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खेल क्रिकेट का या पैसे का | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के बीच दौरे को मंज़ूरी मिलने के बाद इससे जुड़े सभी पक्षों ने संतोष की साँस ली है. पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी ने इसलिए क्योंकि यह दौरा उसे दीवालिया होने से बचा लेगा. आधिकारिक रूप से पीसीबी के मार्केटिंग मैनेजर सुभान अहमद ने कहा भी कि पिछले किसी भी दौरे के मुक़ाबले भारत के दौरे से पीसीबी को पाँच गुना ज़्यादा कमाई होगी. दोनों देशों के बोर्ड के अलावा कॉरपोरेट जगत और सट्टेबाज़ों के लिए भी दौरे की मंज़ूरी शुभ सूचना है. इस दौरे में आधिकारिक रूप से 200 करोड़ रुपए का खेल होना है. सिर्फ़ टीवी और विज्ञापन का राजस्व 94.8 करोड़ रुपए होने का अनुमान है. टेलीविज़न पर पाँच एक दिवसीय और तीन टेस्ट मैचों की सिरीज़ के प्रसारण का अधिकार टेन स्पोर्ट्स को मिला है. इसके लिए उसने क़रीब एक करोड़ डॉलर की रकम दी है. प्रसार भारती ने भारत में प्रसारण का अधिकार हासिल करने के लिए 10 करोड़ रुपए की पेशकश की थी लेकिन उसे यह अधिकार नहीं मिल पाया. आकाशवाणी को अधिकार लेकिन आकाशवाणी पर कमेंटरी के लिए उसे अधिकार मिल गया है और उसने इसके लिए 18 लाख रुपए दिए हैं. प्रसार भारती को इस सौदे से ढ़ाई से तीन करोड़ रुपए की कमाई होने की उम्मीद है. दूरदर्शन पर मैच का एक घंटे का हाईलाइट प्रसारित किए जाने की संभावना है. अनुमान यह लगाया जा रहा है कि प्रसार भारती ने इसके लिए दो लाख डॉलर दिए हैं. सैमसंग इंडिया ने सबसे बड़ी बोली लगाकर इस ऐतिहासिक सिरीज़ का आधिकारिक प्रायोजक बनने का गौरव हासिल किया है. इसके लिए कंपनी ने 15 करोड़ रुपए दिए हैं. लेकिन भारत में कंपनी के प्रमुख आर जुत्सी का मानना है कि इस सिरीज़ के लिए कुल 60 करोड़ रुपए ख़र्च करने का बजट रखा है. उन्होंने कहा, "सैमसंग ने भारत-पाक क्रिकेट सिरीज़ के लिए विज्ञापन, खिलाड़ियों की आवभगत, प्रमोशन के लिए कुल 60 करोड़ का बजट रखा है. हमें उम्मीद है कि इससे उपभोक्ताओं की बेहतर प्रतिक्रिया मिलेगी." इस सिरीज़ के दौरान उम्मीद है कि सैमसंग के उत्पादों की बिक्री में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी. इस दौरान सैमसंग को इरादा आठ से 10 नए उत्पाद बाज़ार में उतारने की है. सैमसंग के अलावा इस सिरीज़ के प्रायोजन में पाँच और भारतीय कंपनियाँ शामिल हैं. जिन्होंने कुल मिलाकर 35.26 करोड़ दिए गए हैं. सैमसंग के 15 करोड़ के अलावा एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स और हीरो होंडा ने आठ-आठ करोड़ रुपए दिए हैं. भागीदार साथ ही दो और कंपनियाँ इनवर्स कम्युनिकेशंस और मैडिसन आउटडोर मीडिया सर्विस भी भागीदार है.
बजाज मैच का प्रजेटिंग प्रायोजक है. इस मुक़ाबले को लेकर जो माहौल बन रहा है उसने विज्ञापनों के दरों में भी भारी बढ़ोतरी कर दी है. मैच के दौरान विज्ञापन के लिए 10 सेकंड का स्लॉट हासिल करने के लिए कंपनियों को साढ़े चार लाख रुपए ख़र्च करने होंगे. आधिकारिक रूप से जो रकम दाँव पर लगी है उसके अलावा सट्टेबाज़ी का विश्व रिकॉर्ड भी टूटने की संभावना व्यक्त की जा रही है. पिछले विश्व कप पर क़रीब 10 हज़ार करोड़ रुपए का सट्टा लगा था. इस बार इस रिकॉर्ड के टूटने की संभावना है. राजधानी नई दिल्ली के ताज़ा आँकड़ों के मुताबिक़ भारत को मज़बूत माना जा रहा है. कुछ सटोरियों के अनुसार भारत-पाक का अनुपात 52-45 और कुछ के मुताबिक़ 45-55 का है. |
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