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कौन हैं मैच फिक्सिंग में 5 साल का बैन झेलने वाले ख़ालिद लतीफ़?
पाकिस्तान के एक और क्रिकेटर पर मैच फिक्सिंग में शामिल होने के चलते प्रतिबंध लगाया गया है.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने सलामी बल्लेबाज़ ख़ालिद लतीफ़ पर पांच साल का बैन लगाया है. उन पर पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में मैच फिक्सिंग में शामिल होने का आरोप है.
पीसीबी की एंटी-करप्शन ट्रिब्यूनल ने लतीफ़ पर 10 हजार डॉलर का जुर्माना भी लगाया है. फरवरी में दुबई में हुए पीएसएल टी20 लीग में पाकिस्तान के कई खिलाड़ियों पर मैच फिक्सिंग के आरोप लगे थे.
लतीफ़ का क्रिकेट का सफर
ख़ालिद लतीफ़ ने पाकिस्तान की ओर से पांच अंतरराष्ट्रीय वनडे और 13 टी-20 मुकाबले खेले हैं. उन्होंने अपना आखिरी मैच सितंबर 2016 में वेस्ट इंडीज के ख़िलाफ़ खेला था. इस मैच में उन्होंने 21 रनों की पारी खेली थी.
लतीफ़ ने महज 15 साल की उम्र में अपना पहला प्रथम श्रेणी मैच खेला था. घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन का इनाम उन्हें राष्ट्रीय टीम में चयन के रूप में मिला.
हालांकि लतीफ़ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुछ ख़ास कमाल नहीं कर सके. उन्होंने 30 जनवरी 2008 को ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ अपना पहला मुकाबला खेला. इस मैच में उन्होंने 62 गेंदों में 19 रन बनाए.
लतीफ़ ने कुल 5 वनडे मैचों में 147 रन बनाए, जिसमें उनका सर्वाधिक स्कोर 64 रन रहा. वहीं 13 टी-20 मुकाबलों में लतीफ़ ने 237 रन बनाए हैं.
कैसे हुई मैच फिक्सिंग ?
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने ख़ालिद लतीफ़ और शरजील ख़ान को पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) के एक मैच में स्पॉट फिक्सिंग का आरोपी पाया था.
जिस मैच में स्पॉट फिक्सिंग के सबूत पाए गए वह मुकाबला इस्लामाबाद यूनाइटेड और पेशावर ज़ल्मी की टीमों के बीच दुबई में खेला गया था.
पीसीबी के अनुसार शरजील और लतीफ कथित रूप से एक बुकी के संपर्क में आए और फिर उसके साथ उन्होंने स्पॉट फिक्सिंग की डील तय की.
शरजील जो कि काफी आक्रामक बल्लेबाजी करते हैं, उन्होंने इस मैच के पहले ओवर के बाद दो डॉट गेंदे खेलीं. बोर्ड के अनुसार, ये डॉट गेंदे स्पॉट फिक्सिंग का ही हिस्सा थीं.
लतीफ़ ने हालांकि यह मैच नहीं खेला था, लेकिन उन पर साथी खिलाड़ी को स्पॉट फिक्सिंग के लिए उकसाने का आरोप लगा.
किस-किस पर लगे हैं आरोप?
पाकिस्तानी टीम के चार अन्य खिलाड़ियों पर पीएसएल के दौरान मैच फिक्स करने के आरोप लगे हैं. इनमें मोहम्म्द इरफान, शाहज़ेब हसन, नासिर जमशेद और मोहम्मद नवाज़ शामिल हैं.
इरफान और नवाज़ ने यह कबूल किया था कि वे बुकी के संपर्क में तो आए और उन्होंने इसकी शिकायत बोर्ड में नहीं की थी. इरफान पर एक साल का प्रतिबंध लगाया गया था वहीं नवाज़ पर दो महीने का प्रतिबंध लगा था. हसन और जमशेद का मामला अभी चल रहा है.
पीसीबी के वकील तसज़ीज रिज़वी ने बीबीसी को बताया कि लतीफ़ पर पांच साल का बैन लगाया गया है और उन्हें यह पूरा करना होगा.
क्या है लतीफ़ का पक्ष?
लतीफ़ पर यह प्रतिबंध 10 फरवरी 2017 से माना जाएगा. इसी दिन उन्हें मैच फिक्सिंग के आरोप में पाकिस्तानी टीम से निलंबित किया गया था.
वहीं दूसरी तरफ लतीफ़ के वकील बद्री आलम लगातार इस प्रतिबंध पर विरोध दर्ज करवा रहे हैं. उन्होंने ट्रिब्यूनल के ख़िलाफ़ लाहौर हाईकोर्ट में अपील भी दर्ज की थी लेकिन वहां से उन्हें निराशा हाथ लगी.
लतीफ़ और उनके वकील ने ट्रिब्यूनल की कार्रवाई में भी हिस्सा नहीं लिया. आलम ने ट्रिब्यूनल पर एकतरफा फैसला सुनाने का आरोप लगाया है.
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