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शनिवार, 05 फ़रवरी, 2005 को 00:17 GMT तक के समाचार
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मूंछें रखो तो मिलेगा ईनाम
क्रिकेट फैन
सत्तर के दशक में था घनी और लंबी मूंछों का फैशन
क्रिकेट की दुनिया में पुराने दिनों को कैसे याद किया जा सकता है. शतक, गेंद या फिर बल्ले से लेकिन न्यूजीलैंड में क्रिकेट के पुराने दिनों को बड़े ही अनूठे तरीके से याद करने की कोशिश की जा रही है.

यह तरीका है मूंछों के ज़रिए. चौंकिए मत ये बिल्कुल सही है और मूंछों भी छोटी नहीं बल्कि भारी भरकम मोटी मोटी मूंछें.

न्यूजीलैंड के क्रिकेट दीवानों की एक टोली बिज ब्रिगेड ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय टीम का जो भी खिलाड़ी घनी मूंछे रखेगा उसे मुफ्त में बीयर पिलाई जाएगी.

अगर आप क्रिकेट के दीवाने हैं तो आपको अभी भी याद होंगी सर रिचर्ड हैडली और जेरेमी कोनी की मूंछें. या अगर ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों को याद करें तो डेविड बून, मर्व ह्यूज और एलन बॉर्डर की मूंछों को कौन भूल सकता है.

पुराने दिनों की याद

 जो भी खिलाड़ी बड़ी मूंछें उगाएगा उसे भारी मात्रा में बीयर पहुंचा दी जाएगी.
बिज ब्रिगेड

अस्सी के दशक में बड़ी मूंछों का फैशन था और न्यूजीलैंड के क्रिकेट दीवानों की फौज बिज ब्रिगेड अब इसी फैशन को वापस लाने की कोशिश कर रही है.

इसके ज़रिए पुराने दिनों की याद भी ताज़ा हो सकेगी.

इसी के तहत न्यूजीलैंड के खिलाड़ी 17 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ 20-20 ओवरों के एक मैच में उसी तरह के भूरे और रंग बिरंगे कपड़े पहनकर मैदान में उतरेंगे जैसा कि बिज ब्रिगेड के सदस्य पहनते हैं.

बिज ब्रिगेड जब देश से बाहर न्यूज़ीलैड के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने जाती थी तो ख़ास क़िस्म की ड्रेस पहनते थे.

बिज ब्रिगेड के सदस्यों की मूंछे भी बड़ी बड़ी हुआ करती थी और इसकी नकल सबसे पहले की थी रिचर्ड हैडली ने.

लेकिन ज़माना बदला और नए खिलाड़ियों ने मूंछें रखनी छोड़ दीं. अब ज्यादातर तो मूंछे रखते ही नहीं और जो रखते हैं वो हल्की सी दाढ़ी के साथ, हॉलीवुड अभिनेता रशेल क्रो की तरह.

बिज़ ब्रिगेड

क्रिस क्रेंस
नए स्टाइल के प्रतीक है क्रिस क्रेंस

ब़िज ब्रिगेड का कहना है मूंछे रखना फैशन नहीं बल्कि पैशन यानी जूनून है.

बिज़ ब्रिगेड ने एक विज्ञप्ति जारी कर घोषणा की है कि जो भी खिलाड़ी बड़ी मूंछें उगाएगा उसे भारी मात्रा में बीयर पहुंचा दी जाएगी.

ब्रिगेड का मानना है कि पुराने दिन वापस आने चाहिए.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि हल्की मूंछों से काम नहीं चलेगा. मूंछे कम से कम इतनी घनी हों कि बीयर पीते समय का बीयर की झाग उसमें ज़रुर लग जाए.

बात सिर्फ मूंछों तक नहीं है. ब्रिगेड के अनुसार घुंघराले बालों वाले खिलाड़ी ( डैनियल वेटोरी, स्टीफन फ्लेमिंग) अगर अपने बाल सीधे कराते हैं तो उन्हें ईनाम दिया जाएगा.

ब्रिगेड का कहना है कि अगर न्यूज़ीलैंड के खिलाड़ी इन बातों को पालन करें तो ऑस्ट्रेलिया को हराना आसान हो जाएगा क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी उनके नए स्टाइल से अंचभित हो जाएंगे.

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