विराट कोहली पर फ़ेक फ़ील्डिंग के आरोप को लेकर बँट गई क्रिकेट की दुनिया

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टी-20 वर्ल्ड कप में भारत और बांग्लादेश का मैच अब भी सुर्ख़ियों में बना हुआ है. मैच काफ़ी रोमांचक था और आख़िरकार भारत पाँच रन से ये मैच जीत गया.
एक समय बांग्लादेश मज़बूत स्थिति में था. लेकिन बारिश ने मैच में ख़लल डाली और फिर टीम बैकफ़ुट पर आ गई.
हालाँकि लगातार कई विकेट गँवाने के बाद भी बांग्लादेश ने हिम्मत नहीं हारी और मैच आख़िरी ओवर तक गया.
इस जीत के बावजूद भारत के सेमी फ़ाइनल का रास्ता अब भी साफ़ नहीं हुआ है. लेकिन उसकी स्थिति मज़बूत ज़रूर है.
लेकिन वर्ल्ड कप में भारत की ओर से बेहतरीन बल्लेबाज़ी कर रहे विराट कोहली को लेकर एक विवाद उठ खड़ा हुआ है.
बांग्लादेश के क्रिकेट नुरूल हसन ने विराट कोहली पर फ़ेक फ़ील्डिंग का आरोप लगया है. आईसीसी के नियम के मुताबिक़ अगर अंपायर को ऐसा लगता है तो पाँच पेनल्टी रन दिए जा सकते हैं.
भारत के साथ मैच समाप्त होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में नुरूल हसन ने ये सनसनीख़ेज आरोप लगाया है.
बांग्लादेश की पारी में सबसे बड़ा योगदान था लिटन दास का. लेकिन नुरूल ने भी 25 रनों की तेज़ पारी. लेकिन आख़िकार बांग्लादेश हार गया.
लेकिन मैच के बाद उन्होंने विराट कोहली पर फ़ेक फ़ील्डिंग का आरोप लगाया.
क्या लगा है विराट पर आरोप?

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पत्रकारों से बात करते हुए नुरूल हसन ने कहा-हम सभी ने देखा कि ग्रांउड गीला था. अगर हम सभी बातों का ज़िक्र कर रहे हैं तो ये कहना पड़ेगा कि मैच में एक 'फ़ेक थ्रो' भी था. पेनल्टी के तौर पर हमें पाँच रन मिल सकते थे. ये बात हमारे लिए फ़ायदेमंद साबित हो सकती थी पर ये भी नहीं हुआ.
मैच के दौरान ज़बरदस्त फ़ॉर्म में चल रहे बांग्लादेशी ओपनर लिटन दास 24 गेंदों पर 56 रन बनाकर खेल रहे थे.
मैच के सातवें ओवर में अक्षर पटेल की दूसरी गेंद पर उन्होंने स्वीपर बांउड्री पर कट मारा.
पहला रन आसानी से लेने के बाद बांग्लादेश बल्लेबाज़, जैसे ही दूसरे रन के लिए दौड़े, 30 गज के घेरे में खड़े विराट कोहली नॉन-स्ट्राइकर एंड पर गेंद फेंकने की एक्टिंग करते दिखे.
ये लगभग उस समय हुआ, जब बाउंड्री से विकेटकीपर की ओर फेंका अर्शदीप सिंह का थ्रो कोहली के दाईं ओर से गुज़र रहा था. बांग्लादेश ने रन पूरा कर लिया और बाउंड्री से गेंद विकेटकीपर दिनेश कार्तिक के दस्तानों में गई.
नियम के मुताबिक़ बल्लेबाज़ का ध्यान भटकाना ग़लत है. लेकिन क्या वाक़ई कोहली की वजह से बल्लेबाज़ भ्रमित हुआ?
हर्षा भोगले बहस में कूदे

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आरोप-प्रत्यारोप के बीच मशहूर कमेंटेटर हर्षा भोगले भी इस बहस में शामिल हो गए और उनकी बात पाकिस्तान के एक पत्रकार को पसंद नहीं आई.
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हर्षा भोगले ने लिखा- फ़ेक फ़ील्डिंग मामले में सच्चाई ये है कि किसी ने इसे देखा नहीं था. अंपायरों ने नहीं देखा, बल्लेबाज़ों ने नहीं देखा और हमने भी नहीं था. आईसीसी का नियम 41.5 ये कहता है कि अंपायर फ़ेक फ़ील्डिंग के लिए पेनल्टी रन दे सकते हैं. लेकिन अंपायरों को इसे देखना होगा और मतलब भी निकालना होगा. लेकिन किसी ने देखा नहीं, तो आप क्या करते.
उन्होंने आगे लिखा- मैं नहीं सोचता कि कोई इसकी शिकायत कर सकता है कि मैदान गीला था. शाकिब सही थे, जब उन्होंने ये कहा कि ये बल्लेबाज़ों को फ़ायदा पहुँचाएगी. अंपायरों और पिच क्यूरेटर्स को जब तक संभव है, मैच कराने की कोशिश करना पड़ता है. और उन्होंने इस मामले को अच्छी तरह से हैंडल किया. इसलिए कम से कम समय बर्बाद हुआ.
हर्षा भोगले ने बांग्लादेशियों को सलाह दी कि वे फ़ेक फ़ील्डिंग और मैदान गीला होने की बात अपनी हार की वजह न बनाएँ. उन्होंने कहा- अगर एक बल्लेबाज़ पिच पर टिका रहता तो बांग्लादेश ये मैच जीत सकता था.
उन्होंने मैदान गीला होने के तर्क पर कहा कि अगर ऐसा था, तो ये फ़ील्डिंग करने वाली टीम के लिए बुरी स्थिति थी. हर्षा भोगले ने कहा- जब भी भारत जीतता है, कुछ लोग या पड़ोसी ऐसे होते हैं, जो अपनी निराशा को संतुष्ट करने के लिए वजह ढूँढ़ने की कोशिश करते हैं.
टी-20 वर्ल्ड कप में कमेंट्री कर रहे हर्षा भोगले की ये बात एक पाकिस्तानी पत्रकार को नहीं भाई. इस वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर्स और क्रिकेट प्रेमी भारतीय टीम, बीसीसीआई और अंपायरों पर भी निशाना साध रहे हैं.
इसकी शुरुआत भारत और पाकिस्तान के बीच मैच से हुई थी, जिसमें एक क़रीबी मामले में भारत जीत गया था. उस मैच में आख़िरी ओवर में नो बॉल को लेकर काफ़ी विवाद हुआ था. उसके बाद पाकिस्तानी क्रिकेट प्रेमियों ने दक्षिण अफ़्रीका से भारत को मिली हार पर भी सवाल उठाए.
यहाँ तक कि अंपायरों की भूमिका पर भी पाकिस्तान में ख़ूब बहस हुई. बीसीसीआई की हैसियत और आईसीसी में उसकी पहुँच को भी एक कारण बताया गया.
बीसीसीआई पर आरोप

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हर्षा भोगले की टिप्पणी पर पाकिस्तान के एक पत्रकार कामरान यूसुफ़ ने कहा- क्योंकि बीसीसीआई हर चीज़ को नियंत्रित करती है और इसमें ब्रॉडकास्टर और कमेंटेटर भी शामिल हैं. इसलिए निश्चित रूप से वे हमें वो सब चीज़ें नहीं दिखाएँगे, जिससे भारत को चोट पहुँचेगी.
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लेकिन हर्षा भोगले भी नहीं रुके और उन्होंने कामरान को जवाब दिया. अपने जवाब में हर्षा भोगले ने लिखा- मैं आपकी अज्ञानता को समझ सकता हूँ.
उन्होंने कामरान को भ्रम का शिकार और अदूरदर्शी भी कहा. हर्षा भोगले ने कहा कि सौभाग्य से आपके खिलाड़ी आपकी तरह नहीं सोचते.
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हालाँकि कोहली पर लगे आरोप को लेकर लोगों की राय काफ़ी बँटी हुई नज़र आ रही है.
नज़मुस साजिद चौधरी ने विराट कोहली के एक्शन को शर्मनाक कहा है और कहा है कि पाँच पेनल्टी रन दिए जाने चाहिए थे.
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हिंदू ग्रुप के पूर्व प्रमुख संपादक एन राम भी इस विवाद में कूद पड़े हैं और उन्होंने विराट कोहली पर निशाना साधा है और भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को नसीहत भी दी है.
उन्होंने ट्वीट कर लिखा है- ये महत्वपूर्ण नहीं है कि शांतो या लिटन ने कोहली के कथित फ़ेक फ़ील्डिंग को देखा या नहीं. अहम बात ये है कि क्या जान-बूझकर बल्लेबाज़ को भ्रमित करने की कोशिश की गई या नहीं. ऐसा लगता है कि अंपायरों ने इस मामले में अपना दिमाग़ लगाने में नाकाम रहे.
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एन राम ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को भी नसीहत दी है.
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पाकिस्तान के प्रमुख अख़बार डॉन का कहना है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अगले सप्ताह होने वाली आईसीसी बोर्ड की बैठक में इस मामले को उठा सकता है.
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लेकिन भारत के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने भी इस पर सवाल उठाया है कि क्या वाकई फ़ेक फ़ील्डिंग हुई थी.
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