सोनू सूद कोरोना लॉकडाउन में प्रवासी मज़दूरों के 'भगवान' कैसे बन गए?

सोनू सूद

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'सोनू सूद सर प्लीज़ हेल्प. ईस्ट यूपी में कहीं भी भेज दो सर. वहां से पैदल अपने गांव चले जाएंगे.'

'पैदल क्यों जाओगे दोस्त? नबंर भेजो.'

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पिछले कई दिनों से बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद लॉकडाउन की वजह से फँसे मज़दूरों को घर पहुंचाने में उनकी हरसंभव मदद कर रहे हैं. वो उनके लिए बसों से लेकर खाने-पीने की चीज़ों तक का इंतज़ाम कर रहे हैं.

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सोनू सूद के इस कदम की वजह से हर ओर उनकी तारीफ़ें हो रही हैं और ट्विटर पर #SonuSood सबसे ऊपर ट्रेंड कर रहा है. लोग उन्हें 'लॉकडाउन का हीरो' बता रहे हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई को कुछ दिनों पहले दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि उनसे मज़दूरों का दुख देखा नहीं जा रहा है और वो उन्हें घर पहुंचाने के लिए पूरी कोशिश करेंगे.

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कोरोना संकट के बीच जारी लॉकडाउन की वजह से हज़ारों प्रवासी मज़दूर देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे हुए हैं.

लॉकडाउन के पहले चरण के ऐलान के बाद से ही अंतरराज्यीय और रेल सेवाएं बंद कर दी गई थीं. इसकी वजह से बड़ी संख्या में मज़दूर पैदल ही अपने घरों को जाने से के लिए मजबूर हो गए थे.

ऐसी संकट की घड़ी में सोनू सूद मज़दूरों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरे हैं.उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से ख़ास अनुमति लेकर प्रवासी मज़दूरों को घर पहुंचाने के लिए कई बसों का इंतज़ाम करवाया. इससे पहले उन्होंने कर्नाटक के कई मज़दूरों को घर पहुंचाने के लिए बसों का इंतज़ाम कराया था.

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उन्होंने कहा, "ये मेरे लिए एक बेहद भावुक सफ़र रहा है. सड़कों पर पैदल चलकर अपने घर जाते मज़दूरों को देखकर मुझे बहुत कष्ट होता है. मैं तब तक उन्हें घर पहुंचाने में मदद करता रहूंगा जब तक आख़िरी मज़दूर अपने परिवार से न मिल जाए."

46 वर्षीय सोनू सूद ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और कर्नाटक जैसे राज्यों के मज़दूरों को उनके घर पहुंचाने में मदद की है.

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इससे पहले उन्होंने पंजाब के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 1,500 पीपीई किट भी दान किया था. इतना ही नहीं उन्होंने मुंबई का अपना होटल स्वास्थ्यकर्मियों को रहने के लिए भी दिया है.

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सोनू सूद रमज़ान के महीने में भिवंडी इलाके में हज़ारों ग़रीबों और प्रवासी मज़दूरों को खाना भी खिला रहे हैं.

उनकी एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वो नारियल फोड़कर मज़दूरों को बस से विदा करते नज़र आ रहे हैं.

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उनकी यह दरियादिली पूरे ट्विटर और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर छाई हुई है. लोग उनकी तारीफ़ में पोस्ट कर रहे हैं, मीम्स और तस्वीरें शेयर कर रहे हैं.

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लोग कह रहे हैं कि कोरोना वायरस की वैक्सीन का तो पता नहीं मगर सोनू सूद ने हज़ारों प्रवासी मज़दूरों के लिए वैक्सीन का काम किया है.

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ट्विटर यूज़र्स ये भी कह रहे हैं कि फ़िल्मों में अमूमन खलनायक की भूमिका निभाने वाले सूद असल ज़िंदगी में हीरो हैं.

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मनीष ने लिखा है, "इस वक़्त सोनू सूद सबसे अच्छे केंद्र और राज्य सरकार हैं."

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इतना ही नहीं, लोग उन्हें 'भगवान' तक बता रहे हैं और महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी कर रहे हैं.

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मशहूर शेफ़ विकास खन्ना ने बी सोनू सूद के नेक कामों के लिए उनका शुक्रिया अदा किया है और उनके सम्मान में एक डिश बनाई है.

उन्हों ट्वीट किया, ''सोनू सूद, आप हमें रोज़ प्रेरित करते हैं. इस वक़्त मैं आपके काम के सम्मान में कुछ बनाकर आपको खिला नहीं सकता लेकिन मैं अपनी एक नई डिश आपको भेज रहा हूं. इस डिश का नाम मैंने मोगा रखा है.'' सोनू सूद पंजाब के मोगा ज़िले से ताल्लुक रखते हैं.

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