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बजट 2022: निर्मला सीतारमण के बजट पर नेता, आम लोग क्या बोले
परंपरा में बदलाव, पेपरलेस बजट, सबसे छोटा भाषण देने सहित कई रिकॉर्ड बनाने के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में अपना चौथा आम बजट पेश किया. इस बजट में डिजिटल करेंसी, पोस्ट ऑफिस को कोर बैंकिंग से जोड़ने, विदेश यात्रा सुगम बनाने के लिए ई-पासपोर्ट सेवा शुरू करने जैसी कई अहम और बड़ी घोषणाएं हुईं.
आम आदमी यानी मिडिल क्लास की उम्मीदें हर बार की तरह इस बार भी टैक्स में राहत मिलने से ही जुड़ी थीं. बजट 2022-23 में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसके बाद से सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी पीड़ा ज़ाहिर करनी शुरू कर दी है और मीम्स की बाढ़ आ गई है. वहीं, केंद्रीय मंत्री और नेता इसे आत्मनिर्भर भारत का बजट बता रहे हैं. जानिए, कौन-क्या कह रहा है...
स्मृति ईरानी ने दी पीएम को बधाई
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भविष्य को ध्यान में रखकर बनाए गए इस बजट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी है. उन्होंने ट्वीट किया, "भारत के अमृतकाल में आत्मनिर्भर भारत का बजट पेश करने के लिए पीएम मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी को बधाई. मल्टी मॉडल इन्फ्ऱा और निवेश के नए रास्तों पर ज़ोर से भारत उभरती वैश्विक अर्थव्यवस्था के केंद्र में आ सकेगा."
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी बजट की तारीफ़ करते हुए ट्वीट किया, "वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 2022-23 का बेहतरीन बजट पेश करने के लिए बधाई. यह एक ऐसा बजट है जो मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन देगा, मांग में बढ़ोतरी करेगा और एक मज़बूत, समृद्ध और आत्मविश्वास से परिपूर्ण भारत का निर्माण करेगा."
बजट में पूर्वोत्तर के विकास के लिए 1500 करोड़ रुपये के आवंटन को लेकर केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने ट्वीट किया, "पूर्वोत्तर के लिए पीएम की नई विकास योजना को नॉर्थ-ईस्ट काउंसिल के ज़रिए लागू किया जाएगा. इस राशि का इस्तेमाल पूर्वोत्तर की ज़रूरतों के हिसाब से सामाजाकि विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढ़ांचे से जुड़े प्रॉजेक्ट के लिए किया जाएगा. "
आम लोग कर रहे बजट की तारीफ़
कुछ ट्विटर यूज़र्स ने इस बजट के फ़ायदे भी गिनाए हैं. ट्विटर पर ऋषि बागरी कहते हैं कि अधिकतर लोगों में यह डर था कि सरकार डायरेक्ट टैक्स में बढ़ोतरी कर सकती है लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ऋषि बागरी ने एक अन्य ट्वीट में यह लिखा कि इस बजट से ग़रीबों के लिए 80 लाख मकान, 25 हज़ार किलोमीटर राज्यमार्ग, 2000 किलोमीटर का रेल नेटवर्क और नौकरियों के अवसर देने की कोशिश की गई है.
बजट में ऐलान किया गया है कि अगले तीन सालों में 400 वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण किया जाएगा. इसकी तारीफृ करते हुए एक ट्विटर यूज़र लिखते हैं, "अगर यह सच में होता है तो भारतीय रेलवे के लिए क्रांतिकारी बदलाव साबित होगा."
इनकम टैक्स स्लैब जस का तस रहने पर छलका दर्द
इन हैंड सैलरी का हाल देख लीजिए
इस बार नहीं मिली गुड न्यूज़
इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव न होने से दुखी यूज़र ने बजट को ही बक़वास बता दिया.
अस्पतालों के लंबे बिल से डरकर एक यूज़र ने मिडिल क्लास को ग़रीबी से सिर्फ़ एक कृदम दूर बताया.
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