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बीसीसीआई के चुनाव पूरे हों : सुप्रीम कोर्ट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के चुनाव को पूरा करने का निर्देश दिया है लेकिन उसने जगमोहन डालमिया को बीसीसीआई का मुख्य संरक्षक बनाए जाने पर लगी रोक को कायम रखा है. सितंबर में हुए बीसीसीआई के चुनाव को चेन्नई के एक क्लब ने अदालत में चुनौती दी थी जिसमें रणवीर सिंह महेंद्र सिर्फ़ एक वोट से विजयी घोषित किए गए थे. इसके बाद चेन्नई की एक अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस मोहन को बीसीसीआई का अंतरिम प्रशासक नियुक्त किया था. अक्तूबर में सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई करते हुए जगमोहन डालमिया को बीसीसीआई का संरक्षक बनाने और न्यायमूर्ति मोहन को प्रशासक बनाने के फ़ैसले पर रोक लगा दी थी. सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को दिए गए अपने फ़ैसले में बीसीसीआई को आदेश दिया है कि वह अपनी अधूरी वार्षिक आमबैठक (एजीएम) की कार्रवाई को जल्दी ही पूरी करे. इस बैठक के पूरा होने के बाद ही बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया का कार्यकाल पूरा हो सकेगा और नए अध्यक्ष रणवीर सिंह महेंद्र का कार्यकाल शुरु हो सकेगा. सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद यदि कोई इसके ख़िलाफ़ सर्वोच्च न्यायालय आना चाहे तो इसका रास्ता खुला रहेगा. उल्लेखनीय है कि सितंबर में हुए चुनाव में जगमोहन डालमिया के निर्णायक वोट से शरद पवार एक वोट से हार गए थे और महेंद्र निर्वाचित घोषित किए गए थे. इसके बाद मद्रास की एक अदालत का फ़ैसला आया था और फिर बीसीसीआई ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया था. आज के फ़ैसले के बाद जगमोहन डालमिया फ़िलहाल उस पद पर नहीं रह पाएँगे जिसे उनके लिए ही बनाया गया था और माना जा रहा था कि इस पद पर रहकर ही वे अध्यक्ष न रहते हुए भी बीसीसीआई पर अपना नियंत्रण रख सकेंगे. |
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