ऋषभ पंत और वाशिंगटन सुंदर: विपरीत परिस्थितियों में दमख़म दिखाती जोड़ी

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- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
आज के दौर के युवा खिलाड़ी टी-20 और एकदिवसीय क्रिकेट में जब हैरतअंगेज़ खेल दिखाते हैं तो किसी को आश्चर्य नही होता , लेकिन यही युवा खिलाड़ी अगर टेस्ट क्रिकेट में ख़ासकर विपरीत परिस्थितियों में अपना दमख़म दिखाते हैं तो सब दांतों तले अंगुली दबा लेते है. कुछ ऐसा ही इन दिनों भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत और ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर अपने प्रदर्शन से कर रहे है, वह भी लगातार.
सबसे दिलचस्प बात यह भी है कि इनके टीम में चयन पर भी सवाल उठते रहे है.
ख़ैर जो भी हो ऋषभ पंत और वाशिंगटन सुंदर ने एक ऐसे विकेट पर इंग्लैंड के गेंदबाज़ों को नाकों चने चबवा दिए जहां विकेट तो बल्लेबाज़ी के लिए देखने में आसान लेकिन खेलने में मुश्किल है. अहमदाबाद में खेले जा रहे चौथे टेस्ट मैच में इंग्लैंड की पहली पारी 205 रन पर समाप्त हुई. लेकिन उसके बाद एक समय भारत के पाँच विकेट जब 121 रन पर गिर गए तब लगा कि अब भारतीय पारी का अंत भी नज़दीक है.
ऐसे में मोर्चा संभाला ऋषभ पंत ने. उन्हें सातवें विकेट के रूप में वाशिंगटन सुंदर का बेहतरीन साथ मिला. ऋषभ पंत ने शानदार बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन करते हुए 118 गेंदों पर तेरह चौके और दो छक्कों की मदद से 101 रन बनाए. यह उनके टेस्ट करियर का तीसरा और भारत में लगाया गया पहला शतक है.

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छक्के से पूरा किया शतक
अपनी शतकीय पारी को लेकर बाद में ऋषभ पंत ने कहा कि वह जब मैदान में उतरे तो उनकी पहली कोशिश रोहित शर्मा के साथ एक अच्छी साझेदारी करने की थी, और उसके बाद भारत को इंग्लैंड के पहली पारी में बनाए गए स्कोर से आगे ले जाना था. अपने आक्रामक अंदाज़ को लेकर ऋषभ पंत ने कहा कि वह टीम के लिए खेलते है ना कि ख़ुद के लिए.
ऋषभ पंत ने जेम्स एंडरसन की एक ओवरपिच गेंद पर रिवर्स स्वीप लगाया जिसकी टाइमिंग इतनी शानदार थी कि गेंद स्लिप फिल्डर्स के ऊपर से होती हुई सीधे थर्डमैन बाउंड्री के बाहर पहुंच गई. अपने इस शॉट को लेकर उन्होंने कहा कि जब दिन अच्छा हो तो ऐसा हो जाता है.
ऋषभ पंत की बल्लेबाज़ी की यह ख़ासियत रही कि उन्होंने अपने अर्धशतक बनने तक बेहद सावधानी से बल्लेबाज़ी की, लेकिन जैसे ही इंग्लैंड ने नई गेंद ली उन्होंने आक्रमण करना शुरू कर दिया. ऋषभ पंत ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक भी छक्के से पूरा किया था तो भारत में लगाए गए अपने पहले मगर करियर के तीसरे शतक को भी छक्का लगाकर पूरा किया.
उनके शतक के बाद सम्मान में पैवेलियन में बैठे कप्तान विराट कोहली चलकर स्टैंड के पास बनीं जालियों के पास आ गए तो मैच की कमेंट्री कर रहे पूर्व बल्लेबाज़ वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि इस बेहतरीन शतकीय पारी के सम्मान में मुझे भी खड़ा होना पड़ेगा. कुछ इसी तरह छक्के से अपना शतक पूरा करने में माहिर रहे पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज़ वीरेंद्र सहवाग ने भी कहा कि मज़ा आया.

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पंत और सुंदर ने संभाली पारी
ऋषभ पंत ने ऑस्ट्रेलिया दौरे में भी ऐसा ही प्रदर्शन किया था. उन्हें वहां हर बार मुश्किल हालात मिले लेकिन वह भी चट्टान की तरह अड़कर खेले. पंत ने तीसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में 97 रन बनाए और मैच को ड्रॉ कराने में सहयोग दिया.
चौथे और आख़िरी टेस्ट मैच को तो ऋषभ पंत ने अपने ही दम पर जीताया. उस टेस्ट मैच से युवा वाशिंगटन सुंदर भी चमके. सुंदर ने पहली पारी में 62 रन बनाए. दूसरी पारी में ऋषभ पंत ने नाबाद 89 रन बनाकर भारत को तीन विकेट से जीत दिला दी. वाशिंगटन सुंदर ने भी केवल 29 गेंदों पर 22 रन बनाकर तब रनों की रफ़्तार तेज़ कर दी जब एक समय मैच ड्रॉ की तरफ़ बढ़ता नज़र आ रहा था.
अहमदाबाद के विकेट पर दूसरे दिन जब चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे और कप्तान विराट कोहली सस्ते में निपट गए तो उसके बाद रोहित शर्मा ने विकेट पर टिकने की हिम्मत दिखाई और 144 गेंदों का सामना करने के बाद 49 रन बनाए. ऋषभ पंत ने पहले तो रोहित शर्मा के साथ मिलकर पांचवे विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी की और उसके बाद वाशिंगटन सुंदर के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए 113 रन की साझेदारी की.
ऋषभ पंत और वाशिंगटन सुंदर की इस शतकीय साझेदारी की बदौलत शाम होते होते भारत सात विकेट पर 294 रन बनाने में सफल रहा. अब भारत के पास पहली पारी के आधार पर 89 रन की बढ़त है और उसके तीन विकेट बाकि है.
भारत की इस मज़बूत स्थिति के लिए ऋषभ पंत और रोहित शर्मा के अलावा वाशिंगटन सुंदर को भी पूरा श्रेय जाता है. वाशिंगटन सुंदर ने तब जेम्स एंडरसन, बेन स्टोक्स और जैक लीच का सामना किया जब वह बेहद किफ़ायती और ख़तरनाक गेंदबाज़ी कर रहे थे. वाशिंगटन सुंदर अभी भी 60 रन बनाकर नाबाद हैं.
वाशिंगटन सुंदर जब बल्लेबाज़ी करते हैं तो स्टाइलिश भी लगते है. खब्बू बल्लेबाज़ के स्वभाविक शॉट कवर ड्राइव को वह भी बहुत सहजता से लगाते है, इसके अलावा उनमें हुक और पुल करने की भी क्षमता है. उन्होंने पहली पारी में बेन स्टोक्स का विकेट भी लिया था.

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क्रिकेट समीक्षक अयाज़ मेमन ऋषभ पंत को लेकर कहते हैं, " वह हर पारी के साथ बेहतर होते जा रहे हैं. ऐसा लगता है कि अब उन्होंने अपनी ख़ुद की क्षमताओं को जान लिया है. पहले वह अंधाधुंध खेलकर अपना विकेट गँवा देते थे लेकिन अब दबाव को सहन कर सकते है. वह एक के बाद एक अर्धशतक लगा रहे है. सबसे अच्छी बाद कि ऋषभ पंत ने अपना आक्रामक अंदाज़ बदला नहीं है. अब तो लगता है जैसे वह गेम चेंजर और बहुत ख़तरनाक खिलाड़ी है."
ऋषभ पंत की आलोचनाओं को लेकर अयाज़ मेमन मानते हैं कि ऋषभ पंत अपने में ही मगन रहने वाले खिलाड़ी है. अब वह ग़लतियाँ ना करे तो अच्छा है. शायद वह पिछली ग़लतियों से सबक ले चुके हैं. अपने पर ध्यान दे रहे हैं.
अयाज़ मेमन ऋषभ पंत को लेकर भारत के कोच रवि शास्त्री से हुई बातचीत का हवाला देकर कहते हैं कि उन्हें कभी भी ऋषभ पंत की बल्लेबाज़ी पर शक नहीं रहा. उन्हें बस अपनी विकेटकीपिंग को सुधारना था और अपना वज़न भी कम करना था. ऋषभ पंत ने इन दोनों बातों पर काम किया और नतीजे में इनके रिफ्लैक्सिस सुधर गए जिसका फ़ायदा उन्हें अपनी बल्लेबाज़ी में मिला.
वाशिंगटन सुंदर को लेकर अयाज़ मेमन मानते हैं कि उनकी बल्लेबाज़ी देखकर अब यह पता चल गया है कि वह बल्लेबाज़ आलराउंडर है ना कि गेंदबाजी आलराउंडर.
वो कहते हैं," नम्बर छह सात पर आकर इतनी शानदार बल्लेबाज़ी करना आसान नहीं है. वैसे भी उनका रिकार्ड बताता है कि घरेलू स्तर पर वह पहले ओपनिंग बैट्समैन ही थे, उन्होंने बाद में स्पिन गेंदबाज़ी करनी शुरू की. वह परम्परागत शैली के ही बल्लेबाज़ लगते है. उनमें विकेट पर टिकने का बहुत धैर्य है."
अक्सर सवाल उठता है कि उनकी जगह केएल राहुल को टीम में जगह मिलनी चाहिए. इसे लेकर अयाज़ मेमन मानते हैं कि टीम का बैलेंस बनाने के लिए केएल राहुल की जगह वाशिंगटन सुंदर को टीम में जगह दी गई है क्योंकि समय पड़ने पर वाशिंगटन सुंदर दस बारह ओवर भी कर सकते है.
उनके मुताबिक़, "केएल राहुल के टीम में आने से गेंदबाज़ी संतुलन बिगड़ जाएगा क्योंकि तब नम्बर सात तक बल्लेबाज़ होंगे. इसका ख़ामियाज़ा उसी तरह भुगतना पड़ सकता है जैसे इंग्लैंड इस टेस्ट मैच में भुगत रहा है. एंडरसन, स्टोक्स और लीच की मेहनत पर बैस की कमज़ोर गेंदबाज़ी ने पानी फेर दिया."
अब इस मैच के रूख को लेकर अयाज़ मेमन मानते हैं फ़िलहाल भारत बहुत मज़बूत स्थिति में पहुँच चुका है. ऐसा नहीं है कि इंग्लैंड चमत्कार करते हुए वापसी ना कर सके लेकिन इसके लिए उसे बहुत अच्छी बल्लेबाज़ी करनी होगी और चौथी पारी के लिए भारत के सामने मुश्किल लक्ष्य रखना होगा. लेकिन आर अश्विन और अक्षर पटेल के अलावा वाशिंगटन सुंदर जैसे गेंदबाज़ों के सामने इंग्लैंड के लिए ऐसा करना आसान नहीं होगा.
भारत की इस अच्छी स्थिति का श्रेय पंत और वाशिंगटन की सुंदर जोड़ी को जाता है.

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