हॉकी विश्वकपः विश्व नंबर तीन को हराते-हराते चूकी भारतीय टीम

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- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
जगहः भुवनेश्वर का कलिंगा स्टेडियम
टूर्नामेंटः विश्व कप हॉकी
मुकाबलाः पूल सी में मेज़बान भारतबनाम दुनिया की तीसरे नंबर की टीम बेल्जियम.
खेल का 56वां मिनट और तभी साइमन गोंगनार्ड का दनदनाता शॉट भारत के गोलकीपर पी श्रीजेश को छकाता हुआ गोलपोस्ट के भीतर जा समाया और इसी के साथ 2-1 से बढ़त बना चुकी भारतीय टीम और दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम से सन्नाटा छा गया. स्कोर 2-2 हो गया और आखिरकार मैच इसी स्कोर के साथ ड्रा रहा.
दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला. भारतीय टीम की अंतिम क्षणों में गोल खाने की पुरानी बीमारी एक बार फिर उभर आई.
अंतिम मिनट की बेकरारी
आखिरी मिनट में गोल खाने को लेकर हॉकी इंडिया के चयनकर्ता और पूर्व ओलंपियन हरबिंदर सिंह का मानना है कि इस कमी का ख़ामियाज़ा भारत पहले भी कई बार भुगत चुका है. दरअसल जो टीम पिछड़ रही होती है वह लगातार अटैक पर अटैक करती रहती है. ऐसे में गेंद को अपने हाफ़ से जितना दूर रखा जाए उतना ठीक है और इसमें भारत की कमी बार-बार उभर कर आती है.
वैसे रविवार के मुकाबले की बात करें तो शुरुआती दो क्वार्टर तक बेल्जियम छाया रहा. यहां तक कि उसने खेल के आठवें मिनट में ही एलेक्ज़ेंडर हैन्ड्रिक्स के गोल की बदौलत 1-0 की बढ़त भी हासिल कर ली. पैनल्टी कॉर्नर पर उनका शॉट गोलकीपर पी श्रीजेश की टांगों के बीच से निकलता हुआ गोल बॉक्स में समा गया.
इसके बाद मैच में भारत ने आक्रामक खेल दिखाने की रणनीति अपनाई जो रंग लाई. खेल के 39वें मिनट में भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिसे गोल में बदला हरमनप्रीत सिंह ने.
1-1 से बराबरी हासिल करने के बाद भारत को उस समय 2-1 की बढ़त मिल गई जब बेल्जियम की रक्षा पंक्ति को छकाते हुए सिमरनजीत सिंह ने गोल कर दिया. लेकिन अंतिम चार मिनट में गोल खाकर भारत ने जीती बाज़ी ड्रॉ में बदल डाली.

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पहले स्थान पर भारत
इस ड्रॉ के बावजूद भारत अभी भी अपने पूल सी में चार अंकों और बेहतर गोल औसत के आधार पर पहले स्थान पर है.
बेल्जियम चार अंक के साथ दूसरे स्थान पर है. पूल में शामिल कनाडा और दक्षिण अफ्रीका एक-एक अंक के साथ तीसरे और चौथे पायदान पर हैं.
इस विश्व कप के नियम के अनुसार चार पूल में बंटी 16 टीमों में से हर पूल के पहले नम्बर वाली टीम सीधे-सीधे क्वार्टर फ़ाइनल में जाएगी. दूसरे और तीसरे नम्बर की टीम क्रॉस ओवर खेलेगी.
क्वार्टर फ़ाइनल का मौका
अब भारत का समीकरण यह है कि उसे अपना आखिरी मुक़ाबला कनाडा से आठ दिसम्बर को खेलना है. इसी दिन बेल्जियम भी दक्षिण अफ्रीका से खेलेगा.
अगर भारत कनाडा को हरा देता है तो वह सात अंक और बेहतर गोल औसत के आधार पर सीधे-सीधे क्वार्टर फाइनल में पंहुचेगा. दूसरी तरफ अगर बेल्जियम भी जीता और उसका गोल अंतर भारत से अधिक रहा तो फिर वह पहले स्थान पर रहते हुए क्वार्टर फाइनल में पहुंचेगा.
वैसे रियो ओलंपिक में कनाडा ने भारत को ग्रुप मैच में 2-2 से बराबरी पर रोक दिया था. लिहाज़ा भारत को कनाडा से चौकन्ना रहने की ज़रूरत है.
इसके बावजूद भारत के पूर्व ओलंपियन और कोच के रूप में भारत को दो बार एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक दिला चुके एम के कौशिक का मानना है कि भारतीय टीम कनाडा को हराने का दमख़म रखती है.
लेकिन पेनल्टी कॉर्नर को गोल में ना बदल पाना भी भारत की कमी है. इसे लेकर वह थोड़ा चिंतित हैं.

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एमके कौशिक मानते हैं कि भारतीय टीम बेहद युवा है. यह उसकी ताक़त है. अनुभवी गोलकीपर पी श्रीजेश टीम की ताक़त है. टीम की तैयारी सही है. बस देखना है कि बड़ी टीमों के ख़िलाफ़ वह कैसा प्रदर्शन कर पाते हैं.
अब इंतज़ार है आठ दिसम्बर का जब तय होगा कि भारत या बेल्जियम कौन सीधे-सीधे क्वार्टर फ़ाइनल में जाकर तमाम तरह के अगर-मगर से पार पाता है.
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