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भारत में जीत की वॉर्न की हसरत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शेन वॉर्न ने 527 विकेट लेकर सर्वाधिक विकेट के मुथैया मुरलीधरन के रिकॉर्ड की बराबरी तो कर ली है मगर उन्हें इससे भी ज़्यादा ज़रूरी लगता है टीम का भारत में जीतना. लेग स्पिनर गेंदबाज़ वॉर्न का कहना है कि उनका मुरलीधरन के साथ चल रहा ये मुक़ाबला उतना अहम नहीं है जितना इस साल के अंत में भारत में होने वाली टेस्ट सिरीज़. वॉर्न का कहना था, "भारत ही शायद एक ऐसी जगह है जहाँ मेरे खेल जीवन में हम कभी नहीं जीते." उनके अनुसार, "किसी भी मेहमान टीम के लिए भारत में जीतना ही शायद सबसे मुश्किल काम है." भारत में वॉर्न अब तक छह टेस्ट खेल चुके हैं जिसमें उन्होंने 20 विकेट लिए हैं. मगर हर विकेट के लिए उनका औसत 52 रन का है जबकि उनके कुल खेल जीवन का ये औसत सिर्फ़ 25 रन का है. वह ऑस्ट्रेलिया में भारत के साथ ही सिरीज़ में नहीं खेल पाए थे क्योंकि नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़े एक मामले में उन पर 12 महीने का प्रतिबंध लगा था. वह सिरीज़ 1-1 से ड्रॉ रही थी. वॉर्न का कहना है, "हम शायद दुनिया की दो बेहतरीन टीमें हैं." अपने और भारतीय टीम के इस प्रदर्शन के बारे में वह कहते हैं, "मैं वहाँ जिन दो दौरों में गया हूँ उनमें भारतीय टीम ने मुझे बहुत अच्छी तरह खेला है और मैं उस दौरान पूरी तरह फ़िट भी नहीं था." मगर इस बार को लेकर वॉर्न का कहना था, "इस बार मैं फ़िट हूँ और अच्छी गेंदबाज़ी भी कर रहा हूँ. उम्मीद करता हूँ कि इस बार भारत में अच्छा प्रदर्शन होगा और हम सिरीज़ जीतेंगे. ये काफ़ी रोमांचक होगा." ऑस्ट्रेलिया के कार्यक्रम की यूँ तो अभी पुष्टि होनी है मगर उन्हें भारत में चार टेस्ट खेलना है. इससे पहले वर्ष 2001 में हुए दौरे में तीन टेस्ट की सिरीज़ भारत ने 2-1 से जीत ली थी. |
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