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#MothersDay: 'मां की गाली देने के लिए, मां पर ग़ुस्सा करने के लिए माफ़ी'-सोशल
मां को शुक्रिया कहने की अनगिनत वजहें हैं लेकिन उन्हें सॉरी बोलने या माफ़ी मांगने की वजहें भी कम नहीं हैं. हम सब, जाने-अंजाने में कभी न कभी मां का दिल दुखाते हैं, उन्हें ठेस पहुंचाते हैं और उन्हें कमतर समझते हैं.
आम तौर पर ये सब करने के बाद भी हम उनसे माफ़ी नहीं मांगते. मां का दिल बड़ा होता है और वो हमें माफ़ भी कर देती हैं मगर ख़ुद अपनी ग़लती स्वीकार करने और आगे बढ़कर माफ़ी मांगने में क्या हर्ज है?
मांओं के साहित्यिक-सामाजिक महिमामंडन के बीच शायद हम भूल जाते हैं कि वो भी एक इंसान हैं और उनकी भी भावनाएं हैं. तो क्यों न मदर्स डे के मौके पर उनसे तहेदिल से माफ़ी मांगी जाए?
बीबीसी हिंदी ने अपने फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम हैंडल पर पाठकों से पूछा कि वो कौन सी बातें हैं, जिनके लिए वो मां को सॉरी कहना चाहते हैं?
इस सवाल के जवाब में ढेर सारी और अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आईं. कुछ पाठकों का जवाब भावुक कर देने वाले थे तो कुछ के सोचने पर मजबूर कर देने वाले.
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इन्हीं जवाबों में चुनिंदा जवाब हम आपके लिए छांटकर लाए हैं:
वशिष्ठ दुबे ने फ़ेसबुक पर लिखा, "यह मौक़ा देकर आपने तो रुला दिया बीबीसी. मां से किस बात पर माफ़ी मांगना चाहेंगे? आपके इस सवाल से ज़िंदगी की फ़िल्म रिवर्स होने लगी है. मेरी मां अब नहीं हैं. आपका सवाल चुभ रहा है. मैं शर्मिन्दा हूँ कि मैं मां से यह नहीं कह पाया कि मां मैं तुमसे प्रेम करता हूँ. मुझे लगता है कि मांओं से जब बच्चे यह कहना शुरू कर देंगे तो मांओं की उम्र बढ़ जाएगी."
अभिषेक जायसवाल ने लिखा, "जाने-अनजाने में हम लोग दूसरों को मां की गालियां दे देते हैं, जिसमें अधिकांशतः पुरुष होते हैं. मैं सभी माताओं से इसके लिए माफ़ी मांगता हूँ."
राम ने कमेंट किया, "जब तक मैं आपकी सेवा करने के लायक़ बना उसके बहुत पहले ही आप हमसे बिछड़ चुकी थीं."
अरीबा अली लिखती हैं, "वो ज़्यादा पढ़ी-लिखी नहीं हैं पर अम्मी को चीज़ों को जानना बड़ा अच्छा लगता है. वो अक्सर इंग्लिश के कुछ शब्द समझ नहीं पाती हैं, वो भी पूछ लेती हैं, जो उनके मतलब का नहीं होता. तो मैं जवाब देने की जगह उन पर चिल्लाने लगती हूं और वो कुछ ग़लत बोल दें तो उन्हें अक्सर गंदी तरह टोक देती हूं. कई बार तो वो अकेले में रोने लगती हैं, मेरी इस हरकत से. इसके लिए सॉरी बोलना है आपको अम्मी."
संतोष कुमार सुमन का कहना है कि "कुछ माएं पढ़ी-लिखी नहीं होतीं और बच्चे पढ़-लिख जाते हैं तो कुछ बातें अनसुनी कर देते हैं. ऐसा नहीं करना चाहिए."
अजय सिन्हा ने बहुत ही प्यारी माफ़ी मांगी है. उन्होंने लिखा है, "मां काश मैं आपके लिए साड़ी ले आया होता."
आदित्य भास्कर ने ट्विटर पर बहुत ही महत्वपूर्ण बात की ओर ध्यान दिलाया. उन्होंने कहा, "क्षमा मांगने से काम नहीं चलेगा. उनका ख़याल रखें और विनम्रता से पेश आएं."
इश्तियार ख़ान ने ट्विटर पर बताया है, "हमारे घर रोज़ाना चिकन पकता था. मैं ऊब गया था. एक दिन मैंने खाने की थाली फेंक दी थी. उस समय मुझे ज़रा सा अंदाज़ा नहीं हुआ कि मेरी अम्मी को कितना दुख हुआ होगा. आज जब ख़ुद पका के खाता हूँ तो मुझे वो बात याद आती है और बहुत ख़राब लगता है. मेरी अम्मी अब इस दुनिया में नहीं हैं. माफ़ करना अम्मी."
मेघना कहती हैं, "मैं अपनी मां का नज़रिया और असुरक्षा की भावना न समझ पाने के लिए उनसे माफ़ी मांगती हूं. ख़ुद मां बनने के बाद मुझे उनका नज़रिया अच्छी तरह समझ आता है. सॉरी मम्मी. मगर यक़ीन करिए, आज भी सिर्फ़ आप ही वो शख़्स हैं जिसके पास मैं कभी भी आ सकती हूं. लव यू."
मुस्कान पंडित ने इंस्टाग्राम पर कमेंट किया, "मेरी मां जब भी कहती थीं कि तुम्हें इंसानो की परख नही हैं तो मैं कहती थी कि मैं बड़ी हो गई हूँ. मुझे आपसे ज़्यादा परख है पर अफ़सोस की मैं ग़लत थी! और मेरी मां हमेशा की तरह सही. इन सारी चीज़ों के लिए सॉरी मां. हैप्पी मदर्स डे. लव यू."
प्रवेश झा कहते हैं, "वक़्त होने के बावजूद उसे सोशल मीडिया पर बर्बाद करने और तुम्हारे लिए टाइम न निकालने के लिए सॉरी मां. लेकिन यही चीज़ बार-बार होती है. सॉरी तो कह देते हैं लेकिन फिर यही करते हैं."
एक इंस्टाग्राम यूज़र ने लिखा है, "मेरी अम्मी को सिज़ोफ़्रीनिया है और पैसे न होने की वजह से मैं उनका इलाज अच्छे सायकाइट्रिस्ट से नहीं करा सकता. इसके लिए मैं उनसे तहे दिल से माफ़ी मांगता हूं."
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