सचिन को सही मायनों में हीरो माना गया

- Author, लतिका खनेजा
- पदनाम, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कन्सलटेंट, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
मुझे लगता है कि भारत में खेलों में ब्रांड की शुरुआत ही सचिन तेंदुलकर से होती है. एक ब्रांड के लिहाज़ से सचिन में सब कुछ था. सचिन क्रिकेट के पर्याय थे, उनका अंदाज़ पेशेवर और वे समर्पण के प्रतीक भी थे.
उनकी सही मायनों में हीरो की छवि थी जिन्होंने हमें गौरव का अहसास कराया.
सचिन की लोकप्रियता ज़बर्दस्त रही है. उनके चाहने वालों की गिनती नहीं की जा सकती. एक ब्रांड के तौर पर सभी सचिन की तलाश करते थे.
सचिन की वजह से ही लोगों में क्रिकेट लिए जुनून बढ़ा. ब्रांड के तौर पर सहवाग, युवराज, विराट, धोनी बहुत बाद में आए. ये भी एक हक़ीक़त है कि ब्रांड के तौर पर सचिन महंगे होते गए और सबकी पहुंच में नहीं रहे.
सचिन बनने का सपना

क्रिकेट के मैदान से सचिन की विदाई एक युग समाप्त होने जैसा है. सचिन ने क्रिकेट को एक नए स्तर पर पहुंचाया है. वे अपने पीछे एक विरासत छोड़ रहे हैं.
आज की तारीख में क्रिकेट खेल रहे हर लड़के की आंख में सचिन बनने का ही सपना तैर रहा होगा.
सचिन बड़े ही विनम्र इंसान है. उनमें गंभीरता भी गज़ब की है. मुझे लगता है कि भारत में सचिन तेंदुलकर ऐसे व्यक्ति हैं जो वो कहते हैं, उस पर सब भरोसा करते हैं. सचिन के बारे में इससे अधिक और क्या कहा जा सकता है.
सचिन खिलाड़ियों की उस श्रेणी में आते हैं जिसमें टाइगर वूड्स और माइकर शूमाकर जैसे लोगों का नाम आता है. उनका जादू भारत तक सीमित नहीं है.
(बीबीसी संवाददाता संजॉय मज़ूमदार से बातचीत पर आधारित)
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विट</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link>र पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












