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मैतरात्सी ने ज़िदान पर 'चुप्पी' तोड़ी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इटली के मार्को मैतरात्सी ने आख़िरकार यह बता दिया है कि ज़िनेदिन ज़िदान ने फुटबॉल विश्व कप के फाइनल में उन्हें ज़ोरदार टक्कर क्यों लगाई? ग़ौरतलब है कि फाइनल मुकाबला जब अंत की ओर बढ़ रहा था तभी मैतरात्सी फ्रांसीसी कप्तान ज़िदान के पास जाकर कुछ बुदबुदाए. इसके बाद ज़िदान ने पलट कर उनके सीने पर जोरदार धक्का लगाया और वो मैदान पर गिर पड़े. इस घटना के लिए फ़ीफ़ा ने दोनों खिलाड़ियों को दंडित किया था. ज़िदान ने फाइनल के बाद कहा था कि मैतरात्सी ने उनकी माँ के बारे में भला बुरा कहा जिससे वो उत्तेजित हो गए. दूसरी ओर मैतरात्सी ने ये तो माना है कि उन्होंने भला बुरा कहा था लेकिन माँ के बारे में नहीं. क्या कहा? उन्होंने 'गजेटा डेल्लो स्पोर्ट' से कहा, "मैंने उनके (ज़िदान) शर्ट को खींचा तब उन्होंने कहा कि वो मुझे अपना शर्ट बाद में दे देंगे. इस पर मैंने उनकी बहन के बारे में अपशब्द कहे." मैतरात्सी कहते हैं, "ऐसा करना कोई अच्छी बात नहीं है. मैं इसे मानता हूँ. लेकिन कई खिलाड़ी तो इससे भी ज़्यादा भला बुरा बकते हैं." फीफा ने इस घटना के लिए मैतरात्सी को दो मैचों के लिए प्रतिबंधित कर दिया और ज़िदान पर तीन मैचों का प्रतिबंध और 3260 पाउंड का ज़ुर्माना लगाया था. हालाँकि ज़िदान ने कभी यह साफ नहीं किया कि आख़िर मैतरात्सी ने उनके ख़िलाफ़ किन शब्दों का इस्तेमाल किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें ज़िदान पर पाबंदी और जुर्माना20 जुलाई, 2006 | खेल ज़िदान ने गुस्से के लिए मांगी माफी12 जुलाई, 2006 | खेल ज़िदान का अपमान किया था: मैतरात्सी11 जुलाई, 2006 | खेल सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब ज़िदान के नाम10 जुलाई, 2006 | खेल आख़िर क्यों भड़क गए ज़िनेदिन ज़िदान?10 जुलाई, 2006 | खेल राष्ट्रपति शिराक ने ज़िदान की सराहना की09 जुलाई, 2006 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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