पाकिस्तानी गेंदबाज़ मोहम्मद आमिर ने लिया संन्यास, पीसीबी पर लगाए ‘मानसिक प्रताड़ना’ के आरोप

इमेज स्रोत, Mohammed Amir/Facebook
पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद आमिर ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया है. उन्होंने टीम के सीनियर मैनेजमेंट पर ख़ुद को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है.
आमिर साल 2019 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं.
अपनी हताशा को ज़ाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह उनके साथ बोर्ड ने बर्ताव किया और जब न्यूज़ीलैंड में होने वाली सीरिज़ के लिए गठित की गई 35 लोगों की टीम में जगह नहीं मिली तो इससे उन्हें झटका लगा.
एक रिपोर्टर से बात करते हुए आमिर ने कहा, "मैं क्रिकेट से दूर नहीं जा रहा हूँ. मुझे क्रिकेट से दूर किया जा रहा है. आप सभी को दिख रहा है, कैसा माहौल बनाया जा रहा है. मुझे उसी वक़्त वेक-अप कॉल मिल गई थी जब मेरा नाम 35 लड़कों की टीम में शामिल नहीं किया गया था."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
उन्होंने कहा, "जो महौल बन चुका है मुझे नहीं लगता कि इस मैनेजमेंट के अंडर में मैं क्रिकेट खेल सकता हूं. मैं क्रिकेट छोड़ रहा हूँ क्योंकि जिस तरह से मुझे मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है मुझे नहीं लगता कि ये प्रताड़ना मैं और झेल सकता हूँ. 2010 से लेकर 2015 तक मैंने बहुत टॉर्चर झेला है. मैंने ग़लती की थी और सज़ा भी भुगती."

इमेज स्रोत, Mohammed Amir
'मेरे निजी फ़ैसले को ग़लत तरीके से पेश किया'
मोहम्मद आमिर पर साल 2010 में स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगा था जिसके बाद उनके खेलने पर पाँच साल तक का प्रतिबंध लगा दिया गया था.
बैन के बाद उन्होंने फिर वापसी की और शानदार गेंदबाजी करते हुए पाकिस्तान की टीम को पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई.
आमिर साल उस पाकिस्तानी टीम का हिस्सा थे जिसने 2009 में टी-20 वर्ल्ड कप जीता था, इसके अलावा वो उस टीम में भी शामिल रहे, जिसने साल 2017 में चैंपियंस ट्रॉफ़ी जीती थी.
उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर आरोप लगाते हुए कहा कि "मैंने एक व्यक्तिगत फ़ैसला लिया और मुझे ऐसे पेश किया गया कि मैं अपने मुल्क़ के लिए नहीं खेलना चाहता. मुल्क के लिए कौन नहीं खेलना चाहता? मेरे फ़ैसले को लीग मैच के साथ जोड़ा गया."
उन्होंने कहा, "मेरा तो कमबैक ही लीग मैच से हुआ था अगर मुझे लीग मैच ही खेलना होता तो मैं नेशनल मैच के लिए उसी वक़्त ना आता लेकिन लेकर कभी बॉलिंग कोच कहते हैं कि आमिर ने धोखा दे दिया तो कभी कहते हैं ओवर वर्कलोड हो गया."
मोहम्मद आमिर ने पाकिस्तान के लिए 12 साल तक खेला जिसमें वह 36 टेस्ट, 61 वनडे और 50 टी20 मैच खेले और इस दौरान उन्होंने कुल मिलाकर 259 विकेट अपने नाम किए.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)














