अमरीकी ओपन में दिग्गज खिलाड़ियों की भिड़ंत

एंडी मरे
    • Author, आदेश कुमार गुप्त
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

टेनिस की दुनिया में साल 2013 का आखिरी ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन यानी अमरीकी ओपन सोमवार से शुरू हो रहा है, जिसमें दुनिया भर के दिग्गज अपना ज़ोर लगाएंगे,

इस टूर्नामेंट में पुरुष वर्ग में मौजूदा चैंपियन ब्रिटेन के एंडी मरे और महिला वर्ग में अमरीका की सेरेना विलियम्स अपना ख़िताब बचाने की कोशिश करेंगे.

इस टूर्नामेंट में हैरतअंगेज़ रूप से स्विटज़रलैंड के <link type="page"><caption> रोजर फ़ेडरर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2012/09/120906_federer_us_open_ar.shtml" platform="highweb"/></link> को 7वीं वरीयता दी गई है क्योंकि पिछले एक साल में उनके प्रदर्शन में बेहद गिरावट आई है.

इससे पहले रोजर फ़ेडरर साल 2002 अक्तूबर में अपनी विश्व रैंकिग में इतनी कमज़ोर स्थति में थे जब उन्हें आठवीं वरीयता मिली थी.

इतना ही नहीं, पिछले 11 साल में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी ग्रैंड स्लैम में उन्हे शीर्ष तीन में भी जगह नही मिली है.

चैंपियन की दौड़

सरीना विलियम्स
इमेज कैप्शन, सरीना विलियम्स महिला वर्ग में ख़िताब की प्रबल दावेदार हैं

रोजर फ़ेडरर का दबदबा अमरीकी ओपन में कितना रहा है, इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होने साल 2004, 2005, 2006, 2007, 2008 में उन्होंने इसे अपने नाम किया.

यूएस ओपन में 2009 में अर्जेंटीना के मार्टिन डेल पोत्रो चैंपियन बने तो 2010 में स्पेन के राफेल नडाल, 2011 में सर्बिया के नोवाक जोकोविच ओर 2012 में <link type="page"><caption> ब्रिटेन के एंडी मरे</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/07/130709_10_long_waits_sportsworld_pk.shtml" platform="highweb"/></link> ने ख़िताब अपने नाम किया.

इस बार अमरीकी ओपन में पुरूष वर्ग में <link type="page"><caption> रफ़ाएल नडाल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2012/06/120611_nadal_pix_tb.shtml" platform="highweb"/></link>, नोवाक जोकोविच और एंडी मरे चैंपियन बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं.

रफ़ाएल नडाल ने पिछले दिनों अपनी फिटनेस पर काफी ध्यान दिया और ख़ासकर विंबलडन में शुरूआती दौर में ही बाहर होने से उन्हें जो झटका लगा उसके बाद उन्होंने पिछले हफ़्ते ही वेस्टर्न एंड सदर्न ओपन जीतकर एक तरह से अपने विरोधियों को सीधे-सीधे संदेश दे दिया है कि उनसे बचकर रहें.

उनके अलावा ब्रिटेन के एंडी मरे ने पिछले साल विम्बलडन के फाइनल में हारने के बाद जिस तरह अमरीकी ओपन जीता और इस साल विम्बलडन जीतकर ना सिर्फ अपनी बल्कि अपने देशवासियों की हसरत को भी पूरा किया जिसके लिए वह लम्बे समय से इंतज़ार कर रहे थे.

महिला वर्ग में मुकाबला

महिला वर्ग में अमरीका की <link type="page"><caption> सेरेना विलियम्स</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/07/130701_wimbledon_serena_ms.shtml" platform="highweb"/></link> इस साल भी ख़िताब की प्रबल दावेदार हैं.

उन्होंने पिछले हफ़्ते वेस्टर्न एंड सदर्न ओपन के फाइनल में जगह बनाई जहां वह विक्टोरिया अजारेंका से हार गई लेकिन इससे पहले वह लगातार 14 मैच जीती जिससे पता चलता है कि वो किस फॉर्म में हैं.

वैसे इस साल टेनिस प्रेमियों को विश्व वरियता में तीसरे नंबर की खिलाड़ी रूस की <link type="page"><caption> मारिया शारापोवा </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/08/130807_forbes_list_female_athletes_rd.shtml" platform="highweb"/></link>नज़र नही आएंगी क्योंकि उन्होने कंधे की चोट के कारण अपना नाम वापस ले लिया है.

शारापोवा भी 2006 में अमरीकी ओपन अपने नाम कर चुकी है. महिला वर्ग में विक्टोरिया अज़ारेंका और चीन की ली ना पर भी सबकी नज़रे रहेंगी.

भारतीय चुनौती

लिएंडर पेस
इमेज कैप्शन, लिएंडर पेस से भी काफी उम्मीदें हैं

इस टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती की बात करें तो पुरूषो के एकल वर्ग में सोमदेव देव वर्मन मुख्य दौर में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे है. वह पहले दौर में स्लोवाकिया के लुकास लैंको से भिडेंगे.

सोमदेव की विश्व वरीयता 113वीं है जबकि लैंको 85वें नंबर पर हैं यानी पहले ही दौर से उन्हें कठिन चुनौती का सामना करना पड़ेगा.

वहीं महिला युगल वर्ग में भारत की सानिया मिर्ज़ा और उनकी जोड़ीदार चीन की झेंग झेई ने दो दिन पहले ही न्यू हेवन टूर्नामेंट में महिला युगल का ख़िताब जीतकर उम्मीदें जगाई हैं.

वहीं पुरूषों के युगल वर्ग में भारत के <link type="page"><caption> लिएंडर पेस </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/02/130201_leander_paes_aa.shtml" platform="highweb"/></link>अपने जोड़ीदार चेक खिलाड़ी राडेक स्टेपनेक अपनी चुनौती पेश करेंगे.

इनके अलावा महेश भूपति और रोहन बोपन्ना का सफर भी कहा तक पहुंचता है, अभी कहना मुशकिल है.

<bold>(क्या आपने बीबीसी हिन्दी का नया एंड्रॉएड मोबाइल ऐप देखा? डाउनलोड करने के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link>करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे <link type="page"><caption> फ़ेसबुक </caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>पन्ने पर भी आ सकते हैं और <link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>