|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
काले का निलंबन उचित: अदालत
महाराष्ट्र के क्रिकेटर अभिजीत काले को एक और झटका लगा है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के नोटिस जारी करने के एक दिन बाद ही पुणे की एक अदालत ने उनके निलंबन को उचित ठहराया है. काले पर चयनकर्ताओं किरण मोरे और प्रणव रॉय को रिश्वत देने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है. आरोप है कि काले ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने वाली टीम में जगह बनाने के लिए इन दोनों चयनकर्ताओं को 10-10 लाख रुपए रिश्वत देने की पेशकश की थी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बीएन देशपांडे ने शुक्रवार को यह फ़ैसला सुनाया. अदालत के इस फ़ैसले के बाद काले अब मैच नहीं खेल पाएँगे. पहले निचली अदालत ने काले के निलंबन को ख़त्म करने का आदेश दिया था, लेकिन बीसीसीआई ने अदालत के फ़ैसले को चुनौती दी थी. गुरुवार को ही बीसीसीआई की अनुशासन समिति ने काले को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. बीसीसीआई द्वारा नियुक्त जाँच अधिकारी सुब्बाराव ने भी काले को इस मामले में दोषी ठहराया था. बोर्ड के क़ानूनी सलाहकार यूएन बनर्जी का कहना है कि अभिजीत काले को कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए पंद्रह दिन का समय दिया गया है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||