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सौवें टेस्ट में पोंटिंग के दो शतक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सिडनी में खेल गए तीसरे और अंतिम टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने कप्तान रिकी पोंटिंग के दो शतकों की बदौलत दक्षिण अफ्रीका को हराकर श्रंखला पर 2-0 से क़ब्ज़ा कर लिया. ग़ौरतलब बात ये है कि रिकी पोंटिंग इस टेस्ट में अपना सौवाँ टेस्ट खेल रहे थे और उन्होंने दोनों पारियों में शतक लगाए. दूसरी पारी में तो वह 143 रन बनाकर नाबाद रहे और सौवें टेस्ट में दोहरा शतक लगाने वाले वह पहले खिलाड़ी भी बने. इसी टेस्ट की पहली पारी में पोंटिंग ने 120 रन बनाए थे. इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ग्राइमी स्मिथ ने अपनी दूसरी पारी घोषित की तो ऑस्ट्रेलिया के जीत का लक्ष्य 76 ओवरों में 287 रन था. सिडनी के मैदान पर किसी दूसरी पारी में यह सबसे ज़्यादा लक्ष्य था. लेकिन रिकी पोंटिंग की शानदार बल्लेबाज़ी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने जीत का लक्ष्य दो विकेट पर ही हासिल कर लिया. पोंटिंग ने चौका लगाकर जीत का लक्ष्य हासिल करने में मदद की. उनके साथ ब्रैड होज 27 रन के साथ नाबाद रहे. उनकी तरफ़ से सलामी बल्लेबाज़ मैथ्यू हैडन ने भी बेहतरीन 90 रन का योगदान किया. उनसे पहले जस्टिन लैंगर 20 रन पर आउट हुए और पोंटिंग ने हैडन के साथ 182 रन की साझेदारी निभाई. इस बेहतरीन साझेदारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने एक विकेट के नुक़सान पर 30 को स्कोर से दो विकेट पर 212 का स्कोर खड़ा किया. पोंटिंग अपने स्कोर की बदौलत अब ऐसे दस बेहतरीन खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने सबसे ज़्यादा रन बनाए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मारो या मरो: पॉंटिंग09 मार्च, 2003 | खेल एक टेस्ट जीतने से क्या: पॉटिंग19 दिसंबर, 2003 | खेल पोंटिंग तीसरे टेस्ट में भी नहीं खेलेंगे14 अक्तूबर, 2004 | खेल इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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