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ओलंपिक की दावेदारी का आख़िरी दिन
सन 2012 के ओलंपिक खेलों की मेज़बानी के लिए अर्ज़ी देने की आज यानी गुरूवार को आख़िरी तारीख़ है. अब तक नौ शहरों ने इन खेलों की मेज़बानी के लिए अपने दावे पेश किए हैं. ये हैं पेरिस, लंदन, न्यूयॉर्क, मॉस्को, रियो द जेनेरियो, मेड्रिड, इस्तांबुल, हवाना और लीपज़िग. मेज़बानी के दावे करने वाले इन शहरों को आज पचास पन्नों के एक प्रश्न पत्र के ज़रिए यह साबित करना होगा कि आख़िर उनकी दावेदारी में क्या ख़ासियत है. इन्हीं जवाबों के आधार पर मई में ओलंपिक समिति यह घोषणा करेगी कि कौन-कौन से शहर इस दावेदारी में खरे उतरे हैं. उसके बाद जाँच परख का एक और दौर होगा और अंतिम विजेता की घोषणा अगले साल जुलाई तक किए जाने की संभावना है. ओलंपिक समिति की प्रक्रिया में यह भी शामिल है कि इस दावेदारी में जिस शहर के जीतने की ज़्यादा संभावना होगी वहाँ की गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखी जाएगी. ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि चार साल पहले साल्ट लेक सिटी भ्रष्टाचार के एक घोटाले का भंडाफोड़ हुआ था जिसके बाद ओलंपिक समिति के दस सदस्यों को या तो बर्ख़ास्त कर दिया गया था या उन्होंने इस्तीफ़े दे दिए थे. इसके बाद यह बहस छिड़ी थी कि ओलंपिक समिति के कामकाज के तरीक़े और खेलों की मेज़बानी देने के मानदंडों की समीक्षा की जाए. अब अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति का नैतिक आयोग यह देखेगा कि दावेदारी करने वाले शहर अपना प्रचार अभियान किस तरह चलाते हैं और अगर कोई शहर नियम तोड़ता है तो उसकी दावेदारी को अयोग्य ठहराया जा सके. |
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