्य पर आउट हुए और उनके आउट होते ही स्टेडियम का एक हिस्सा शांत हो गया. लोग सिर पकड़ पर बैठ गए. क्या सचिन की ये नाकामी भारत को भारी पड़ने वाली है. ये तो आने वाला समय ही बताएगा और समय ये भी बताएगा कि सचिन की यह विश्व कप की आख़िरी पारी थी या नहीं. श्रीलंकाई क्षेत्ररक्षण श्रीलंका के खिलाड़ी मैदान पर होते हैं तो उनकी कलाबाज़ियाँ देखना भी काफ़ी अच्छा अनुभव होता है.
रसेल अर्नाल्ड हों या फिर सीमा रेखा पर खड़े मुरलीधरन- हर कोई चौकस और चाक-चौबंद. उथप्पा ने आउट होने से पहले दो धमाकेदार शॉट लगाए लेकिन एक को अर्नाल्ड ने रोका तो दूसरे को सीमा रेखा पर दौड़ते मुरलीधरन ने. श्रीलंकाई खिलाड़ियों की कलात्मक फ़ील्डिंग देखकर भारतीय दर्शकों का भी एक खेमा तालियाँ पर तालियाँ पीट रहा है. दादा की वापसी? टीम में वापसी के बाद बल्लेबाज़ी का कमाल दिखा चुके सौरभ गांगुली ने जब संगकारा का विकेट लिया, तो भारतीय कैंप की ख़ुशी देखते ही बनती थी.
दादा को गले लगाने के बाद भी कप्तान राहुल द्रविड़ काफ़ी देर तक उनसे बतियाते रहे. सभी खिलाड़ियों ने गांगुली की पीठ ठोंकी. दर्शकों का एक वर्ग चिल्ला रहा था- कम ऑन दादा, यू आर बैक. लेकिन दादा की फ़ील्डिंग पर अभी भी सवाल बने हुए हैं. पहले सहवाग और फिर बाद में हरभजन ने दादा को फ़ील्डिंग के बारे में जाकर कहा और गांगुली...उन्होंने अब सुनने की आदत डाल ली है. शाबाश हरभजन इस मैच में कुंबले की जगह हरभजन टीम में शामिल हैं. हरभजन की मैदान पर मौजूदगी कई लोगों को काफ़ी रास आती है. इनमें कई खिलाड़ी भी हैं.
हरभजन तेज़ और फ़ुर्तीले फ़ील्डर भी हैं. अजित अगरकर की गेंद पर जब जयसूर्या ने लेग साइट में एक शॉट लगाया तो हरभजन ने ज़बरदस्त फ़ील्डिंग की. अगरकर अपनी गेंद पर रन बनने से नाराज़ थे. लेकिन जब उन्हें ये लगा कि सभी खिलाड़ी हरभजन की सराहना में तालियाँ पीट रहे हैं तो उन्होंने भी ताली पीटी. मगर थोड़ी देर से. अंपायर की नज़र भी रीप्ले पर मुनाफ़ पटेल की गेंद पर उपुल थरंगा के ख़िलाफ़ ज़बरदस्त अपील हुई. सारे भारतीय खिलाड़ी चीखे लेकिन अंपायर डेरेल हार्पर पर कोई असर नहीं पड़ा. मायूस मुनाफ़ वापस गेंद करने के लिए मुड़े लेकिन स्क्वेयर लेग पर खड़े अंपायर अलीम दार की नज़र रीप्ले स्क्रीन पर लगी थी. खिलाड़ियों के साथ-साथ अंपायर भी रीप्ले देखकर यह जानने की कोशिश करते हैं उन्होंने कितना सही या ग़लत फ़ैसला दिया. धोनी का धमाल श्रीलंका के कप्तान जयवर्धने का शानदार कैच लपकने के बाद धोनी की ख़ुशी का ठिकाना नहीं था. क्योंकि इससे पहले वे दो शॉट छोड़ चुके थे. धोनी की इस ख़ुशी में भारत के बाक़ी खिलाड़ी भी शरीक हुए और सलीके से कंघी किए उनके लंबे बालों को बिगाड़ कर ही दम लिया. अब बाल भले ही बिगड़ जाए लेकिन इस मैच में बात तो बननी ही चाहिए- शायद धोनी यही सोच रहे होंगे |
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