पांचवीं बाजी में हारे आनंद, कार्लसन को बढ़त

पांच बार के विश्व चैंपियन भारत के विश्वनाथन आनंद के लिए चेन्नई में खेली जा रही विश्व शतरंज चैंपियनशिप की पांचवीं बाजी निराशाजनक रही. उन्हें पांचवीं बाजी में नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन ने मात दी. इसके साथ ही, अब कार्लसन के तीन अंक हो गए हैं जबकि विश्वनाथन आनंद के दो ही अंक हैं.
उल्लेखनीय है कि इससे पहले दोनों खिलाड़ियों के बीच खेली गई चारों बाजियां ड्रॉ रही थीं.
पांचवीं बाजी में 39वीं चाल के दौरान आनंद ने छोटी-छोटी गलतियां कीं जिसका ख़ामियाज़ा उन्हें बाजी हार भुगतना पड़ा.
इससे पहले हालांकि चारों बाजियां ड्रॉ रही थीं लेकिन आनंद के पास नॉर्वे के खिलाड़ी के ऊपर मनोवैज्ञानिक बढ़त थी.
पिछली बाजी
इससे पहले बुधवार को खेली गई चौथी बाजी में मैच कड़ा रहा और 51 चालों के बाद बेनतीजाख़त्म हुआ.
चौथी बाजी के बाद कार्लसन ने कहा था कि मैच के दौरान वह डर गए थे. उन्हें लगा था कि वह ख़तरे में पड़ गए हैं.
कार्लसन ने कहा, ''मैं बुरे हाल में था और मैंने हालात को ख़ुद ही और ख़राब कर दिया. मध्य खेल में कुछ आसान चालों पर मैं भटक गया. बेशक कुछ ख़तरनाक नहीं हुआ, लेकिन डर तो मैं गया ही था.''
एक दिन के विश्राम के बाद जब शुक्रवार को दोनों खिलाड़ी आमने-सामने हुए तब कार्लसन मनोवैज्ञानिक रूप से तरो-ताजा होकर अपने मोहरों का इस्तेमाल कर रहे थे और वैसे भी शतरंज में जो खिलाड़ी सफेद मोहरों से खेलता है उसे लाभ मिलने की संभावनाएं ज़्यादा रहती हैं.
अब अगर शतरंज के इस गणित को देखा जाए तो आने वाली छठी और सातवीं बाजी आनंद के लिए फायदेमंद हो सकती हैं क्योंकि दोनों में ही आनंद सफेद मोहरों से खेलेंगे.
लेकिन शुक्रवार को खेली गई पांचवीं बाजी में कार्लसन ने आनंद को मात दे दी और एक महत्वपू्र्ण अंक हासिल किया. अब कार्लसन के कुल तीन अंक हो गए हैं जबकि आनंद के दो ही अंक हैं.
इन दोनों खिलाड़ियों को इस चैंपियनशिप में कुल मिलाकर बारह बाजियां खेलने का मौका मिलेगा. जिस खिलाड़ी के खाते में सबसे पहले 6.5 अंक होंगे, उसे विजेता घोषित कर दिया जाएगा.
ये एक ऐसा अवसर है जब कोई भी रूसी खिलाड़ी इसमें शामिल नहीं है जिसकी वजह से दुनिया भर के शतरंज प्रेमियों की निगाहें इस चैंपियनशिप पर टिकी हुई हैं.
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