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'खिलाड़ियों को मजबूर नहीं किया जाएगा' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने कहा है कि वह किसी खिलाड़ी को पाकिस्तान जाने के लिए मजबूर नहीं करेगा. भारतीय टीम के पाकिस्तान दौरे को सरकार की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद बीसीसीआई के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने कहा कि बोर्ड चाहता है कि पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार मार्च के पहले सप्ताह में टीम पाकिस्तान जाए. दौरे की तारीख़ों के बारे में फ़ैसला दोनों देशों की बोर्ड पर छोड़ दिया गया है. बीसीसीआई पाकिस्तान दौरे पर गई अपनी टीम की रिपोर्ट के बाद इस पर आख़िरी फ़ैसला कर सकता है. चिंता खिलाड़ियों द्वारा सुरक्षा पर चिंता के बारे में सवाल पूछे जाने पर डालमिया ने कहा, "खिलाड़ी वहाँ लड़ाई लड़ने नहीं बल्कि क्रिकेट खेलने जा रहा हैं. अगर कोई खिलाड़ी वहाँ नहीं जाना चाहता तो उसे मजबूर नहीं किया जाएगा." हालाँकि डालमिया ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि किसी भी खिलाड़ी ने बोर्ड से इस तरह का अनुरोध नहीं किया है. उन्होंने कहा कि अगर सुरक्षा मामले पर खिलाड़ियों से बात करने की ज़रूरत महसूस हुई तो वे उनसे ज़रूर बात करेंगे. डालमिया ने कहा कि टेस्ट मैचों या एक दिवसीय मैचों की संख्या में कोई कमी नहीं की जाएगी. अभी तक तय कार्यक्रम के मुताबिक़ भारत और पाकिस्तान के बीच तीन टेस्ट और पाँच एक दिवसीय मैच खेले जाने हैं. |
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