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टी-20 वर्ल्ड कप में भारत का पहला मुक़ाबला भूल तो नहीं गए?
- Author, प्रदीप कुमार
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
रोमाचंक जीत
- भारत का पहला मैच स्कॉटलैंड के साथ हुआ लेकिन बारिश हो गई
- बारिश की वजह से दोनों टीम को एक-एक अंक बांटना पड़ा
- भारत और पाकिस्तान का पहला मैच भी टाई हो गया था
- फाइनल मैच में भारत ने पाकिस्तान को पांच रन से हराया
टी 20 वर्ल्ड कप 2022 में भारत का पहला मुक़ाबला चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से है. लेकिन मौसम का मिज़ाज नरम नहीं हुआ तो मेलबर्न में होने वाले इस महामुक़ाबले के धुल जाने की आशंका बनी हुई है.
क्रिकेट प्रेमियों को अंतिम पल तक इस मैच के होने का इंतज़ार बना रहेगा. लेकिन क्या आप लोगों को ध्यान है कि भारत का टी-20 वर्ल्ड कप में पहला मुक़ाबला कौन सा था और उस मुक़ाबले में क्या कुछ हुआ था?
उम्मीद तो यही है कि आप लोग दक्षिण अफ़्रीका में हुए पहले टी-20 वर्ल्ड कप को नहीं भूले होंगे. वही वर्ल्ड कप जिसमें नए नवेले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई में टीम इंडिया ने फ़ाइनल मुक़ाबले में पाकिस्तान को पांच रन से हराकर वर्ल्ड कप जीतने का करिश्मा कर दिखाया था.
लेकिन इस वर्ल्ड कप में भारत के पहले मैच में क्या कुछ हुआ था?
दरअसल, 13 सितंबर, 2007 को डरबन में स्कॉटलैंड के ख़िलाफ़ टीम इंडिया को अपने अभियान की शुरुआत करनी थी.
कमज़ोर टीम के ख़िलाफ़ टीम इंडिया जीत के उम्मीद से उतरने वाली थी. लेकिन मौसम को कुछ और ही मंज़ूर था.
किंग्समीड, डरबन में उस दिन बारिश थमने का नाम नहीं ले रही थी. तय समय से एक घंटे की देरी से जब बारिश थोड़ी देर के लिए थमी तो दोनों कप्तान टॉस करने के लिए गए.
स्कॉटलैंड के कप्तान रेयान वॉटसन ने टॉस जीत कर पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला लिया था.
पहले ही मैच में बारिश और एक प्वाइंट से संतोष
भारत की सलामी जोड़ी मैदान पर उतरती, उससे पहले झमाझम बारिश शुरू हो गई थी और अगले डेढ़ घंटे की लगातार बारिश ने यह सुनिश्चित कर दिया कि मैच रद्द होगा.
बिना एक गेंद भी डाले ये मैच रद्द हो गया और भारत को अपने से कहीं कमज़ोर टीम के साथ एक-एक अंक बांटने के लिए मजबूर होना पड़ा था.
यह भारतीय टीम के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था.
लेकिन इससे भी बड़ा तमाशा भारत के अगले मैच में देखने को मिला. जिसे आप वर्ल्ड टी-20 में खेला गया भारत का वास्तविक अर्थों में पहला मैच कह सकते हैं.
14 सितंबर, 2007 को किंग्समीड डरबन में यह मुक़ाबला खेला गया था भारत और पाकिस्तान के बीच.
जी हां, 2007 के वर्ल्ड टी-20 फ़ाइनल मुक़ाबले से पहले भी भारत और पाकिस्तान के बीच टक्कर हो चुकी थी.
पाकिस्तान से भारत का पहला मुकाबला
पाकिस्तान के कप्तान शोएब मलिक ने टॉस जीत कर भारत को पहले बल्लेबाज़ी सौंपी और पहले ही ओवर में मोहम्मद आसिफ़ ने गौतम गंभीर को खाता खोले बिना चलता कर दिया.
आसिफ़ के अगले ओवर की पहली गेंद पर सहवाग क्लीन बोल्ड हो गए फिर उसके अगले ओवर में आसिफ़ ने युवराज सिंह को महज़ एक रन बनाने दिया.
भारत के तीन ज़ोरदार बल्लेबाज़ महज़ 19 रन तक पेवेलियन लौट चुके थे.
लेकिन रॉबिन उथप्पा ने 39 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के की मदद से 50 रनों की अहम पारी खेली.
कप्तान बनाए गए धोनी ने 31 गेंदों पर 33 रन बनाए जबकि इरफ़ान पठान ने दो छक्कों की मदद से 20 रन बनाए.
भारत 20 ओवरों में सात विकेट पर 141 रन तक पहुंचने में कामयाब रहा. मोहम्मद आसिफ़ ने चार ओवरों में 18 रन देकर चार विकेट चटकाए.
इसके जवाब में पाकिस्तान की शुरुआत भी कोई अच्छी नहीं रही. एक समय उसने एक विकेट पर 44 रन बना लिए थे लेकिन दो ओवरों के अंदर टीम का स्कोर 47 रन पर चार विकेट हो गया.
लेकिन रॉबिन उथप्पा की तरह पाकिस्तान की ओर से मिस्बाह उल हक विकेट पर टिक गए. उन्हें कप्तान शोएब मलिक और यासिर अराफ़ात का साथ भी मिला.
अंतिम तीन ओवरों में पाकिस्तान को जीत के लिए 42 रन बनाने थे, तब मिस्बाह उल हक का बल्ला बोलने लगा. उन्होंने हरभजन की लगातार गेंदों पर पहले चौका लगाया और फिर छक्का.
दो ओवरों में जब 29 रन रह गए थे अजीत अगरकर के ओवर में पाकिस्तानी बल्लेबाज़ों ने 17 रन बटोर लिए
श्रीसंत के आख़िरी ओवर में पाकिस्तान को 12 रन चाहिए थे. मिस्बाह ने चार गेंदों पर 11 रन बटोर लिए थे लेकिन श्रीसंत की दो गेंद पर वे कोई रन नहीं बना सके और आख़िरी गेंद पर युवराज सिंह के थ्रो पर मिस्बाह रन आउट हो गए और ये मुक़ाबला टाई हो गया.
यानी भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में जो पहला मैच खेला वह पाकिस्तान के साथ था और इस कदर कांटे का मुक़ाबला हुआ कि दोनों टीमों में जीत किसी को नहीं मिली.
फिर कैसे बांटे गए थे अंक?
इस मैच के बाद विजेता का फ़ैसला बॉल आउट के ज़रिए हुआ. टाई और बराबरी पर छूटे मैच का नतीजा निकालने के लिए बॉल आउट का चलन भी इस्तेमाल किया जाता है.
इसमें प्रत्येक टीम अपने पांच खिलाड़ियों को चुनती है जिन्हें खाली पिच पर गेंदबाज़ी करनी होती है.
इस दिलचस्प मुक़ाबले का अंत बहुत बोरिंग अंदाज़ में हुआ. भारत ने सहवाग, उथप्पा, श्रीसंत, इरफ़ान पठान और हरभजन सिंह जैसे गेंदबाज़ को चुना.
वहीं दूसरी तरफ़ पाकिस्तान ने उमर गुल, सोहेल तनवीर, शाहिद अफ़रीदी, मोहम्मद आसिफ़ और यासिर अराफ़ात को आज़माने का फ़ैसला लिया.
भारत की ओर से वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह और रॉबिन उथप्पा ने अपनी गेंदों पर विकेट गिरा दिए.
जबकि पाकिस्तान की ओर से यासिर अराफ़ात, उमर गुल और शाहिद आफ़रीदी तीनों की गेंद विकेट मिस कर गईं. यासिर ने बाहर फुल टॉस फेंककर मौका गंवाया जबकि उमर गुल भी चुक गए. शाहिद आफ़रीदी की गेंद लेग स्टंप से बाहर चली गई.
इस लिहाज़ से भारत ने दो अंक ज़रूर हासिल किए लेकिन सुपर आठ में दोनों टीमें जगह बनाने में कामयाब रहीं और पहले टी-20 वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में फिर से टकरायीं.
फ़ाइनल में भारत की जीत के बाद यह टूर्नामेंट केवल धोनी की कप्तानी के पहले वर्ल्ड कप के तौर पर याद रह गया है लेकिन इससे पहले इन्हीं दोनों टीमों के बीच खेला गया था टी 20 वर्ल्ड कप का पहला टाई मुक़ाबला.
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