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गावसकर करेंगे बल्लेबाज़ों की सहायता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्व कप्तान और महान क्रिकेटर सुनील गावसकर ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ सिरीज़ में भारतीय बल्लेबाज़ों की सहायता करेंगे. टेस्ट क्रिकेट में पहली बार 10 हज़ार रन बनाने वाले सुनील गावसकर ने कप्तान सौरभ गांगुली के अनुरोध पर ऐसा करना स्वीकार किया है. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ का पहला मैच बुधवार से बंगलौर में शुरू हो रहा है. 54 वर्षीय लिटिल मास्टर सुनील गावसकर ने कहा, "मैं पूरी सिरीज़ के दौरान भारतीय टीम के साथ रहूँगा." गावसकर ने कहा कि वे बुधवार को शुरू हो रहे टेस्ट से पहले खिलाड़ियों से नेट प्रैक्टिस के दौरान बात करेंगे और उसके बाद अपना काम शुरू करेंगे. पिछले कुछ महीनों से भारतीय बल्लेबाज़ी ख़राब फ़ॉर्म में चल रही है और टीम ने लगातार चार एक दिवसीय टूर्नामेंट गँवाए हैं. कमज़ोरी एशिया कप के फ़ाइनल के बाद से चोट के कारण मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भी टीम से बाहर हैं. हालाँकि उन्हें 15 सदस्यीय भारतीय टीम में शामिल किया गया है लेकिन उनके पहले टेस्ट में खेलने को लेकर संदेह व्यक्त किया जा रहा है.
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने भी भारतीय बल्लेबाज़ी की ख़ामियों की ओर इशारा किया है. मेलबोर्न के एक अख़बार हेराल्ड सन में अपने कॉलम में स्टीव वॉ ने गांगुली की बल्लेबाज़ी शैली पर भी सवाल उठाए हैं और लिखा है कि वे शॉर्ट गेंद ठीक से नहीं खेल पाते. 32 वर्षीय भारतीय कप्तान गांगुली को स्पिन गेंद का तगड़ा खिलाड़ी माना जाता है लेकिन तेज़ गेंदबाज़ी के ख़िलाफ़ वे उतनी कुशलता नहीं दिखा पाते. वॉ ने अपने कॉलम में लिखा है, "कई बार शॉर्ट गेंद उनके शरीर पर जा लगती हैं. कई बार वे नहीं समझ पाते कि इस गेंद पर कब हूक शॉट खेला जाए." 1969 से ऑस्ट्रेलिया ने भारत की ज़मीन पर कोई टेस्ट सिरीज़ नहीं जीती है. |
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