हॉकी लीग: विदेशी नहीं, देसी कोच है हिट

'मैं तो पहले दिन से ही कह रहा हूं कि चार गोरों में एक काला कोच' और इसके बाद एक खिलखिलाहट.
यह अंदाज़ है भारत में खेली जा रही पहली हॉकी इंडिया हॉकी लीग में अभी तक अंक-तालिका में पहले स्थान पर चल रही दिल्ली वेवराइडर्स के कोच अजय कुमार बंसल का.
दिल्ली की टीम ना केवल अंक तालिका में पहले स्थान पर चल रही है, बल्कि बीते शुक्रवार को रांची राइनोज़ को 5-2 के भारी अंतर से हराकर सेमीफाइनल में भी अपनी जगह पक्की कर चुकी है.
दिल्ली की इस मज़बूत स्थिति का श्रेय निश्चित रूप से टीम के कोच को भी जाता है.
सरदार या सरदारा
अभी तक लीग में एक भी मैच नहीं हारने का रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाली दिल्ली की कामयाबी पर कोच बंसल कहते है, "हमारी टीम अच्छा खेल रही है, इसलिए रिजल्ट भी अच्छा मिल रहा है. जैसी रणनीति हमने बनाई उसी के अनुरूप सभी खेल रहे है."
इस लीग में पांच टीमें भाग ले रही हैं जिसमें सिर्फ बंसल ही एकमात्र भारतीय कोच है जबकि बाकी चारों टीमों ने विदेशी कोच रखे हैं.
कोच बंसल टीम के कप्तान सरदार सिंह का ज़िक्र आते ही खुशी से चहक जाते हैं और कहते है, "कमांडर यानी कप्तान का रोल तो अहम होता ही है. उसका तो नाम ही सरदार है. वह अपनी ज़िम्मेदारी बखूबी निभा रहे है तभी टीम नंबर एक पर चल रही है."
इसी बीच कुछ खेल पत्रकारों ने कोच बंसल की बगल में बैठे कप्तान सरदार सिंह से पूछा कि आपका सही नाम क्या है, "सरदार या सरदारा?" इस सवाल पर मुस्करा कर सरदार बोले, "भाई हूं तो सरदार सिंह ही, आप लोगो ने ही लिख-लिख कर सरदारा बना दिया."
'उद्देश्य शानदार हॉकी'

इसी बीच यह ख़बर भी आई कि विजेता टीम को ढाई करोड़ रूपए का इनाम मिलेगा जिसे लेकर सरदार सिंह ने कहा, "अच्छी बात है, लेकिन मेरा उद्देश्य शानदार हॉकी खेलना है जिससे लोग आनंद लें. हमारे भी दिल से आवाज़ आए कि हमने अच्छा खेल दिखाया."
वैसे दिल्ली ने रविवार को लखनऊ में यूपी विजाडर्स को 3-0 से हराकर अपनी जीत का सिलसिला बरक़रार रखा है.
इसके बाद वह 44 अंकों के साथ पहले, रांची राइनोज़ 31 अंकों के साथ दूसरे, पंजाब वारियर्स 27 अंकों के साथ तीसरे, यूपी विजाडर्स 22 अंकों के साथ चौथे और मुंबई मैजिशियंस 14 अंकों के साथ पांचवे और आखिरी स्थान पर हैं.
इस तरह दिल्ली वेवराइडर्स देसी कप्तान और देसी कोच की जुगलबंदी में देसी दर्शकों के सामने कामयाबी का दम भर रही है.












