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कायले मेयर्स: टेस्ट क्रिकेट की नयी सनसनी, नॉटआउट 210 रन बनाकर दिलाई हैरतअंगेज़ जीत
पहला टेस्ट, चिट्टागांव (पांचवां दिन)
बांग्लादेश- 430 रन (मेहदी हसन-103, वारिकन- 133/4), एवं 223-8 पारी समाप्त घोषित (मोमिनुल 115, वारिकन- 57/3)
वेस्ट इंडीज़- 259 (ब्रेथवेट 76, मेहदी हसन -58/4) एवं 395-7 (मेयर्स- 210 नॉट आउट, बोन्नर 86)
टेस्ट मैचों में डेब्यू कर रहे कायले मेयर्स की धमाकेदार नॉटआउट 210 रनों की पारी के चलते वेस्ट इंडीज़ ने एक रोमांचक मुक़ाबले में बांग्लादेश को तीन विकेट से हरा दिया.
वेस्ट इंडीज़ ने सात विकेट के नुक़सान पर 395 रन बनाकर जब ये मैच जीता तब मैच ख़त्म होने में महज़ 15 गेंद फेंकी जानी बाक़ी थी.
ये जीत टेस्ट इतिहास की चौथी पारी में सबसे ज़्यादा रनों का पीछा करने के हिसाब से पांचवीं सबसे बड़ी जीत है.
ख़ास बात ये रही कि वेस्ट इंडीज़ की जीत में आधे से ज़्यादा रन मेयर्स के बल्ले से आए.
मेयर्स ने इस दौरान चौथे विकेट के लिए टीम के लिए डेब्यू कर रहे नकरुमाह बोन्नर के साथ 216 रन जोड़े.
बोन्नर 86 रनों पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए लेकिन मेयर्स ने आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करते हुए टीम को ज़ोरदार जीत दिलाई.
'हमेशा पॉज़िटिव था, अपनी क्षमता पर भरोसा था'
मेयर्स ने अपनी पारी में 310 गेंदों का सामना किया और 20 चौके और सात छक्कों की मदद नॉट आउट 210 रन बटोरे.
उनकी इस पारी को आधुनिक क्रिकेट की सबसे बेहतरीन पारी में गिना जा रहा है.
28 साल के मेयर्स बारबेडास के बाएं हाथ के बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने इस टेस्ट मैच से पहले अब तक महज़ 32 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं. इन 32 मैचों में भी उनका औसत सामान्य ही रहा है. उन्होंने 2018 में खेल से दो साल का ब्रेक ले लिया था और पिछले ही साल उन्होंने वापसी की थी.
लेकिन अपनी क्षमता पर उन्हें कभी संदेह नहीं रहा. मैच के बाद उन्होंने कहा, "मैं हमेशा पॉज़िटिव था, मुझे अपनी क्षमता पर भरोसा भी था. मुझे भरोसा था कि हम यहां तक पहुंच सकते हैं. हमने कभी हार नहीं मानी, संघर्ष जारी रखा."
उनकी पारी को करिश्माई पारी माना जा रहा है. वेस्ट इंडीज़ के कमेंटेटर फ़ज़ीर मोहम्मद ने इसे जादुई कहानियों वाली पारी बताया. उन्होंने तब ये पारी खेली है जब टीम के अधिकांश सीनियर खिलाड़ी कोविड संक्रमण की चिंताओं के चलते इस दौरे से अनुपस्थित हैं.
यही वजह है कि इस मैच में मेयर्स, बोनर और बल्लेबाज़ शायने मोसले ने अपना अपना टेस्ट डेब्यू किया है.
फ़ज़ीर मोहम्मद ने बीबीसी क्रिकेट सोशल से कहा, "अगर दौर के बहुत सारे खिलाड़ी उपलब्ध होते तो इन खिलाड़ियों को डेब्यू करने का मौका ही नहीं मिलता. मेयर्स ने पहली पारी में 40 रन बनाए थे, उनकी पहली पारी में भी साफ़ ज़ाहिर हो रहा था कि कोई पॉज़िटिव खिलाड़ी टीम को मिला है. ऐसा बल्लेबाज़ जो ख़राब गेंद को छोड़ता नहीं."
वैसे अपनी इस तूफ़ानी पारी के साथ ही मेयर्स टेस्ट क्रिकेट की चौथी पारी में दोहरा शतक बनाने वाले क्रिकेट इतिहास के महज़ छठे खिलाड़ी बने हैं. वहीं डेब्यू टेस्ट में दोहरा शतक बनाने का कारनामा भी उनसे पहले महज़ पांच बल्लेबाज़ों के नाम रहा है.
डेब्यू टेस्ट की दूसरी पारी में सबसे ज़्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड
इतना ही नहीं डेब्यू टेस्ट की दूसरी पारी में सबसे ज़्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अब मेयर्स के नाम है, वहीं चौथी पारी में जीत के लिए सबसे ज़्यादा व्यक्तिगत रन बनाने के हिसाब से वे दूसरे पायदान पर हैं. उनसे पहले वेस्ट इंडीज़ के ही गॉर्डेन ग्रीनीज ने लॉर्ड्स में 1984 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ नाबाद 214 रन ठोके थे.
चौथी पारी में जीत के लिए 395 रन का स्कोर 2008 के बाद लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी जीत है, वहीं एशियाई पिचों पर रनों का पीछा करने के लिहाज़ से ये सबसे बड़े लक्ष्य पर हासिल की गई जीत है.
वेस्ट इंडीज़ ने मैच के अंतिम दिन तीन विकेट पर 110 रनों से पारी को आगे बढ़ाया, तब शायद ही किसी को टीम की जीत की उम्मीद थी.
लेकिन मेयर्स ने गेंद को मैदान के प्रत्येक कोने में पहुंचाने का सिलसिला जारी रखा. बोन्नर ने उनका बखूबी साथ दिया. दिन के पहले दो सत्रों में बांग्लादेशी गेंदबाज़ों को कोई कामयाबी नहीं मिली.
मैच की दूसरी पारी में जांघ में इंजरी के चलते साकिब अल हसन स्पिन गेंदबाज़ी के लिए उपलब्ध नहीं थे. वे दूसरी पारी में बल्लेबाज़ी भी नहीं कर पाए थे, लेकिन टीम को उनकी गेंदबाज़ी की कमी खली. ताइजुल इस्लाम ने चाय के बाद पहले ओवर में बोन्नर का विकेट झटक टीम को कामयाबी दिलाई. इसके बाद नईम हसन ने जर्मेन ब्लैकवुड को नौ रनों पर पवेलियन भेज दिया. इस विकेट के बाद मैच रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया था.
लेकिन इसके बाद विकेटकीपर जोसुआ डि सिल्वा ने मेयर्स का साथ दिया. मेयर्स ने दूसरे छोर पर तूफ़ानी बल्लेबाज़ी का सिलसिला जारी रखा.
उन्होंने बाएं हाथ के स्पिनर ताइजुल की गेंद पर छक्के साथ अपना दोहरा शतक पूरा किया.
इसके बाद ताइजुल ने डि सिल्वा को बोल्ड कर दिया. डि सिल्वा ने 59 गेंदों पर 20 रन बनाए. इसके केमार रोच खाता खोले बिना आउट हो गए.
लेकिन मेयर्स ने दूसरी छोर पर टीम को एतिहासिक जीत दिलाकर ही दम लिया.
वेस्ट इंडीज़ के शानदार प्रदर्शन के बावजूद बांग्लादेश की टीम इस मुक़ाबले में डिसिजन रिव्यू सिस्टम का बेहतर इस्तेमाल नहीं कर सकी, मेयर्स और बोन्नर की साझेदारी के दौरान भी टीम ने भी कई मौके गंवाए.
मेयर्स जब 47 रन पर खेल रहे थे तब ताइजुल की गेंद उनके पैड पर टकरायी थी, बोन्नर के ख़िलाफ़ भी इसके तुरंत बाद नईम की गेंद पर एलबीडब्ल्यू की अपील हुई थी. बांग्लादेशी कप्तानी मोमिनुल हक ने दोनों बार डीआरएस नहीं लिया, बाद में रिप्ले से ज़ाहिर हुआ कि दोनों बार बल्लेबाज़ आउट थे. इसके अलावा जब मेयर्स 49 रन पर थे तब मेहदी हसन की गेंद पर नजमुल होसेन शंटो ने पहली स्लिप में उनका कैच टपका दिया था. मेयर्स ने बाद उनके हाथों से टेस्ट छीन लिया.
सिरीज़ का दूसरा और निर्णायक मुक़ाबला गुरुवार से मीरपुर में शुरू होगा.
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