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टेस्ट की यादें भुलाना चाहेगा भारत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अरब सागर की रानी केरल राज्य की नगरी कोच्चि के निवासी फुटबॉल के दीवाने हैं. हर गली में एक फुटबॉल टीम है और हर घर में टेलीविज़न पर फुटबॉल मैच दिखाने वाले चैनलों पर आंखें गड़ाए रहते हैं बूढ़े , बच्चे, औरत, मर्द सब के सब. लेकिन पिछले कुछ दिनों से फुटबॉल की दीवानगी कम हो गई है क्रिकेट की धूम से. ऐसा लगता है कि मानो पूरा केरल ही उठकर कोच्चि आ गया हो. जो लोग टिकट पा गए उनकी तो खुशी का ठिकाना नहीं है और जिन्हें नहीं मिला वो यह मानने को तैयार नहीं है कि अब टिकट खिड़की नहीं खुलेगी. बहरहाल मैच के दिन स्टेडियम में नहीं घुस पाए तो क्या हुआ, मैच से एक दिन पहले स्टेडियम के बाहर खड़े होने से उन्हें भला कौन रोक सकता था. दो पुराने प्रतिद्वंद्वियों के बीच हो रही क्रिकेट का लुत्फ उठाने , स्टेडियम के बाहर जमा हज़ारों लोग उस समय खुशी से झूमने लगे जब दो सफेद बसों में सवार भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ी अभ्यास के लिए स्टेडियम पहुंचे. कोच्चि के इसी मैदान पर सौरभ गांगुली ने एकदिवसीय मैचों में कप्तानी की शुरुआत की थी और अब इसी मैदान पर अगर मात्र 64 रन बना लेते हैं तो एकदिवसीय क्रिकेट में उनके दस हज़ार रन पूरे हो जाएंगे.
सौरभ खुद कहते हैं कि उन्हें इसकी चिंता फिलहाल नहीं है क्योंकि आज नहीं तो कल दस हज़ार रन पूरे हो ही जाएंगे. सौरभ की चिंता इस समय इरफान पठान अपनी पूरी फॉर्म में नहीं है. जो गेंदबाज़ी उन्होंने पाकिस्तान में की थी वो धार इस बार उन्होंने अभी तक नहीं दिखाई है. ज़हीर खान भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं. लेकिन सौरभ को बालाजी से बहुत उम्मीदें हैं. वैसे टीम में एक स्पिनर होगा या दो यह पिच के मिजाज़ पर ही निर्भर करेगा. कोच्च के मौसम की चाल कुछ बेढंगी सी ही रही है. पिच में कितनी नमी होगी यह देखने के बाद ही भारतीय टीम का चयन होगा. सौरभ ने हालांकि यह स्पष्ट कर दिया है कि सलामी बल्लेबाज़ के तौर पर सचिन और सहवाग ही पिच पर उतरेंगे. कप्तान सौरभ खुद तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी करने आएंगे. उधर पाकिस्तान की टीम पर बंगलौर की जीत का छाया ख़ुमार फीका पड़ गया है क्योंकि उपकप्तान युनुस खान की तबीयत ख़राब है बेहतरीन फॉर्म में चल रहे युनुस खान कोच्चि के मैच में नहीं खेल सकेंगे. कप्तान इंज़माम अपने हरफनमौला खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें लगाए हुए हैं. उनका मानना है कि इस मामले पर उनकी टीम भारत पर भारी पड़ सकती है. कुल मिलाकर पाकिस्तान की टीम के हौसले बुलंद हैं थोड़े कम बुलंद ही सही बरकरार ज़रुर हैं. दूसरी ओर भारतीय टीम अपने कप्तान सौरभ गांगुली को जीत का तोहफ़ा देना चाहती है ताकि बंगलौर की हार की यादें भुलाई जा सकें. |
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