अदालत ने ख़ारिज की बीसीसीआई की जांच

बंबई उच्च न्यायालय ने आईपीएल में कथित सट्टेबाज़ी की जांच के लिए गठित बीसीसीआई के पैनल को असंवैधानिक बताते हुए नया पैनल बनाने को कहा है.
ग़ौरतलब है कि के पैनल ने और गुरुनाथ मेयप्पन को कथित रूप से क्लीन चिट दी थी.
बंबई उच्च न्यायालय ने बिहार एवं झारखंड क्रिकेट संघों की जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया है.
न्यायालय ने बीसीसीआई के पैनल को अवैध और असंवैधानिक क़रार देते हुए पूछा कि बोर्ड ख़ुद कैसे इस मामले की जांच कर सकता है?
झटका
अदालत के इस फ़ैसले से बीसीसीआई को एक बड़ा झटका लगा है.
रिपोर्टों के मुताबिक़ बीसीसीआई अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है.
यहां पर ये भी बताना ज़रूरी है कि मैच फ़िक्सिंग के मामले में दिल्ली पुलिस मंगलवार को ही अदालत में चार्जशीट दायर करने वाली है.
आईपीएल के छठे संस्करण में बीसीसीआई के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के दामाद और चेन्नई सुपरकिंग्स के शीर्ष अधिकारी मेयप्पन और राजस्थान रॉयल्स के सह मालिक कुंद्रा पर सट्टेबाज़ी के आरोप लगे थे.
जांच

कुंद्रा और मेयप्पन के ख़िलाफ़ पुलिस जांच अभी पूरी नहीं हुई है लेकिन बीसीसीआई के पैनल ने इन दोनों को क्लीन चिट दे दी है.
बीसीसीआई के जांच दल में पूर्व न्यायाधीश टी जयराम चोउटा और आर बालासुब्रमण्यम शामिल थे. इस पैनल ने 27 जुलाई को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी.
मेयप्पन का नाम आने के बाद श्रीनिवासन ने जांच पूरी होने तक खुद को बोर्ड अध्यक्ष के नियमित कामकाज से अलग कर लिया था और जगमोहन डालमिया को अंतरिम अध्यक्ष बनाया जा रहा था.
जांच दल में तीन सदस्य थे लेकिन बीसीसीआई के सचिव संजय जगदाले ने खुद को इससे अलग कर लिया था.
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