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खेल से पहले सेक्स कितना ठीक? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ओलंपिक खेलों की शुरुआत तो हो ही गई है और तक़रीबन 17,000 एथलीट एथेंस में जुट चुके हैं. अब इन खिलाड़ियों के लिए शायद एक अच्छी ख़बर ये हो कि किसी बड़े मैच से पहले यौन संबंध बनाने से उनके प्रदर्शन पर बुरा असर नहीं होगा. इसके उलट इससे उनका प्रदर्शन सुधरने की ही बात कही जा रही है. जर्मनी के 1994 में फ़ुटबॉल मैनेजर बर्टी वॉग्ट्स ने उस समय अपने खिलाड़ियों को मैच से पहले यौन संबंध बनाने पर रोक लगा दी थी. ब्रिटेन के तेज़ धावक लिनफ़ोर्ड क्रिस्टी भी इस मत से सहमत थे. इसके अलावा हॉलीवुड की प्रसिद्ध फ़िल्म 'रॉकी' में इटली के मुक्केबाज़ की भूमिका निभा रहे सिल्वेस्टर स्टैलॉन के मैनेजर मिकी ने कहा था, "महिलाएँ पैरों को कमज़ोर बना देती हैं." मगर बेसबॉल से जुड़े रहे कैसी स्टेंगेल का मत इससे अलग है. वह कहते हैं, "पूरी रात किसी महिला के साथ रहने से किसी पेशेवर बेसबॉल खिलाड़ी को कभी कोई नुक़सान नहीं पहुँचा." एथेंस में इतने आकर्षक और फ़िट लोग इकट्ठा हो रहे हैं और ऐसे में ओलंपिक का खेलगाँव अकेले लोगों के एक बड़े क्लब की तरह होगा. हर दो साल पर ऐसी कहानियाँ आती हैं कि ओलंपिक में कितने कॉन्डोम बाँटे गए या कितनों का इस्तेमाल हुआ. ये ओलंपिक भी इसका कोई अपवाद नहीं होगा. कॉन्डोम एथेंस में 1,30,000 कॉन्डोम और ल्यूब्रिकेंट्स के 30,000 पैकेट उपलब्ध कराए गए हैं. सिडनी में हर एथलीट को प्रतिदिन तीन कॉन्डोम उपलब्ध कराए जा रहे थे मगर जब आपूर्ति कम हुई तो और कॉन्डोम उपलब्ध कराए गए. मगर निश्चित रूप से कुछ प्रशिक्षक ऐसे ज़रूर होंगे जो स्टेंगेल के मत से सहमत नहीं होंगे और खिलाड़ियों की गतिविधि पर नज़र रखेंगे. मगर वैज्ञानिक शोध के अनुसार शायद वे प्रशिक्षक ठीक नहीं कर रहे होंगे. कनाडा के फ़िज़ियोलॉजी विशेषज्ञ डॉक्टर इयान श्रिरेर का कहना है, "रात में यौन संबंध बनाने का एथलीट की शारीरिक क्षमताओं पर कोई असर नहीं होता है." डॉक्टर श्रिरेर के अनुसार प्रमुख स्पर्द्धाओं में खिलाड़ी काफ़ी आक्रामक रवैए के साथ मैदान में उतरना चाहते हैं मगर जो खिलाड़ी काफ़ी आक्रामक हैं उनके लिए यौन संबंध फ़ायदेमंद साबित हो सकता है. रुख़ पर असर? वह कहते हैं कि सोचिए ऐसे खिलाड़ी के बारे में जिसकी वजह से दूसरी टीम को पेनल्टी मिल जाती है या ऐसे खिलाड़ी के बारे में जिसे लाल कार्ड दिखा दिया जाता है. डॉक्टर श्रिरेर के अनुसार, "इसका कभी अध्ययन नहीं हुआ कि यौन संबंध खेल में मनोवैज्ञानिक रुख़ पर कैसे असर डालते हैं. मगर यदि ये सही है कि इससे लोगों के आक्रामक रुख़ में कमी आती है तो ये उन खिलाड़ियों के लिए तो फ़ायदेमंद हो सकता है जो काफ़ी आक्रामक हैं मगर उनके लिए नुक़सानदेह है जो कम आक्रामक रहते हैं." उधर इसराइली फ़िज़ीशियन अलेक्ज़ेडर ऑल्शेनीत्ज़की यौन संबंध बनाने के पक्ष में हैं और कम से कम महिला एथलीटों के लिए तो हैं हीं. उन्होंने 1996 के अटलांटा ओलंपिक के बाद कहा था, "हम इस बात में विश्वास करते हैं कि चरम सुख पाने के बाद महिलाएँ खेलों में बेहतर प्रदर्शन करती हैं. आम तौर पर धावक और ऊँची कूद वाले एथलीट. जितना ज़्यादा चरम सुख मिलेगा उतना ही पदक जीतने की संभावना बढ़ेगी." उनके अनुसार, "प्रशिक्षक आम तौर पर एथलीटों को सलाह देते हैं कि वे मुक़ाबले से पहले यौन संबंध से परहेज़ रखें और ख़ास तौर पर ये सलाह महिलाओं को दी जाती है मगर ये ग़लत सलाह है." मगर डॉक्टर ऑल्शेनीत्ज़की पुरुष एथलीटों को यौन संबंधों से परहेज़ बरतने की सलाह देते हैं और कहते हैं कि इससे जहाँ महिला खिलाड़ियों को ऊर्जा मिलती है वहीं पुरुष खिलाड़ियों की ऊर्जा कम होती है. |
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