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दिल्ली हिंसा: जाफ़राबाद, मौजपुर से भजनपुरा तक आग फैलने की पूरी कहानी
22 फरवरी. शनिवार रात दिल्ली के जाफ़राबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे कुछ औरतों के धरने पर बैठने की ख़बरें आईं.
सोशल मीडिया पर वायरल कई वीडियो में ये देखा जा सकता है कि बीच सड़क पर स्टेज लगाया जा रहा था. ये नागरिक़ता क़ानून के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों की भीड़ थी.
सड़कों पर ये भीड़ ऐसे वक़्त में उतर रही थी, जब भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने 23 फरवरी को भारत बंद बुलाया था.
22 फरवरी की रात कई जगहों पर नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ लोगों के जुटने की ख़बरें आईं. ये सारा जमावड़ा दिल्ली के यमुनापार इलाक़े में हो रहा था. क़रीब पांच किलोमीटर में फ़ैले इस क्षेत्र को आप कुछ यूं समझ सकते हैं.
दिल्ली के कश्मीरी गेट से सात किलोमीटर दूर सीलमपुर है. इसी से सटा है जाफ़राबाद. फिर आता है मौजपुर, जिसके बगल में है बाबरपुर. इसी सड़क से आगे बढ़ने पर आता है यमुना विहार और दाएं मुड़ने पर गोकलपुरी और बाएं मुड़ने पर क़रीब दो-तीन किलोमीटर की दूरी पर आता है भजनपुरा. ये सारे इलाक़े मिक्स आबादी वाले हैं. यहां हिंदू, मुसलमान और सिख रहते हैं.
22 फरवरी को इन इलाक़ों में जब लोग सड़क पर उतरे तो रास्ता बंद होने की वजह से आम लोगों को दिक़्क़तें होनी शुरू हो गईं. ट्रैफिक लगभग ठप हो गया.
23 फरवरी, दिन रविवार
रविवार सुबह से नागरिक़ता क़ानून के समर्थकों और आम लोगों की तरफ़ से रास्ता बंद किए जाने पर प्रतिक्रियाएं और आपत्ति ज़ाहिर की जाने लगीं.
इन लोगों का कहना था, ''दिल्ली में दूसरा शाहीन बाग़ नहीं बनने देंगे. बच्चों के बोर्ड एग्ज़ाम हैं, दिक़्क़तें हो रही हैं.''
हालांकि जाफ़राबाद के विरोध प्रदर्शन में बैठी औरतों ने अलग राय रखी.
इन औरतों ने बीबीसी संवाददाता भूमिका राय से फेसबुक लाइव में कहा, ''हम 45 दिनों से कुछ किलोमीटर पहले विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. लेकिन सरकार का कोई भी नुमाइंदा हमसे मिलने नहीं आ रहा था. जब तक हम सरकार पर प्रेशर नहीं बनाएंगे, तब तक सरकार पर प्रेशर नहीं आएगा. इसलिए हम लोग सड़कों पर उतरे हैं.''
जब रविवार की दोपहर को ये सब जाफ़राबाद में हो रहा था, ठीक तभी जाफ़राबाद से सटे मौजपुर में CAA समर्थकों की भीड़ जुटी. दोनों तरफ़ से पत्थरबाज़ी की ख़बरें आईं.
मौजपुर पहुंचने वालों में दिल्ली बीजेपी नेता कपिल मिश्रा भी रहे.
कुछ देर बाद कपिल मिश्रा ने एक वीडियो ट्वीट किया. इस वीडियो में कपिल पुलिस और आम लोगों के साथ खड़े थे.
कपिल वीडियो में कहते हैं, ''ये यही चाहते हैं कि दिल्ली में आग लगी रहे. इसीलिए इन्होंने ये रास्ते बंद किए. ये दंगे जैसा माहौल बना रहे हैं. हमारी तरफ़ से एक भी पत्थर नहीं चलाया गया. डीसीपी साहेब हमारे सामने खड़े हैं. आप सबके बिहाफ पर ये बात कह रहा हूं कि ट्रंप के जाने तक तो हम जा रहे हैं. लेकिन उसके बाद हम आपको भी नहीं सुनेंगे, अगर रास्ते खाली नहीं हुए. ठीक है? ट्रंप के जाने तक आप चांद बाग और जाफ़राबाद खाली करवा दीजिए, ऐसी आपसे विनती है. उसके बाद हमें लौटकर आना पड़ेगा. भारत माता की जय. वंदे मातरम.''
रविवार की शाम होते-होते कुछ जगहों पर पथराव की ख़बरें आईं. दोनों तरफ़ के लोगों की ओर से नारे लगाते वीडियोज़ सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने लगे.
रविवार रात यमुनापार इलाके में ट्रैकटर से पत्थरों को लाए जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे थे. हालांकि ये स्पष्ट नहीं था कि ये पत्थर क्यों जुटाए जा रहे थे.
24 फरवरी, सोमवार
सोमवार सुबह जब एक तरफ़ अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अहमदाबाद पहुंचने वाले थे. ठीक तभी दिल्ली के इन्हीं इलाकों से हिंसक झड़पों की ख़बरें आने लगीं.
ये झड़प मौजपुर से लेकर भजनपुरा के चांदबाग इलाक़े तक हो रही थी. सोमवार सुबह 11 बजे के क़रीब दिल्ली के भजनपुरा इलाक़े में उपद्रवियों ने पेट्रोल पंप के पास खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी.
अब हिंसा की आग जाफ़राबाद से लेकर भजनपुरा के लगभग ज़्यादातर इलाक़ों में फ़ैल चुकी थी. भजनपुरा चौक पर मौजूद मज़ार और दुकानों को आग लगा दी गई.
मौजपुर में भी हवा में पिस्तौल लहराता एक युवक नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों वाली सड़क से आता दिखा.
इस शख़्स की पहचान अब तक पुलिस ने आधिकारिक तौर पर ज़ाहिर नहीं की है.
सोमवार दोपहर बाद ख़बर आई कि हिंसा में एक पुलिसकर्मी रतन लाल और एक युवक की मौत हो गई.
जब ये सब हो रहा था, तब नेताओं की तरफ़ से भी प्रतिक्रियाएं आ रही थीं.
बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने शांति की अपील करते हुए ट्वीट किया, ''हिंसा किसी विवाद का हल नहीं है. दिल्ली का भाईचारा बना रहे इसी में सबकी भलाई है. CAA समर्थक हो या CAA विरोधी या कोई भी, हिंसा तुरंत बंद होनी चाहिए.''
दोपहर तीन बजे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर पर हिंसा की घटनाओं पर दुख ज़ाहिर किया और शांति की अपील की.
दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने भी ट्वीट किया कि दिल्ली पुलिस को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए हैं.
अरविंद केजरीवाल को सिर्फ़ ट्विटर पर सक्रिय रहने और सड़क पर लोगों की मदद के लिए न उतरने के चलते आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा.
सोमवार शाम होते-होते घायलों की संख्या बढ़ती गई और रात तक चार लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई.
फ़ोटो एजेंसियों की सोमवार दोपहर खींची तस्वीरें शाम होते-होते जारी होने लगी थीं. वाहनों, दुकानों में आग लगाने और पत्थरों से भरी सड़कें हैरान करने वाली थीं.
इन दोनों दिनों में पुलिस ने कुछ जगहों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठी चार्ज की ख़बरें भी आईं.
24 फरवरी की रात
कर्दमपुरी, गोकलपुरी और ब्रह्मपुरी इलाक़े में रातभर नारे लगाते लोगों की भीड़ सड़कों पर घूमती रही.
वायरल वीडियोज़ में ये भीड़ 'जय श्री राम' के नारे भी लगा रही थी और 'नारा-ए-तकबीर' और 'अल्लाह-हू-अकबर' के नारे भी लगा रही थी.
गोकलपुरी में टायर मार्केट की कई दुकानों में आग लगा दी गई. कुछ इलाक़ों की सड़कों पर जलती गाड़ियां साफ़ दिख रही थीं. जाफ़राबाद से सटे ब्रह्मपुरी में बिजली भी काटी गई थी.
बाबरपुर से विधायक गोपाल राय ने ट्वीट किया, ''बाबरपुर में चारों तरफ दहशत का माहौल बना हुआ है. दंगाई फायरिंग और आग लगाते घूम रहे हैं लेकिन पुलिस फोर्स नहीं है. मैं लगातार दिल्ली कमिश्नर से बात करने की कोशिश कर रहा हूँ. कमिश्नर फोन उठाने को राज़ी नहीं हैं. मेरा उप राज्यपाल अनिल बैजल साहब और गृहमंत्री जी से आग्रह है कि तुरंत पुलिस फोर्स लगाएं.''
सोमवार रात 10-11 बजे जब ये सब हो रहा था, ठीक तभी आम आदमी पार्टी के विधायक एलजी अनिल बैजल से मिलने पहुंचे.
इस वक़्त तक न्यूज़ एजेंसियों या आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर गृह मंत्री अमित शाह या पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ़ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी.
25 फरवरी, दिन मंगलवार
25 फरवरी तड़के तक कई जगह आग लगाए जाने की घटनाएँ हुईं.
नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के फायर ब्रिगेड विभाग के फायर डायरेक्टर ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि मंगलार सुबह तीन बजे तक 45 फायर कॉल्स आईं. तीन फायरकर्मी घायल हुए और एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी को आग लगाई गई.
दिल्ली पुलिस ने भी ये जानकारी दी कि रातभर हिंसा की घटनाओं पर लोगों के कॉल आते रहे.
मंगलवार सुबह जाफ़राबाद इलाक़े से सटे ब्रह्मपुरी में पथराव की तस्वीरें सामने आईं.
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और फिर शांति की अपील की. मंगलवार सुबह गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के बीच सुरक्षा क़ानून को लेकर बैठक हुई.
सीएम अरविंद केजरीवाल ने सभी दलों की बैठक के बाद मीडिया से कहा, ''हम सबने पार्टी पॉलिटिक्स से उठकर दिल्ली में शांति बहाल करने को लेकर बात की है.''
जब केजरीवाल ये कह रहे थे, तब मंगलवार दोपहर एक बजे दिल्ली के गोकलपुरी और भजनपुरा इलाक़े में भीड़ सड़कों पर है. नारे अब भी लगाए जा रहे हैं.
मंगलवार दोपहर ढाई बजे तक सात लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है.
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