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भारत ने कीनिया को 98 रन से हराया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चैंपियंस ट्रॉफ़ी क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत ने कीनिया को 98 रन से हरा दिया है. भारत के 290 रन का पीछा करते हुए कीनिया की पूरी टीम निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट के नुक़सान पर 192 रन ही बना सकी. इरफ़ान पठान के क़हर के बाद हरभजन सिंह की घूमती गेंदों ने कीनियाई खिलाड़ियों को परेशान किया. पठान ने दो खिलाड़ियों को आउट किया तो उनके बाद आए हरभजन सिंह तीन खिलाड़ियों को पैवेलियन का रास्ता दिखाया. सलामी बल्लेबाज़ ओटिएनो बिना खाता खोले ही मोहम्मद कैफ़ के सीधे थ्रो पर रन आउट हो गए. इसके बाद रबिन्दु शाह का साथ देने के लिए मैदान पर आए स्टीव टिकोलो दो रन बनाकर इरफ़ान पठान की गेंद पर पगबाधा (एलबीडबल्यू) आउट हुए. टिकोलो के बाद आए हितेश मोदी और वह भी पाँच रन बनाकर पठान की ही गेंद पर कप्तान सौरभ गांगुली के हाथों कैच आउट हुए.
हितेश मोदी के साथ मिलकर शाह ने पारी को स्थिरता देने की कोशिश की मगर वह विफल रहे और 33 रन के निजी स्कोर पर हरभजन सिंह की गेंद पर आउट हो गए. उनका कैच दिनेश कार्तिक ने लपका. इसके बाद राग़ेब आग़ा भी हरभजन का ही शिकार हुए. बिना खाता खोले ही वह पैवेलियन वापस लौट गए. उनका कैच भी कप्तान गांगुली ने लपका. थॉमस ओडोयो भी पारी सँभालने की कोशिश कर ही रहे थे कि हरभजन की एक घूमती गेंद उनके बल्ले को छूती हुई विकेट कीपर दिनेश कार्तिक के पास जा पहुँची. ओडोयो 15 रन के निजी स्कोर पर आउट हुए. इसके बाद मॉरिस ओमा और बृजल पटेल ने मिलकर टीम को कुछ ठीक स्थिति में पहुँचाया. दोनों के बीच 92 रनों की साझीदारी हुई. ये साझीदारी तोड़ी अजित आगरकर ने अपने दसवें ओवर की अंतिम गेंद पर. उनकी गेंद पर ओमा का कैच विकेट के पीछे एक बार फिर कार्तिक ने पकड़ा. ओमा ने कुछ अच्छी पारी खेली और 49 रन बनाए. पटेल 40 और मार्टिन सूजी छह रन बनाकर नाबाद रहे. भारतीय पारी इससे पहले कीनिया ने टॉस जीतकर भारत से पहले बल्लेबाज़ी करने के लिए कहा और भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवर में चार विकेट के नुक़सान पर 290 रन बनाए.
कप्तान गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण के बीच हुई 161 रन की साझेदारी ने टीम को बड़ा स्कोर बनाने में मदद दी. पारी ख़त्म होने के समय मोहम्मद कैफ़ और राहुल द्रविड़ ने धुआँधार बल्लेबाज़ी की. उन्होंने अंतिम 41 गेंदों में 77 रन जोड़े. द्रविड़ ने तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 16 गेंदों में 30 रन बनाए जबकि मोहम्मद कैफ़ ने पाँच चौकों की मदद से 29 गेंदों में 49 रन बनाए. वैसे भारतीय टीम का आकर्षण गांगुली और लक्ष्मण की पारियाँ रहीं. गांगुली ने 90 और लक्ष्मण ने 79 रन बनाए. गांगुली सूजी की गेंद पर बोल्ड हो गए जबकि लक्ष्मण को टिकोलो की गेंद पर ओटिएनो ने स्टम्प आउट किया. गांगुली ने इस दौरान आठ चौके लगाए. युवराज को नौ रन के निजी स्कोर पर ओडोयो ने अपनी ही गेंद पर लपका.
भारत ने 35 ओवर में एक विकेट के नुक़सान पर 166 रन बना लिए थे. गांगुली के साथ सलामी जोड़ी के रूप में उतरे वीरेंदर सहवाग एक बार फिर जल्दी ही पैवेलियन वापस लौट गए. उन्होंने दो चौकों की मदद से 17 रन बनाए और वह ओडोयो की गेंद पर बोल्ड हो गए. भारत ने पहले 15 ओवर में एक विकेट के नुक़सान पर 55 रन बनाए. इसके बाद गांगुली और लक्ष्मण ने सँभलकर खेलते हुए 25 ओवर में टीम का स्कोर एक विकेट के नुक़सान पर 110 रन तक पहुँचाया. |
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