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बीच में भी रद्द हो सकता है दौरा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट टीम के पाकिस्तान दौरे को हरी झंडी मिलने और मैचों की तारीख़ों के ऐलान के बावजूद आशंकाओं का दौर जारी है. ख़बर ये है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड को भेजे अनुबंध संबंधी दस्तावेज में कहा है कि भारतीय बोर्ड के पास बीच में दौरे को रद्द करने का अधिकार होगा. दूसरी ओर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बीसीसीआई ने अनुरोध किया है कि वह दस्तावेज़ में संशोधन करे. इसके साथ-साथ पीसीबी मैदान पर दर्शकों के व्यवहार पर काबू करने की कोशिश कर रही है. बीसीसीआई का कहना है कि हुल्लड़बाज़ी और मैदान पर हिंसा के कारण अगर किसी तरह की समस्या होती है तो बोर्ड दौरा बीच में ही रद्द करने के लिए स्वतंत्र होगा. बीसीसीआई ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अगर दौरा बीच में रद्द होता है तो बोर्ड पीसीबी को किसी तरह का हर्जाना नहीं देगा. शर्त पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी रमीज़ राजा ने इस दस्तावेज़ में इन शर्तों का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा, "इन शर्तों के अनुसार अगर सुरक्षा कारणों से भारतीय टीम का दौरा बीच में ही रद्द होता है तो पीसीबी को हर्जाना नहीं मिलेगा." रमीज़ ने कहा कि अगर किसी भी कारण से दौरा बीच में रद्द होता है तो यह बहुत बुरा होगा. 10 मार्च से भारतीय टीम पाकिस्तान के दौरे पर जा रही है जहाँ उसे 13 मार्च को अपना पहला एक दिवसीय मैच खेलना है. सुरक्षा कारणों से ही कराची और पेशावर में सिर्फ़ एक दिवसीय मैच कराए जा रहे हैं. रमीज़ राजा के बयान पर बीसीसीआई के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. डालमिया ने कहा कि बोर्ड का दस्तावेज़ सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. |
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