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भारतीय खिलाड़ियों को सर्वोच्च सुरक्षा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमीज़ राजा ने कहा है कि भारतीय क्रिकेट टीम को किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष से भी ज़्यादा सुरक्षा दी जाएगी. उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के पाकिस्तान दौरे को लेकर पीसीबी ने हर स्तर पर ज़बरदस्त तैयारी की है. बीबीसी के साथ ख़ास बातचीत में रमीज़ राजा ने कहा कि यह दोस्ताना सिरीज़ है और इसलिए प्रायोजकों ने भी इसका नाम 'जीत लो दिल' रखा है और पाकिस्तान सरकार और बोर्ड अपनी ओर से इस सिरीज़ को सफल बनाने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं. रमीज़ ने कहा, "भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट कूटनीति काफ़ी मशहूर है. इस बार दोनों देशों के बीच जो बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई है उसमें क्रिकेट का भी योगदान है." क़रीब 14 साल के अंतराल के बाद भारतीय टीम पाकिस्तान का दौरा कर रही है. खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर कई बार दौरे पर सवाल उठे हैं. लेकिन वाजपेयी सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद भारतीय टीम 10 मार्च को पाकिस्तान पहुँच रही है. तालमेल रमीज़ राजा ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर बोर्ड और सरकार के बीच अच्छा तालमेल है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के साथ सहमति पत्र की कुछ शर्तों पर विवाद के बारे में रमीज़ राजा ने कहा कि हमने भारतीय टीम की सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया है. उन्होंने कहा कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियाँ यहाँ की एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं और इसके बावजूद भारतीय बोर्ड ने यह शर्त जोड़ी. बीसीसीआई ने कहा था कि अगर हिंसा की घटनाएँ हुई तो भारतीय टीम का दौरा बीच में ही रद्द हो सकता है.
रमीज़ ने कहा कि अगर कोई घटना हज़ार मील दूर हुई तो उसका प्रभाव टीम पर नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी छिटपुट घटना का किसी खिलाड़ी या मैच पर प्रभाव नहीं पड़ता तो इसे भावनात्मक रूप से नहीं लेना चाहिए. रमीज़ ने कहा कि यह सिर्फ़ क्रिकेट संबंधों की बात नहीं है बल्कि दोनों मुल्कों के संबंधों की बात है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी बोर्ड का मानना है कि सुरक्षा मामलों पर समझदारी से काम लेना चाहिए. रमीज़ ने भरोसा दिलाते हुए कहा, "हमें अपनी सुरक्षा पर पूरा भरोसा है. हमने कई दौरे कराए हैं. हमें सरकार का सहयोग मिल रहा है. हमारी सुरक्षा व्यवस्था इतनी पुख़्ता होगी कि ऐसी-वैसी कोई घटना नहीं होगी." |
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