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जसपाल राणा एशियाड के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दोहा में तीन स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय निशानेबाज़ जसपाल राणा को 15वें एशियाई खेलों का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया है. भारत के निशानेबाज़ी इतिहास में सबसे बड़े सितारों में से एक, राणा ये सम्मान पाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं. ‘पिस्टल किंग’ राणा शनिवार को स्वदेश लौट आए थे और इस पुरस्कार को लेने के लिए वो फिर से दोहा जाएँगे. ये पुरस्कार उन्हें शुक्रवार को एशियाई खेलों के समापन समारोह के दौरान दिया जाएगा. 30 वर्षीय राणा ने 12 साल पहले हिरोशिमा में हुए एशियाई खेलों में देश को निशानेबाज़ी में पहला स्वर्ण पदक दिलाया था. इस बार उन्होंने तीन स्वर्ण पदकों के अलावा टीम स्पर्धा में एक रजत पदक भी हासिल किया है. राणा ने समाचार एजेंसियों को बताया कि उन्हें इस पुरस्कार की सूचना भारतीय राष्ट्रीय राइफ़ल संघ यानी एनआरएआई के माध्यम से मिली. उन्होंने कहा, "मैं बहुत खुश हूँ और पुरस्कार लेने के लिए खुद दोहा जाऊँगा." राणा ने कहा कि उन्हें लगता है कि एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहे दस हज़ार एथलीटों में से उन्हें इस पुरस्कार के लिए इसलिए चुना गया है, क्योंकि तेज़ बुखार के बाद भी वो सेंटर फायर में विश्व रिकार्ड की बराबरी के साथ स्वर्ण पर निशाना साधने में सफल रहे थे. एनआरएआई के सचिव बलजीत सिंह सेठी ने कहा कि न सिर्फ़ राणा बल्कि पूरे देश के लिए ये ‘बड़ी उपलब्धि’ है. उन्होंने कहा, "ये बहुत बड़ी ख़बर है. वे 10 हज़ार एथलीटों में सर्वश्रेष्ठ चुने गए हैं. यहाँ तक कि सबसे ज़्यादा स्वर्ण पदक जीतने वाला चीन भी ये पुरस्कार हासिल नहीं कर सका." | इससे जुड़ी ख़बरें राणा ने दूसरा स्वर्ण भी जीता08 दिसंबर, 2006 | खेल राणा ने जीता स्वर्ण पदक07 दिसंबर, 2006 | खेल खेल प्राधिकरण पर जसपाल के सवाल22 फ़रवरी, 2006 | खेल खेल अधिकारी अपना रवैया बदलें: बिंद्रा30 जुलाई, 2006 | खेल निशानेबाज़ी में भारत को तीन स्वर्ण और23 मार्च, 2006 | खेल भारोत्तोलन और निशानेबाज़ी में स्वर्ण18 मार्च, 2006 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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