You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
क्रुणाल पांड्या: डेब्यू मैच में रिकॉर्ड बनाकर जब हुए 'इमोशनल'
- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
भारतीय क्रिकेट टीम ने कल मंगलवार को पुणे में खेले गए पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में इंग्लैंड को 66 रन से करारी मात दी.
वैसे तो भारत की जीत में सलामी बल्लेबाज़ शिखर धवन के 98 रनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही जिसके दम पर भारत निर्धारित 50 ओवर में पांच विकेट पर 317 रन बनाने में कामयाब भी रहा.
शिखर धवन मैन ऑफ़ द मैच भी रहे लेकिन जिस खिलाड़ी ने सबका ध्यान अपनी तरफ़ सबसे अधिक खींचा वह खिलाड़ी थे ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या.
क्रुणाल पांड्या भारत के लिए अपना पहला ही एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेल रहे थे. उन्होंने भारतीय टीम में शामिल होने का जश्न केवल 31 गेंदों पर नाबाद 58 रन बनाने और एक विकेट लेने के साथ मनाया.
अब क्रिकेट में तो खिलाड़ी टीम में आते जाते रहते हैं लेकिन उनके और उनके चाहने वालों के लिए कुछ पल यादगार होने के साथ-साथ भावुक भी होते हैं जो ज़िंदगी भर याद भी रहते हैं.
पहले अगर उनकी बल्लेबाज़ी की बात की जाए तो इंग्लैंड के ख़िलाफ़ केवल 31 गेंदों पर नाबाद 58 रन बनाकर उन्होंने सबसे तेज़ एकदिवसीय अर्धशतक बनाने वाले पहले भारतीय होने का गौरव भी हासिल किया.
उन्होंने केएल राहुल के साथ छठे विकेट के लिए केवल 57 गेंदों पर नाबाद 112 रन की साझेदारी की. क्रुणाल पांड्या जैसे जोड़ीदार को पाकर केएल राहुल की खोई हुई फ़ॉर्म भी वापस आ गई. केएल राहुल ने नाबाद 62 रन बनाए.
क्रुणाल पांड्या ने अपनी अर्धशतकीय पारी में सात चौके और दो शानदार छक्के लगाए जो दर्शाता है कि उनमें बल्लेबाज़ी की भरपूर क्षमता है.
मैच में आए भावुक पल
पुणे के स्टेडियम में हालांकि केवल दोनों ही टीमें खेल रही थीं और दर्शक नहीं थे लेकिन टेलीविज़न के माध्यम से तो सभी मैच से जुड़े ही हुए थे. और जब क्रुणाल पांड्या ने अपना अर्धशतक पूरा किया तो अचानक मंज़र बदल गया.
क्रुणाल पांड्या ने बल्ला उठाया तो उनकी आँखों में आँसू दिखे.
बाद में पता चला कि क्रुणाल पांड्या अपने पिता की यादों में डूब गए थे जिनका निधन जनवरी महीने में हुआ था. मैदान में क्रुणाल पांड्या ने जैसे-तैसे अपनी भावनाओं पर काबू पाया लेकिन मैदान से बाहर उनके भाई हार्दिक पांड्या अपने जज़्बात संभाल नहीं सके और रोने लगे.
यह भी पढ़ें: यूसुफ़ पठान ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा
हार्दिक पांड्या को उनके साथ बैठे सूर्यकुमार यादव ने दिलासा दिलाया. कुछ ऐसा ही तब देखा गया था जब ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ हुई टेस्ट सिरीज़ में मोहम्मद सिराज को टेस्ट कैप मिली तो राष्ट्रीय धुन बजने के दौरान वह रोते दिखाई दिए.
बाद में उन्होंने भी इसकी वजह अपने पिता को खोना बताया था. क्रुणाल पांड्या और मोहम्मद सिराज के दर्द को समझा जा सकता है.
हार्दिक पांड्या से अलग हैं क्रुणाल
एक तरफ़ जहां हार्दिक पांड्या तूफ़ान की तरह भारतीय टीम में आए और छा गए, वैसा क्रुणाल पांड्या के साथ नहीं हुआ.
हार्दिक पांड्या दाएं हाथ के ऑलराउंडर हैं जो तेज़-तर्रार बल्लेबाज़ी के अलावा तेज़ गेंदबाज़ी भी करते हैं लेकिन क्रुणाल पांड्या बाएं हाथ के ऑलराउंडर हैं जो स्वाभाविक खब्बू लेग स्पिनर हैं.
हार्दिक पांड्या साल 2016 से भारतीय टीम का हिस्सा हैं जब वह ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ खेलने गए थे, लेकिन उसके बाद अगले ही साल उन्हें श्रीलंका के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ खेलने का मौक़ा भी मिला जहां वह जमकर चमके.
उन्होंने बेहद मंझे हुए बल्लेबाज़ और अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ जैसा प्रदर्शन किया.
क्रुणाल पांड्या ने भले ही अपना पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच इंग्लैंड के ख़िलाफ़ बीते मंगलवार को खेला लेकिन उन्होंने साल 2018 में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ अपना पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेला था.
उन्होंने कुल मिलाकर 18 टी-20 मुक़ाबलों में 14 विकेट लेने के अलावा 121 रन भी बनाए हैं.
आईपीएल में धमाकेदार एंट्री
क्रुणाल पांड्या साल 2016 में पहली बार तब सुर्ख़ियों में आए जब उन्होंने बड़ौदा के लिए खेलते हुए रणजी ट्राफ़ी में शुरुआत करने के कुछ ही महीनों के बाद विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी में आठ मैचों में 366 रन बनाए. इसके अलावा उन्होंने 11 विकेट भी झटके.
क्रुणाल पांड्या आईपीएल में साल 2016 में खिलाड़ियों की नीलामी में मुंबई इंडियंस के लिए दो करोड़ में बिके. वह अभी तक आईपीएल में 71 मैच खेलकर 1000 रन बना चुके हैं.
पिछले सीज़न में उन्होंने मुंबई इंडियंस के लिए छह मैचों में 109 रन बनाए.
क्रुणाल पांड्या के खेल जीवन को लेकर क्रिकेट समीक्षक अयाज़ मेमन कहते हैं कि उनके कोच पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज़ किरन मोरे है.
अयाज़ मेमन कहते हैं, "उनके पिता का व्यवसाय था जो किसी कारण वित्तीय संकट का शिकार हो गया जिसकी वजह से वह पूरा ध्यान इन पर नहीं दे सके. बाद में दोनों भाई भारत के लिए खेले जिससे परिवार की माली हालत सुधरी. पिता क्रुणाल पांड्या के दिल के बेहद क़रीब थे जिसकी वजह से आंसुओं का सैलाब तब बहता दिखा जब एकदिवसीय क्रिकेट में भी मौक़ा मिला."
हालांकि क्रुणाल पहले टी-20 क्रिकेट भी भारत के लिए खेल चुके हैं लेकिन उन्होंने जगह खो दी थी.
अयाज़ मेमन क्रुणाल पांड्या की तुलना हार्दिक पांड्या से करते हुए कहते हैं कि दोनों भाई बिंदास हैं. गले में चेन और हाथों में ब्रेसलेट पहनना पसंद करते हैं लेकिन क्रुणाल थोड़ा सुलझे हुए लगते हैं.
क्रुणाल पांड्या 30 साल के हैं. उनके भारतीय टीम में भविष्य को लेकर अयाज़ मेमन मानते हैं कि अब ऐसा लगता है कि 30 साल की उम्र 20-22 साल में बदल चुकी है. क्रुणाल पांडया से पहले सूर्यकुमार यादव ने भी ऐसा साबित किया था.
भारतीय टीम में इनके अलावा रोहित शर्मा, आर अश्विन, शिखर धवन और विराट कोहली सब 30 या उससे ऊपर हैं, हालांकि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ी चाहता है लेकिन इनके प्रदर्शन और फ़िटनेस को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता.
अयाज़ मेमन क्रुणाल पांड्या के बारे में एक रोचक बात बताते हैं, "वह पहले बल्लेबाज़ बनना चाहते थे जबकि हार्दिक चाहते थे कि वह गेंदबाज़ बनें, लेकिन क्रुणाल को जल्दी ही समझ आ गया कि अगर उनमें जसप्रीत बुमराह जैसी प्रतिभा नहीं है जो केवल गेंदबाज़ी के दम पर टीम में हैं तो फिर बल्लेबाज़ी पर भी ध्यान देना होगा."
"अगर ऐसा नहीं है तो फिर टीम में बने रहना मुश्किल है. एक ऑलराउंडर के तौर पर क्रुणाल पांडया ने आईपीएल में हर सीज़न में अच्छा प्रदर्शन भी किया है. अब देखना है क्रुणाल ऐसा शानदार खेल आगे भी कब तक दिखाते हैं."
इरफ़ान पठान को भी याद आए यूसुफ़ पठान
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए खेलने वाले हार्दिक और क्रुणाल यानी पांड्या बंधुओं की यह तीसरी जोड़ी है जो भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेली.
इससे पहले अमरनाथ बंधू के रूप में मोहिन्दर अमरनाथ और सुरेंद्र अमरनाथ भारत के लिए खेल चुके हैं. अमरनाथ बंधुओं के तो पिता लाला अमरनाथ जिनका पूरा नाम नानक चंद भारद्वाज था वह भी भारत के लिए खेल चुके हैं. लाला अमरनाथ तो आज़ाद भारत के पहले भारतीय कप्तान भी रहे.
तीसरी जोड़ी पठान बंधुओं की रही जिसमें इरफ़ान पठान और यूसुफ़ पठान शामिल हैं.
मैच के दौरान कमेंट्री कर रहे इरफ़ान पठान भी क्रुणाल बंधुओं की बात चलने पर उत्साहित हो गए और उन्होंने बताया कि जब एक ही समय दो भाई देश की टीम के लिए खेलते हैं तो वह ख़ुद उनके और उनके परिवार के लिए कितने महत्व के अविस्मरणीय पल होते हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)