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सरीना ने ऑस्ट्रेलियन ओपन ख़िताब जीता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की सरीना विलियम्स ने अपने ही देश की लिंडसे डेवनपोर्ट को हरा कर ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस का महिला एकल ख़िताब जीत लिया है. उन्होंने दूसरी बार ये ख़िताब जीता है, वह यह ख़िताब 2003 में भी जीत चुकी हैं. पहला सेट गँवा चुकने के बाद उन्होंने खेल में ज़बरदस्त वापसी की और अगले दो सेट आसानी से जीत लिए. सातवीं वरीयता प्राप्त सरीना ने प्रथम वरीयता प्राप्त डेवनपोर्ट को 2-6, 6-3 और 6-0 से हराया. अठारह महीने बाद सरीना को कोई ग्रैंड स्लैम ख़िताब जीतने में सफलता मिली है. यह उनका सातवाँ ग्रैंड स्लैम ख़िताब है. पाँच गेम के बाद वह पसली में चोट से कुछ घबरा गई थीं लेकिन जल्दी ही उन्होंने खेल पर अपनी पकड़ फिर से हासिल कर ली. उसके बाद से तो जैसे डेवनपोर्ट का खेल भरभराकर गिर गया. मैच के बाद सरीना ने अपनी चोट के बारे में बताया, "डेवनपोर्ट ने मुझे शुरू में इधर-उधर दौड़ाया और मेरी पसली में दर्द उठ गया लेकिन ईश्वर का धन्यवाद कि मैं जल्द ही उबर गई." डेवनपोर्ट ने सरीना की तारीफ़ करते हुए कहा, "उन्होंने कई साल मुश्किल में गुज़ारे हैं लेकिन अब चैंपियन की तरह उनकी वापसी हुई है." 23 वर्षीय दुनिया की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी सरीना विलियम्स को डेवनपोर्ट के सामने शुरू में कुछ मुश्किलें हुईं जिसका असर उनकी सर्विस पर भी दिखाई दिया. डेवनपोर्ट ने इस मौक़े का फ़ायदा उठाया और पहले सैट में खेल पर छाई रही. बाद में सरीना ने कहा, "मैं यही सोचती रही कि मैं इस गेम को हारने वाली नहीं हूँ. मुझे परवाह नहीं, चाहे मेरी बाँहें नींचे गिर जाएँ, मैं यह गेम नहीं हारूँगी और जीत मेरी ही हुई." सरीना विलियम्स ने सेमीफ़ाइनल में उन्होंने मारिया शारापोवा को मात दी थी और सरीना ने ही भारत की सानिया मिर्ज़ा को तीसरे दौर से बाहर किया था. |
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