|
यूरोप की 'शीर्ष टीम' पिटी इराक़ के हाथों | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
युद्ध और बद से बदतर होती जा रही स्थिति के कारण हमेशा चर्चा में रहे इराक़ ने गुरुवार को किसी और कारण चर्चा बटोरी. 16 साल बाद ओलंपिक में शामिल हो रही इराक़ की फ़ुटबॉल टीम ने यूरोप की शीर्ष टीम मानी जाने वाली पुर्तगाल की टीम को न सिर्फ़ 4-2 से हराया बल्कि मैदान पर अपना दबदबा भी साबित किया. हाल ही में हुए यूरो 2004 में पुर्तगाल की टीम फ़ाइनल तक पहुँची थी. हालाँकि उसे ख़िताब का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था लेकिन फ़ाइनल में उसे ग्रीस ने हरा दिया. गुरुवार को जब पुर्तगाल की टीम मैदान पर एक नई इराक़ी टीम के मुक़ाबले उतरी, तो उसे अंदाज़ा नहीं था कि उसकी दुर्गति होने वाली है. मैदान में मैच के अलावा पुर्तगाल के खिलाड़ियों ने इराक़ी खिलाड़ियों पर दबदबा क़ायम करने की कोशिश में फ़ाउल पर फ़ाउल किए. पुर्तगाल के युवा खिलाड़ी और मैनचेस्ट यूनाइटेड की ओर से खेलने वाले रोनाल्डो तो भाग्यशाली रहे कि उन्हें मैदान से बाहर नहीं किया गया. मुक़ाबला हैदर जबार के अपने गोल के कारण पुर्तगाल ने 13वें मिनट में ही 1-0 की बढ़त हासिल कर ली.
लेकिन इसके तीन मिनट बाद ही इराक़ के एमद मोहम्मद ने स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया. 29वें मिनट में हावर मुल्ला मोहम्मद के गोल की बदौलत इराक़ ने पुर्तगाल पर 2-1 की बढ़त हासिल कर ली. लेकिन हाफ़ टाइम के ठीक पहले पुर्तगाल के होसे बोसिंग्वा ने स्कोर एक बार फिर बराबर कर दिया. दूसरे हाफ़ में यूनिस महमूद और सालिह सादिर ने गोल करके पुर्तगाल को 4-2 से हरा दिया. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||