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त्रिपुरा: वायरल वीडियो पर बीजेपी महिला मंत्री ने कहा, नहीं हुआ मेरा अपमान
त्रिपुरा के एक बीजेपी नेता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में एक महिला मंत्री को छूने और उनका अपमान करने का आरोप लगाया जा रहा है.
मामला 9 तारीख को अगरतला में हुई रैली का बताया जा रहा है जब मंच पर प्रधानमंत्री के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री बिप्लब देव भी मौजूद थे.
इस रैली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन रहा है जिसमें त्रिपुरा के मंत्री मनोज कांति देब एक अन्य मंत्री सांतना चकमा की कमर पर हाथ रखते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में सांतना उनका हाथ झटकती दिख रही हैं.
32 साल की सांतना चकमा त्रिपुरा की अकेली महिला विधायक हैं और विधानसभा चुनावों में वामपंथी नेता अरुण कुमार चकमा को हरा कर उत्तरी त्रिपुरा की सीट से जीती थीं.
सांतना प्रदेश की सामाजिक कल्याण मंत्री हैं. मनोज कांति देब युवा मामलों के मंत्री हैं और साथ ही खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग का कार्यभार भी देख रहे हैं.
कई स्थानीय अख़बारों और न्यूज़ चैनल ने रैली का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है.
इस वीडियो को लेकर विपक्ष के कई नेताओं ने भाजपा पर हमला बोला है और कहा है कि भाजपा की सरकार में बेटियां असुरक्षित हैं.
कम्युनिस्ट पार्टी ने मोदी से सवाल किया है कि मंत्री के ख़िलाफ़ कोई कदम क्या नहीं लिया जा रहा.
कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ी ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वूमन्स एसोशिएशन के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अगरतला में रैली निकाली और मंत्री के इस्तीफ़े की मांग की.
सिलचर, असम में सांसद और कांग्रेस नेता सुष्मिता देव ने ट्विटर पर लिखा "भाजपा से बेटी बचाओ."
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मांग की है "इस मामले में खुद प्रधानमंत्री मोदी प्रत्यक्षदर्शी हैं और उन्हें ये सुनिश्चित करना चाहिए कि मंत्री को तुरंत पार्टी से बर्खास्त किया जाए और उन पर मुकदमा चलाया जाए."
मंत्री की सफ़ाई
अख़बार द नॉर्थईस्ट टुडे के अनुसार मनोज कांति देब ने इसे अपने ख़िलाफ़ प्रोपोगांडा बताया है.
उनका कहना है कि "कार्यक्रम के दौरान वो मेरे आगे आ गई थीं. अगर मैंने उन्हें ग़लती से छू भी लिया तो इसके पीछे कोई ग़लत मंशा नहीं थी. मैं केवल उन्हें अपने आगे से हटाने की कोशिश कर रहा था."
हालांकि बाद में त्रिपुरा भाजपा के मीडिया प्रभारी विक्टर शोम ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को दिए एक साक्षात्कार में इस वीडियो को फर्जी बताया और कहा कि "ये हमारे मंत्री को बदनाम करने की कोशिश है."
उन्होंने कहा, "असल वीडियो में नेता मंच के एक कोने में दिखाई दे रहे हैं और प्रधानमंत्री के लिए रास्ता बना रहे हैं. जो कुछ हुआ वो अनजाने में हुआ."
महिला मंत्री का बयान
स्थानीय अख़बारों के अनुसार मंगलवार को सांतना चकमा ने एक बयान में कहा है कि सार्वजनिक तौर पर उनका अपमान करने के लिए वो कम्युनिस्ट पार्टी के ख़िलाफ़ कानून का दरवाज़ा खटखटा सकती हैं.
उन्होंने कहा कि "कम्युनिस्ट पार्टी के कुछ सदस्यों ने फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाया है कि मंत्री मेरी कमर रक हाथ रख रहे हैं. लेकिन मैं बता दूं कि इसमें ग़लत तरीके के छूने जैसा कुछ भी नहीं है."
अब तक इस मामले में भाजपा के किसी बड़े नेता या प्रधानमंत्री का बयान नहीं आया है.
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