मुनीबा अली: टी20 में शतक लगाने वाली पाकिस्तान की पहली क्रिकेटर की कहानी

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पाकिस्तान की 25 वर्षीय क्रिकेट खिलाड़ी मुनीबा अली अंतरराष्ट्रीय टी20 प्रतियोगिता में शतक लगाने वाली पहली पाकिस्तानी महिला क्रिकेटर बन गयी हैं.
उनसे पहले ये रिकॉर्ड सिर्फ़ पांच महिलाओं के नाम है.
मुनीबा अली ने दक्षिण अफ़्रीका में चल रहे टी20 महिला विश्व कप में आयरलैंड के ख़िलाफ़ खेलते हुए 68 गेंदों पर 14 चौकों की मदद से 102 रन बनाए.
इस मैच में निदा डार के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए मुनीबा ने 101 रन जोड़े जिसकी बदौलत पाकिस्तान ने इस मैच में 70 रन से जीत दर्ज की .
सेमीफ़ाइनल में पहुंचने की उम्मीद जगी
पाकिस्तान ने इस मैच में कुल 165 रन बनाए जो कि टूर्नामेंट के इतिहास में पाकिस्तान का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है.
आयरलैंड की टीम ने पाकिस्तान की ओर से खड़े किए गए विशाल स्कोर का पीछा करना शरू किया, लेकिन आयरलैंड की टीम 95 रन के कुल स्कोर पर आउट हो गयी.
इस टूर्नामेंट की शुरुआत में पाकिस्तान का मुक़ाबला भारत से हुआ था जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा था.
लेकिन इस जीत के साथ ही पाकिस्तान के सेमीफ़ाइनल में पहुंचने की उम्मीदें एक बार फिर जाग गयी हैं.
आगामी रविवार को पाकिस्तान टीम का मुक़ाबला वेस्टइंडीज़ से होगा.
फ़िलहाल ग्रुप बी में भारत और इंग्लैंड की टीमें दो-दो मैच जीतकर शीर्ष पर हैं.
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मुनीबा ने जीता टीम का दिल
इस मैच में जीत दर्ज करने के बाद टीम की कप्तान बिस्माह मारूफ़ ने कहा है कि उन्हें मुनीबा की बल्लेबाज़ी पर गर्व है.
उन्होंने कहा कि 'उसने अपने प्रदर्शन से ये साबित किया है कि वह ऐसा कर सकती है. उम्मीद है कि वह आगे भी ऐसे ही शानदार ढंग से खेलती रहेगी.'
बिस्माह मारूफ़ ने ये भी कहा कि उनकी टीम ने इस मैच में बेहतरीन प्रदर्शन किया है.
मुनीबा को इस मैच में 'प्लेयर ऑफ़ द मैच' चुना गया.
मुनीबा ने कहा, "जब मैंने अच्छी शुरुआत के साथ निदा बाजी के साथ साझेदारी की तो वह मुझे लगातार बड़ा स्कोर बनाने के लिए प्रेरित करती रहीं. फिर 13वें ओवर में मुझे लगा कि मैं शतक बना सकती हूं. और इसमें मुझे उनकी ओर से बहुत सपोर्ट मिला."
उन्होंने कहा, "मैं जब मैदान को पढ़ते हुए खेल रही थी तो मैं ये देख रही थी कि मुझे बाउंड्री कहां से मिल सकती है और निदा बाजी ने इसमें मेरी बहुत मदद की."
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18 साल की उम्र में खेला पहला मैच
मुनीबा अली ने अपने करियर की शुरुआत साल 2016 में महिला टी20 क्रिकेट विश्वकप से की थी. उस वक़्त वह पांच नंबर पर उतरा करती थीं. इसके कुछ सालों बाद उन्हें सलामी बल्लेबाज़ी करने का भी मौका मिला.
एक दिवसीय क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड टी20 के मुक़ाबले बेहतर है. उन्होंने अब तक एक दिवसीय क्रिकेट में दो अर्ध शतक के साथ एक शतक लगाया है.
मुनीबा अली ने अपने एक दिवसीय करियर का पहला और एकमात्र शतक भी साल 2022 के नवंबर महीने में आयरलैंड के ख़िलाफ़ खेलते हुए लगाया था.

'माँ ने किया प्रोत्साहित'
मुनीबा अली ने बीबीसी को बताया है कि उनकी माँ ने उनके करियर में एक अहम भूमिका निभाई है.
उन्होंने कहा है, "मैं शुरुआत में सारे ही स्पोर्ट्स खेलती थी. लेकिन क्रिकेट में मेरा इंटरेस्ट ज़्यादा था. मैंने अम्मी से कहा कि मैं क्रिकेट खेलना चाहती हूं. उन्होंने मेरा क्रिकेट अकादमी में एडमिशन करा दिया. इसके बाद अंडर-19 खेला. फिर पाकिस्तान-ए में खेला. मेरी अम्मी ने शुरुआत से मेरा काफ़ी सपोर्ट किया. इस वजह से मुझे किसी और की परवाह नहीं होती थी क्योंकि आपके अम्मी-अब्बू की इजाज़त सबसे अहम होती है.
हालांकि, मुनीबा के करियर में कई ऐसे मौके भी आए जिन्होंने उनके हौसलों की परीक्षा ली.
मुनीबा अली को पाकिस्तान की टीम में अठारह साल की उम्र में ही शामिल कर लिया गया था.
लेकिन फिर उन्हें ख़राब प्रदर्शन की वजह से असफलताओं का मुंह देखना पड़ा और टीम से बाहर रहना पड़ा.
मुनीबा अली कहती हैं, "असफलताओं से उबरना और परिस्थितियों से निपटना आसान नहीं है. लेकिन आप जितना अधिक खेलते हैं, उतना ही ज़्यादा अनुभव और समझ हासिल करते हैं."
वह बताती हैं कि उनके बचपन के कोच मुशर्रफ़ ने उन्हें इस दौर से उबरने में काफ़ी मदद की.
टीम में वापसी करने पर वह कहती हैं कि 'जब आप टीम से बाहर होने के बाद वापसी करना चाहते हैं तो ये आपके लिए काफ़ी मुश्किल होता है. आपको पहले से बेहतरीन प्रदर्शन करके दिखाना होता.'
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