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तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया ने शिकंजा कसा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बंगलौर टेस्ट के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया ने मैच पर अपनी पकड़ मज़बूत कर ली है. दूसरी पारी में चार विकेट के नुक़सान पर उसने 127 रन बनाए हैं. मतलब उसकी कुल बढ़त 355 रनों की हो चुकी है, और उसके छह विकेट सुरक्षित हैं. ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी के 474 रनों के जवाब में भारत ने 246 रन बनाए. ज़ाहिर है 228 रनों से पीछे रही भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया दोबारा बैटिंग के लिए कह सकती थी, लेकिन उसने कोई जोखिम लेना ठीक नहीं समझा. ऐसी ही एक परिस्थिति में 2001 में ऑस्ट्रेलियाई टीम कोलकाता टेस्ट हार चुकी है. इस बात के अलावा ऑस्ट्रेलिया ने शायद कमज़ोर पड़ती विकेट को देखते हुए पहले अपनी बढ़त को बड़ा करना ज़रूरी समझा, ताकि पहला टेस्ट जीत कर भारत पर दबाव बनाया जा सके. ऑस्ट्रेलिया 35 वर्षो बाद भारत की ज़मीन पर सिरीज़ जीतने की उम्मीदों के साथ खेल रहा है. बहरहाल ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी के पहले ही ओवर में झटका लगा है. ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी दूसरी पारी के पहले ही ओवर में इरफ़ान पठान ने जस्टिन लैंगर को एलबीडब्ल्यू आउट किया, जब न तो उनका और न ही टीम का खाता खुल पाया था. इसके बाद 30 रन बनाकर मैथ्यू हेडेन रन आउट हुए जब दूसरी पारी में 65 रन बने थे.
आउट होने वाले तीसरे बल्लेबाज़ थे साइमन कैटिच, जिन्हें अनिल कुंबले ने राहुल द्रविड़ के हाथों पकड़वाया. कैटिच ने 39 रन बनाए. तीसरे दिन आउट होने वाले चौथे और अंतिम ऑस्ट्रेलियाई थे लीमैन, जिन्हें हरभजन की गेंद पर आकाश चोपड़ा ने पकड़ा. खेल ख़त्म होते समय डैमियन मार्टिन और माइकल क्लार्क क्रमश: 29 और 11 रन बनाकर डटे हुए थे. भारत की पहली पारी ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी के 474 रनों के जवाब में भारत के सारे खिलाड़ी 246 रन बनाकर आउट हो गए. मुख्य बल्लेबाज़ों की नाकामी के बाद पार्थिव पटेल, इरफ़ान पठान और अनिल कुंबले ने भारत की पारी को सँभालने का साहसिक प्रयास किया. बंगलौर में तीसरे दिन भारत की पारी को संवारने का काम शुरू किया पार्थिव और इरफ़ान ने. दोनों की जोड़ी भोजनावकाश के क़रीब टूटी जब पठान 31 रन बनाकर आउट हुए.
एक विवादास्पद फ़ैसले में शेन वार्न ने उन्हें विकेट के पीछे लपकवाया. उसके बाद पटेल ने अनिल कुंबले का साथ तालमेल बिठाया. लेकिन अंतत: वह 46 रन बनाकर गिलेप्सी की गेंद का शिकार बने. पटेल और कुंबले के बीच 31 रनों की साझेदारी हुई. कुंबले भी गिलेप्सी की गेंद का ही शिकार बने. उन्होंने 26 रनों का योगदान दिया. दूसरे दिन भारत के शीर्ष बल्लेबाज़ों में कप्तान गांगुली, सहवाग और वीवीएस लक्ष्मण ही थोड़ी देर पिच पर टिक पाए. भारत के दो विकेट सिर्फ़ चार रन पर गिर गए थे. सलामी बल्लेबाज़ आकाश चोपड़ा और राहुल द्रविड़ तो अपना खाता भी नहीं खोल पाए. कप्तान सौरभ गांगुली और वीरेंदर सहवाग ने थोड़ी देर पिच पर जम कर बल्लेबाज़ी की. लेकिन एक बार वे आउट हुए तो भारतीय पारी और लड़खड़ा गई. कप्तान गांगुली 45 और वीरेंदर सहवाग 39 रन बनाकर आउट हुए. युवराज सिंह सिर्फ़ पाँच रन बनाकर और वीवीएस लक्ष्मण 31 रन बनाकर आउट हुए. ग्लेन मैकग्रा ने ख़तरनाक गेंदबाज़ी की और तीन विकेट चटकाए. माइकल कैस्परोविच को दो और शेन वॉर्न को एक विकेट मिला. ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 474 रन पर ख़त्म हुई. माइकल क्लार्क 151 रन बनाकर आउट हुए, जबकि गिलक्रिस्ट ने तूफ़ानी शतक लगाया. हरभजन सिंह को ऑस्ट्रेलिया के पाँच विकेट मिले. तीन विकेट अनिल कुंबले ने चटकाए, जबकि इरफ़ान पठान और ज़हीर ख़ान ने एक-एक खिलाड़ियों को आउट किया.
गिलक्रिस्ट अंतत: 104 रन बनाकर हरभजन सिंह की गेंद का शिकार बने. हरभजन ने उन्हें अपनी ही गेंद पर लपका. गिलक्रिस्ट ने तेज़ खेल का प्रदर्शन करते हुए अपने शतक को 13 चौकों और तीन छक्के से सजाया. उनके आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलिया की पारी भरभरा गई. शेन वॉर्न एक रन बनाकर आउट हुए, कैस्परोविच ने तीन रन बनाए, जबकि मैकग्रा का खाता भी नहीं खुल पाया. ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में जस्टिन लैंगर और साइमन कैटिच का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा. कैटिच ने शानदार 81 रन बनाए जबकि लैंगर के हिस्से में आए 52 रन. |
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