भारत बनाम दक्षिण अफ़्रीका: ये पांच कारण डेविड मिलर के शतक पर पड़े भारी

    • Author, विधांशु कुमार
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

भारत बनाम दक्षिण अफ़्रीका

  • भारत - 237/3
  • केएल राहुल - 57सूर्यकुमार - 61, विराट कोहली - 49
  • दक्षिण अफ़्रीका - 221/3
  • क्विंटॉन डी कॉक - 69, डेविड मिलर - 106

गुवाहाटी में खेले गए दूसरे टी20 मैच में भारत ने साउथ अफ्रीका को 16 रनों से हरा दिया. बैटिंग के लिए मददगार पिच पर दोनों ही टीमों ने ख़ूब रन बनाए.

भारत ने केएल राहुल और सूर्यकुमार यादव की पारियों की मदद से 237 रन बनाए. जवाब में ख़राब शुरुआत के बावजूद साउथ अफ्रीका ने 221 रन बनाए. डेविड मिलर ने खुलकर शॉट्स खेले और नाबाद 106 रन बनाए लेकिन उनका शतक दक्षिण अफ़्रीका को मैच नहीं जीता सका.

उनके शतक पर भारी पड़े ये पांच कारण जिनकी वजह से भारत ने लगातार दूसरा मैच जीतकर सीरीज़ पर कब्ज़ा किया.

1) भारतीय बैटिंग की धुरी सूर्यकुमार

सूर्यकुमार 61 रनों पर खेल रहे थे और बॉलिंग छोर पर खड़े थे. दूसरी एंड पर विराट कोहली ने एक करारा ड्राइव खेला लेकिन कवर में खड़े बावुमा ने गेंद रोक ली. कोहली गेंद को फ़ील्ड होता देख रहे थे कि तब तक दूसरी छोर से सूर्य दौड़ कर उनकी तरफ़ आ चुके थे.

दोनों बैट्समैन में एक ही बच सकता था - कमेंटेटर ने टीवी पर कहा भी की ऐसा लगा मानों इशारों में सूर्या विराट से पूछ रहे हों की क्या वो दूसरी छोड़ पर दौड़ लगाकर अपने विकेट को कुर्बान करेंगे.

ये लम्हा सेकेंड के भी दसवें हिस्सा का रहा होगा कि सूर्यकुमार वापस अपने क्रीज़ की तरफ़ लौटे ये जानते हुए कि वो अब रन आउट हो गए हैं.

बाद में एक दूसरे कमेंटेटर ने सुनील गावस्कर से पूछा कि ऐसी परिस्थिति में बल्लेबाज़ क्या करते हैं तो गावस्कर ने जवाब दिया कि आमतौर पर जो बल्लेबाज़ बेहतर होता है वही क्रीज़ पर टिका रहता है और ज़रूरत पड़ने पर दूसरा बल्लेबाज़ उसे बचाने के लिए रन आउट हो जाता है.

क्या सेकेंड के इस दसवें हिस्से में ये लड़ाई वर्चस्व की थी, भारतीय टीम के नंबर वन बैट्समैन के बेताज बादशाह की थी? गावस्कर ने कहा कि कोहली ने ठीक ही किया क्योंकि वो शानदार खेल रहे थे और उनका औसत 175 के आसपास का था.

कोहली लगभग एक दशक से भारतीय टीम के नंबर वन बल्लेबाज़ की गद्दी पर बैठे हुए थे लेकिन कम से कम टी20 में दूसरे बल्लेबाज़ इस पर दावा करने लगे हैं. इन नए खिलाड़ियों में सबसे आगे सूर्यकुमार यादव का नाम गिना जा रहा है.

पिछले एक साल से सूर्यकुमार आक्रामक क्रिकेट के लिए पूरी दुनिया में विख्यात हो चुके हैं और रविवार को उन्होंने इसी कड़ी में एक और पारी का दम दिखाया.

अपनी 22 गेंदों में 61 रनों की पारी के दौरान उन्होंने टी20 में 1000 रनों का आंकड़ा पार किया और 18 गेंदों पर अर्धशतक लगाकर किसी भारतीय द्वारा तीसरे सबसे तेज़ फ़िफ्टी का रिकॉर्ड बनाया. इससे पहले युवराज सिंह 12 गेंदों पर हाफ़ सेंचुरी बना चुके हैं जबकि गौतम गंभीर ने भी 18 गेंदों पर ये मुकाम हासिल किया था.

अंतरराष्ट्रीय टी 20 मैचों में सूर्यकुमार यादव की ये लगातार तीसरी फ़िफ़्टी थी.

मैच के अंत में भारत की जीत का अंतर सिर्फ़ 16 रन रहा. ये जताता है कि सूर्यकुमार का 275 की स्ट्राइक रेट से रन बनाना कितना अहम था और ये भी सवाल छोड़ जाता है कि क्या वो अंत तक खेलते तो भारत का स्कोर और बड़ा होता?

2) 'विंटेज' केएल राहुल की वापसी

केएल राहुल चोट के बाद से वापसी कर रहे है और उनकी बैटिंग में वो फ़्लो दिखाई नहीं दे रहा था जिसके लिए वो जाने जाते हैं.

पिछले मैच में भी उन्होंने 51 रन बनाए लेकिन इसके लिए उन्होंने 56 गेंद खर्च किए और कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने उनकी धीमी बल्लेबाज़ी की आलोचना भी की.

लेकिन रविवार को राहुल ने बेहतरीन हाफ़ सेंचुरी लगाकर शायद सारे गिले-शिकवे मिटा दिए.

राहुल ने मैच की पहली ही गेंद पर चौका लगाकर अपनी मंशा साफ़ कर दी. इनिंग्स में ज्यादातर केएल राहुल बैकफ़ुट पर बैटिंग कर रहे थे और कलाइयों का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए उन्होंने रनों की झड़ी लगा दी.

उन्होंने मार्करम को लॉंग ऑन पर लंबा छक्का लगाकर फिफ्टी पूरी की, हालांकि अगले ओवर में वो आउट भी हो गए.

3) रोहित और कोहली भी चमके

हालांकि इन दोनों सीनियर बल्लेबाज़ों के नाम अर्धशतक नहीं रहा लेकिन दोनों ने अपनी क्लास का एक बार फिर प्रदर्शन किया. रोहित शर्मा 43 रन बनाकर एक बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में आउट हुए लेकिन इससे पहले उन्होंने राहुल के साथ मिलकर भारतीय पारी की मज़बूत नींव रख दी थी.

रोहित शर्मा लगातार रन बना रहे हैं इसलिए भारतीय फ़ैंस उनकी फॉर्म से चिंतित नहीं हैं लेकिन जिस तरह विराट कोहली ने एक बार फिर अपनी पारी को संवारा उससे टीम के कोच और सभी फ़ैंस को भी राहत की सांस मिली होगी.

कोहली भी पुराने फ़ॉर्म में दिख रहे हैं. हालांकि उन्होंने धीमी शुरुआत की लेकिन बाद में तेज़ी दिखाई और सूर्यकुमार यादव के आउट होने के बाद बाउंड्रीज़ लगाकर टीम के रनों की गति को थमने नहीं दिया.

कोहली 49 पर नॉट आउट रहे और आखिरी ओवर में दिनेश कार्तिक ने जलवा दिखाया और 7 गेंदों पर 17 रन बनाए.

आखिरी 8 ओवरों में भारत ने 124 रन बनाए जिसमें सूर्यकुमार, कोहली और कार्तिक के रन शामिल थे.

भारतीय बैटिंग के इस फॉर्म से कोच राहुल द्रविड़ को आने वाले टी20 वर्ल्ड कप में काफ़ी विकल्प मिलेंगे.

4) साउथ अफ़्रीका की बिखरी गेंदबाज़ी

अगर इस मैच में साउथ अफ़्रीका के पेसर्स की लाइन और लेंथ का मैप देखें तो पता चलेगा कि उन्होंने पिच के सभी एरिया में गेंदबाज़ी की और खास लाइन या लेंथ पर कंट्रोल नहीं रख पाए.

मेहमान टीम के पेसर्स ने लगातार फुल टॉस भी फेंके जिसके सबसे बड़े गुनहगार रहे वेन पार्नेल. उनकी ढीली गेंदबाज़ी का भारतीय बल्लेबाज़ों ने खूब फ़ायदा उठाया और चौकों-छक्कों में कोई कमी नहीं आने दी.

भारतीय बल्लेबाज़ों ने 20 ओवरों में 13 छक्के और 25 चौके लगाए.

साउथ अफ़्रीका के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ डेल स्टेन ने भी कहा कि माना कि मैदान पर काफ़ी नमी थी और खिलाड़ी पसीने से तरबतर थे जिससे शायद वो गेंद को ठीक से पकड़ भी नहीं रहे थे लेकिन इस तरह की बोलिंग से वो खुद भी निराश होंगे.

5) बावुमा की बैटिंग

साउथ अफ्रीकी मीडिया में भी खूब चर्चा हो रही है कि क्या बावुमा की इस टीम में कोई जगह है और क्यों बेहतरीन फॉर्म में खेल रहे रीज़ा हेंड्रिक्स को मौका नहीं मिल रहा?

कप्तान टेम्बा बावुमा सीरीज के पहले मैच में भी स्कोर नहीं कर पाए और 0 पर आउट हुए थे. दूसरे मैच में भी उन्होंने खाता नहीं खोला, यहां तक कि दीपक चहर द्वारा डाला गया पहला ओवर मेडन जाने दिया.

साउथ अफ्रीकी पारी के दूसरे हाफ़ में जिस तरह मिलर और डीकॉक बैटिंग कर रहे थे, उन्हें बावुमा के ज़ाया किए गए 7 गेंद ज़रूर खटक रहे होंगें.

आखिरी के 18 गेंदों में साउथ अफ्ऱीका ने 57 रन बनाए और महज़ 16 रनों से मैच हार गए. जिस फ़ॉर्म में मिलर खेल रहे थे, अगर उन्हें एक ओवर और मिला होता तो ये रन आसानी से बन सकते थे.

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