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फ़्रेंच ओपन में रूसी लड़कियों का बोलबाला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस की अनास्तेसिया मिस्किना अमरीका की जेनिफ़र कैप्रियाती को हराकर फ़्रेंच ओपन के महिला एकल फ़ाइनल में पहुँची हैं. क़्वार्टर फ़ाइनल में उन्होंने अमरीका की ही वीनस विलियम्स को हराया था. उनका मुक़ाबला अपने ही देश की एलेना देमेन्तिएवा से होगा. मिस्किना ने गुरुवार को सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में कैप्रियाती को 6-2, 6-2 से आसानी से पराजित कर दिया. दूसरी बार, फ़्रेंच ओपन जीतने के सपने के साथ पेरिस पहुँची कैप्रियाती ने वैसा खेल नहीं दिखाया जैसा कि उन्होंने क़्वार्टर फ़ाइनल में सरीना विलियम्स को हराते हुए दिखाया था. कैप्रियाती ने 2001 में फ़्रेंच ओपन में महिला एकल ख़िताब जीता था.
देमेन्तिएवा ने अर्जेंटीना की पाओला सुआरेज़ को 6-0, 7-5 से हरा कर फ़ाइनल में जगह बनाई है. वर्षों बाद रूसी लड़कियों को यह सफलता हाथ लगी है. इससे पहले बेलारूस की नतालिया ज़ेरेवा 1988 में फ़्रेंच ओपन के महिला एकल फ़ाइनल तक पहुँची थीं. जबकि 1974 में ओल्गा मोरोज़ोवा फ़ाइनल में पहुँची थीं. वह अब देमेन्तिएवा की कोच हैं. भूपति-मिर्नी हारे फ़्रेंच ओपन में गुरुवार का दिन भारत के लिए भी बुरा रहा. भारत के महेश भूपति और बेलारूस के मैक्स मिरनी की जोड़ी पुरुषों के डबल्स सेमीफ़ाइनल का मुक़ाबला हार गई. उन्हें बेलारूस केक ज़ेवियर मैलीसी और ओलिवर रोकस की जोड़ी ने 7-6, 4-6 और 6-2 से हराया. |
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