राहुल त्रिपाठी के छक्के से कोलकाता सात साल बाद आईपीएल फ़ाइनल में

आईपीएल के दूसरे क्वालिफ़ायर मुक़ाबले में कोलकाता नाइटराइडर्स ने एक रोमांचक मुक़ाबले में दिल्ली कैपिटल्स को तीन विकेट से हराकर फ़ाइनल में प्रवेश किया.

क्रिकेट को क्यों उतार चढ़ाव का खेल कहा जाता है, इसकी झलक इस लो स्कोरिंग मैच में देखने को मिली.

फ़ाइनल में पहुंचने के लिए कोलकाता को जीत के लिए महज़ 136 रन बनाने थे और इस लक्ष्य के सामने टीम का स्कोर 15.5 ओवरों में एक विकेट पर 123 रन था.

टीम को जीत के लिए 25 गेंदों पर 13 रन ही बनाने थे और नौ विकेट हाथ में थे.

लेकिन यहां से दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाज़ों ने मैच में ज़ोरदार वापसी की और अगले 19 गेंदों पर छह रन के भीतर कोलकाता के चार विकेट झटक लिए.

दिल्ली की ओर मैच का आख़िर ओवर रविचंद्रन अश्विन डालने आए और उनके सामने कोलकाता को छह गेंदों पर सात रन बनाने थे.

अश्विन का आख़िरी ओवर

अश्विन की पहली गेंद पर राहुल त्रिपाठी ने एक रन लेकर स्ट्राइक टी-20 क्रिकेट के ज़ोरदार आलराउंडर साकिब अल हसन को थमाई.

साकिब दूसरी गेंद पर स्वीप लगाना चाहते थे लेकिन मिस कर गए और फिर तीसरी गेंद पर साकिब अश्विन की सीधी गेंद पर चकमा खा गए, अंपायर ने उन्हें एलबीडब्ल्यू क़रार दिया.

तीन गेंद पर एक रन ही बने थे. कोलकाता की ओर से सुनील नरेन ने आते ही लॉन्ग ऑन क्षेत्र में हवा में ज़ोरदार शाट्स खेला लेकिन अक्षर पटेल ने उनका कैच लपक लिया.

अब अश्विन हैट्रिक की कगार पर थे और दिल्ली एक अविश्वसनीय जीत हासिल करने की स्थिति में थी. कोलकाता के सामने दो गेंदों पर छह रन बनाने की चुनौती थी.

अश्विन के सामने क्रीज़ पर राहुल त्रिपाठी थे. अश्विन ने कम लंबाई वाली एक तेज़ गेंद डाली और राहुल त्रिपाठी ने सीधे विकेट के सामने छक्का जड़ कर टीम को जीत दिला दी.

हालांकि कोलकाता को ये मैच बहुत आसानी से जीतना चाहिए थे. शुभमन गिल और वेंकटेश अय्यर ने पहले विकेट के लिए 96 रनों की भागीदारी की थी. मैच में सर्वाधिक 55 रन बनाने वाले वेंकटेश अय्यर को 'मैन ऑफ़ द मैच' आंका गया, जबकि शुभमन ने 46 रनों की पारी खेली.

इससे पहले दिल्ली के बल्लेबाज़ बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रहे. पृथ्वी शॉ, शिखर धवन, श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत जैसे बल्लेबाज़ अपनी पारी को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके.

शिखर धवन ने सबसे ज़्यादा 39 गेंदों पर 36 रन बनाए थे जबकि श्रेयस अय्यर 27 गेंदों पर 30 रन बनाकर नाबाद रहे. निर्धारित 20 ओवरों में दिल्ली कैपिटल्स पांच विकेट पर 135 रन ही बना सकी.

जीत के हीरो राहुल त्रिपाठी

30 साल के राहुल त्रिपाठी वैसे महाराष्ट्र की ओर से घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेते रहे हैं. उन्हें ज़ोरदार शाट्स लगाने वाला क्रिकेटर माना जाता है.

2017 में राइज़िंग पुणे सुपरवेट्स की टीम से शुरुआत करने वाले राहुल त्रिपाठी ने 2018-2019 का आईपीएल सीज़न राजस्थान रॉयल्स के साथ खेला.

इन दोनों सीज़न में वे कुछ ख़ास नहीं कर पाए थे. 2020 में आईपीएल की नीलामी में 60 लाख रुपये चुका कर कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम ने उन्हें मौका दिया था.

वहीं दिल्ली कैपिटल्स की टीम लगातार दूसरे मुक़ाबले में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी. इससे पहले क्वालिफ़ायर मुकाबले में दिल्ली के सामने चेन्नई को जीत के लिए आख़िरी पांच गेंदों पर 13 रन बनाने थे.

चेन्नई की ओर से महेंद्र सिंह धोनी ने चार गेंदों पर तीन चौके लगाकर टीम को जीत दिला दी थी.

फ़ाइनल मुकाबला

शुक्रवार को आईपीएल फ़ाइनल में कोलकाता नाइटराइडर्स की टक्कर चेन्नई सुपर किंग्स से होगी.

कोलकाता की टीम के लिए संयुक्त अरब अमीरात बेहद लकी साबित हुआ, यहां खेले गए मुक़ाबलों के नौ मैचों में सात मैच जीतकर ऑइन मोर्गन की टीम फ़ाइनल में पहुंचने में कामयाब हुई. एलिमिनेटर मुक़ाबले में कोलकाता ने बैंगलोर को हराकर दूसरे क्वालिफ़ायर में प्रवेश किया.

कोलकाता की टीम तीसरी बार फ़ाइनल में पहुंची है, लेकिन चेन्नई के लिए मुश्किल यह है कि कोलकाता की टीम ने अब तक कोई फ़ाइनल गंवाया नहीं है. 2012 और 2014 में फ़ाइनल मुक़ाबले में कोलकाता की टीम विजेता बनकर उभरी थी.

वहीं दूसरी ओर चेन्नई सुपर किंग्स तीन बार यानी 2010, 2011 और 2018 में खिताब जीत चुकी है. जबकि पांच बार टीम उपविजेता रही है.

लेकिन नौवीं बार फ़ाइनल में पहुंचने वाली टीम का इरादा अपने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को चैम्पियनशिप की जीत तोहफ़े में देने का होगा. कयास लगाए जा रहे हैं कि बतौर खिलाड़ी ये धोनी का अंतिम आईपीएल सीज़न हो सकता है, लेकिन अभी तक धोनी ने इसके बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.

(कॉपी - प्रदीप कुमार)

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