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मोदी सरकार 2.0 का एक साल पूरा: क्या हैं ख़ूबियां, क्या हैं ख़ामियां?
30 मई 2019 को नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. मोदी सरकार शनिवार को अपने दूसरे कार्यकाल की पहली सालगिरह मनाएगी.
बीजेपी ने मोदी सरकार-2 के एक साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए कई तैयारियां भी की हैं. इनमें वर्चुअल रैलियों से लेकर आम नागरिकों के घर तक पीएम मोदी के लिखे ख़त पहुंचाना भी शामिल है.
एक तरफ़ कोरोना की मार, पलायन का दर्द और दूसरी तरफ़ पहली सालगिरह का जश्न. इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं हैं.
बीबीसी हिंदी ने भी सोशल मीडिया पर अपने पाठकों से मोदी सरकार की पहली सालगिरह को लेकर दो सवाल किए.
पहला सवाल था कि दूसरे कार्यकाल में मोदी सरकार ने कौन से मुद्दे बहुत अच्छे से सुलझाए. दूसरे सवाल में हमने पूछा कि मोदी सरकार किन मुद्दों को सुलझाने में फ़ेल रही.
इन दोनों सवालों पर हमें सैकड़ों प्रतिक्रियाएं मिलीं. आइए आपको बताते हैं कि आम लोगों की नज़र में मोदी सरकार 2.0 में क्या हैं खूबियां और क्या हैं कमियां?
मोदी सरकार 2.0: ये हैं ख़ूबियां...
आयुष सिंह लिखते हैं, ''अनुच्छेद 370 को हटाना, यूएपीए क़ानून को लाना, राम मंदिर फ़ैसला और कोरोना से लड़ने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज सरकार के अच्छे फ़ैसले रहे.''
राजीव कुमार ने लिखा, ''हम नागरिकों ने म्यूज़िक का एक नया क्राफ़्ट सीखा. वो है थाली बजाना.''
मोहित शुक्ला लिखते हैं, ''मोदी सरकार-2 ने आडवाणी जी के मुद्दे को बहुत अच्छे से सुलझाया.''
राज मल्होत्रा ने लिखा, ''कश्मीर मुद्दा सुलझाने की दिशा में हम बढ़े हैं. लेकिन इसके नतीजे लंबे वक़्त बाद मिलेंगे.''
संतोष सिंह नेगी लिखते हैं, ''मोदी सरकार ने काफ़ी सारे मुद्दे सुलझाए. समान नागरिक संहिता, एनआरसी और एनपीआर पर काम चल रहा है. जल्द ही ये भी लागू हो जाएगा.''
महेश चंद्र ने लिखा, ''इस सरकार में सब अच्छा है. 100 फ़ीसदी झक्कास.''
अविनाश कुमार लिखते हैं, ''काला धन का मुद्दा इतने अच्छे से सुलझाया कि किसी ने पूछा ही नहीं.''
राजीव कुमार ने लिखा, ''सनातन की खोई प्रतिष्ठा लौटाई.''
इंस्टाग्राम पर साधना ने लिखा, ''सबसे पहले तो इस सरकार ने मज़दूरों को ये सिखाया कि पैदल कैसे चला जाए?''
मोदी सरकार 2.0: ये हैं कमियां...
नसीर चौहान लिखते हैं, ''सबसे अहम मुद्दा है रोटी, कपड़ा, मकान और रोज़गार. सरकार इन सारे मुद्दों को सुलझाने में फ़ेल रही है.''
पायल लिखती हैं, ''मोदी जी की टीम सही नहीं है. वो लोग बहुत ज़्यादा हिंदू मुस्लिम में उलझ गए हैं.''
विशाल ने लिखा, ''धारा 370, राम मंदिर और सीमा सुरक्षा को छोड़ दें तो सरकार हर मुद्दे पर फ़ेल हुई है.''
आशीष बाजपेई लिखते हैं, ''बेरोज़गारी, नौकरियां, व्यापार, समाजिक जीवन और सौहार्द. हर मुद्दे पर सरकार फ़ेल हुई है. मैं कई पन्ने लिख सकता हूं लेकिन कोई मतलब नहीं है.''
सुधीर कुमार ने लिखा, ''देश के बुनियादी विकास में सरकार फेल साबित हुई है.''
इंस्टाग्राम पर संदीप कुमार लिखते हैं, ''जुमलेबाज़ी को छोड़ दिया जाए तो सरकार हर मोर्चे पर फ़ेल रही है.''
अयान ने लिखा, ''ख़ुद की पब्लिसिटी को छोड़कर सरकार फ़ेल ही रही है.''
प्रदीप कुमार लिखते हैं, ''जो लोग मोदी सरकार को फ़ेल बता रहे हैं, उन्हें मुफ़्त की कमाई नहीं मिली या फिर ये लोग कांग्रेस में जॉब हथियाकर बैठे हुए हैं.''
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