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दिन सहवाग का, चर्चा सचिन की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मोहाली टेस्ट का तीसरा दिन पूरी तरह वीरेंदर सहवाग के नाम रहा लेकिन चर्चा में रहे सचिन तेंदुलकर. आख़िर मास्टर ब्लास्टर 35वाँ शतक बनाते-बनाते चूक गए. मोहाली स्टेडियम में आलम ये था कि सचिन को विश्व रिकॉर्ड बनाते देखने के लिए एकाएक दर्शकों का हुज़ूम उमड़ने लगा. लेकिन आख़िरकार निराशा हुई, सचिन चूक गए और 94 रन पर आउट हो गए. अब शायद कुछ और समय तक क्रिकेट प्रेमियों को सचिन के 35वें शतक का इंतज़ार करना पड़ेगा. सचिन के शतक से चूक जाने की निराशा से अलग सहवाग की पारी यादगार रही. सहवाग ने 95 रन के व्यक्तिगत स्कोर के आगे खेलते हुए जहाँ अपना शतक पूरा किया वहीं भारत के अन्य बल्लेबाज़ों ने भी बेहतरीन फ़ॉर्म में होने के संकेत दिए. धमाकेदार शुरुआत तीसरे दिन की शुरुआत भी काफ़ी धमाकेदार रही. सहवाग और राहुल द्रविड़ ने पहले घंटे में बेहतरीन बल्लेबाज़ी करते हुए दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी कर भारत को मज़बूत नींव प्रदान की.
216 रन के स्कोर पर भारत को पहला झटका लगा जब राहुल द्रविड़ को मोहम्मद समी ने आऊट किया. द्रविड़ अपना 36वाँ अर्धशतक बना पवेलियन लौट आए. उनका स्थान लेने आए मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर जिनसे काफ़ी उम्मीदें थीं और उन्होंने बेहतरीन स्ट्रेट ड्राइव कर आपने फ़ॉर्म में होने का एहसास भी कराया. वहीं दूसरी तरफ सहवाग ने आक्रामक पारी खेलते हुए अपने 150 रन पूरे किए. उन्होंने ये रन 191 गेंद खेल में पूरे किए, 18 चौकों और 2 छक्कों की मदद से. कुछ समय बाद सहवाग ने भारत में अपना सबसे अधिक स्कोर किया. उससे पहले कानपुर में बनाए 164 रन उनका भारत में सर्वाधिक स्कोर था. नाख़ुश इंज़माम आज मैच में कई बार गेंद बदली गई. काफ़ी समय भी बर्बाद हुआ, लेकिन जो गेंद बदल कर दी गई उससे कप्तान इंज़माम बिल्कुल भी ख़ुश नहीं थे.
दोनों अंपायरों ने इंज़माम से बातचीत की और मैच शुरू हुआ. सहवाग की बेहतरीन पारी आख़िर में 173 रन पर समाप्त हो गई. पुल शॉट मारने की कोशिश में सहवाग एक आसान सा कैच योहाना को थमा बैठे. सहवाग के आऊट होने का कारण सिर्फ़ यह था कि इंज़माम ने फ़ील्ड खोल रखी थी और गेंदबाज़ बिल्कुल रन नहीं दे रहे थे. कप्तान सौरव गांगुली ने उनका स्थान संभाला, लेकिन यह कहना होगा कि वह बिल्कुल अपनी लय में नहीं लगे. 20 रन पर समी की गेंद से छेड़खानी की और बहुत ही बेहतरीन कैच पकड़ा युनूस ख़ान ने पहले स्लिप में लेकिन अंपायर ने उस गेंद को नो बॉल क़रार दिया. अगली ही गेंद पर एक जीवन दान भी मिला. कनेरिया ने उन्हें इतना परेशान किया कि आख़िर में 21 रन पर सिली प्वाइंट पर उनका एक अच्छा कैच ले लिया गया. लक्ष्मण टिके लक्ष्मण जो बहुत ज़्यादा रन बना चुके हैं तीन नंबर पर बल्लेबाज़ी करते हुए लेकिन इस मैच में छठे नंबर पर ही उनकी बारी आई.
सचिन और लक्ष्मण ने संभलकर पारी को आगे बढ़ाया और भारत को 400 रनों के पार पहुँचाया. अब सभी आँखें सचिन पर आ टिकी. सभी की यही तमन्ना थी कि सचिन अपना 35वाँ शतक बनाएँ और विश्व रिकार्ड बना पाएँ. सचिन काफ़ी संभल कर खेल रहे थे. इंज़मान ने दूसरी नई गेंद लेने का फैसला किया और नवीद के हाथ में गेंद थमा डाली. स्विंग होती गेंद को सचिन ने ड्राईव करने की कोशिश की और गली में कैच हो गए. उस समय सचिन 94 रन पर थे और भारत का स्कोर 417 रन पाँच विकेट पर हो गया. उनका स्थान लिया युवा विकेट कीपर दिनेश कार्तिक ने, जिनपर काफी उम्मीदें टिकी हैं लेकिन वे खरे नहीं उतरे और जल्दी ही आऊट हो गए. लक्ष्मण ने अच्छी पारी खेली और अविजित रहे. कुल मिलाकर तीसरे दिन का खेल भारत के नाम रहा. चौथे दिन के लंच तक भारत की टीम अगर 200 रनों की बढ़त लेने में कामयाब हो जाती है तो भारत इस मैच में काफ़ी बेहतर स्थिति में पहुँच जाएगा. |
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