सोशल: 'स्मृति ईरानी का नाम अब स्मृति हिंदुस्तानी होगा'!

सुनिए, सुनिए, सुनिए!

ध्यान से सुनिए!

अगर आप अपने नाम से नाख़ुश हैं, अगर आपको अपना नाम पसंद नहीं है तो आपके पास नाम बदलने का सुनहरा मौका है.

संपर्क कीजिए- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से.

जब से उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद शहर का नाम बदलकर प्रयागराज करने का फ़ैसला किया, ऐसे ही ढेरों कहकहे सोशल मीडिया पर घूम रहे हैं.

इंटरनेट पर मीम्स की बाढ़ सी आई हुई और हर कोई अपने हिसाब से सरकार के इस फ़ैसले पर हंस रहा है.

लोग #AajSeTumharaNaam लिखकर मीम्स और चुटकुले इंटरनेट पर शेयर कर रहे हैं.

कुछ ऐसे ही मज़ेदार मीम्स हम आपके लिए फ़ेसबुक, ट्विटर, वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम से चुनकर लाए हैं:

हिंदुस्तानी के नाम में 'ईरानी' क्यों हो भला?

क्रांतिकारी! बहुत क्रांतिकारी!!

नाम के लिए क्यों सोचना जब अपने योगी जी तैयार बैठे हैं!

और...ये हैरी पॉटर भी गया!

देश से छोड़कर चले गए तो क्या हुआ, नाम तो बदलकर रहेगा

डोनल्ड ट्रंप बने 'दोना पत्तल'!

इसी के साथ क्रिस गेल ने भी मंदिर बनाने का संकल्प लिया!

योगी ने ख़ुद को भी नहीं छोड़ा

इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज रखे जाने पर लोगों की राय बंटी हुई है. बीबीसी हिंदी ने जब 'कहासुनी' के ज़रिए अपने पाठकों से इस मसले पर उनकी राया जाननी चाही तब भी लोगों की अलग-अलग राय सामने आई.

कई लोग नाम बदलने से नाख़ुश नज़र आए तो कई योगी सरकार के इस फ़ैसले के समर्थन में भी दिखे.

मेहदी हसन नाम के यूज़र ने फ़ेसबुक पर लिखा, "नाम बदलने से इलाहाबाद न्यूयॉर्क सिटी नहीं हो जाएगा, न्यूयॉर्क सिटी बनाने के लिए विकास पर मेहनत की जाती है. नाम बदलने से कर्म नहीं बनते, कर्म करने से नाम बनते हैं."

चंद्रकांत साहू ने लिखा, "संस्कृति का पुनर्जागरण है, बहुत ही सार्थक क़दम. नाम बदलने से शहर वही रहेगा पर जिस पहचान के लिए वो जाना जाता है वो सार्थक होगा. योगी सरकार को बहुत-बहुत शुभकामनाएं.''

इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने के फ़ैसले ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी सुर्खियां बटोरीं.

ब्रिटेन के मशहूर अख़बार द इंडिपेंडेंट ने लिखा, ''इस बदलाव का मक़सद पुराने नाम को बहाल करना है. मुस्लिम शासक अकबर ने 1583 में प्रयाग का नाम बदलकर इलाहाबाद कर दिया था.''

वहीं, ब्रिटेन की ही दूसरे बड़े अख़बार द गार्डियन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, ''कट्टर हिन्दू राष्ट्रवादी योगी के नेतृत्व वाले उत्तर प्रदेश के एक शहर का मुस्लिम नाम बदलकर हिन्दू मान्यता से जुड़ा नाम रख दिया है. आदित्यनाथ प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और उन पर मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसा भड़काने का आरोप है.''

मंगलवार को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट ने यह फ़ैसला लिया था.

हालांकि प्रदेश की विपक्षी पार्टियां इस फ़ैसले का विरोध कर रही हैं. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जो भारत के इतिहास और परंपरा की समझ नहीं रखते हैं, वही इस फ़ैसले पर सवाल उठा रहे हैं.

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